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दिवाली पर घर जाना हुआ महंगा! 70% तक बढ़ा हवाई किराया, आखिर क्यों एयरलाइंस ने घटा दीं सीटें?

दिवाली पर घर जाने की तैयारी कर रहे लोगों को इस बार फ्लाइट टिकट के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। त्योहारों पर यात्रियों की मांग बढ़ने के बावजूद IndiGo और Air India जैसी बड़ी एयरलाइंस ने सीटों की संख्या घटा दी है। कुछ घरेलू रूट्स पर किराया 70% तक बढ़ने की खबर है। आखिर इसकी वजह क्या है?

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दिवाली पर फ्लाइट टिकट ने दिया झटका! हवाई किराया 70% तक महंगा।
दिवाली पर फ्लाइट टिकट ने दिया झटका! हवाई किराया 70% तक महंगा।

In Short

  • दिवाली पर कुछ रूट्स पर फ्लाइट किराया 70% तक महंगा।
  • IndiGo और Air India ने लाखों सीटों की कटौती की।
  • महंगे ईंधन और बढ़ती मांग से हवाई किराए पर दबाव।

दिवाली और त्योहारों के मौके पर घर जाने की तैयारी कर रहे लोगों को इस बार फ्लाइट टिकट के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं। आमतौर पर त्योहारों के दौरान यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए एयरलाइंस अपनी उड़ानों और सीटों की संख्या बढ़ाती हैं, लेकिन इस साल तस्वीर अलग है। देश की दो बड़ी एयरलाइंस IndiGo और Air India ने पिछले साल के मुकाबले अपनी सीटों की क्षमता घटा दी है। इससे बढ़ती मांग के बीच हवाई किराए पर दबाव बढ़ रहा है।

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IndiGo और Air India ने कितनी घटाईं सीटें?

एविएशन एनालिटिक्स फर्म OAG के आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर 2026 में IndiGo की कुल सीट क्षमता करीब 1.31 करोड़ है। यह पिछले साल के मुकाबले 0.2% यानी करीब 28,600 सीटें कम हैं।

वहीं, Air India ने अपनी सीट क्षमता में 12.6% की बड़ी कटौती की है। कंपनी के पास अक्टूबर में करीब 33 लाख सीटें हैं, जो पिछले साल से 4.78 लाख कम हैं।

SpiceJet ने सबसे ज्यादा 38.8% यानी करीब 2.41 लाख सीटें घटाई हैं। दूसरी तरफ Akasa Air इकलौती ऐसी एयरलाइन रही है, जिसने अपनी क्षमता 35.6% बढ़ाई है।

हवाई किराया महंगा होने की क्या है वजह?

त्योहारों के दौरान फ्लाइट टिकट की मांग तेजी से बढ़ती है। लेकिन इस बार एयरलाइंस ने सीटें बढ़ाने के बजाय घटाई हैं। ऐसे में यात्रियों को महंगे टिकट खरीदने पड़ रहे हैं।

इसके अलावा, विमान ईंधन यानी ATF की ऊंची कीमतें, वैश्विक तनाव और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी भी एयरलाइंस की लागत बढ़ा रही हैं। इसी महीने IndiGo ने ईंधन महंगा होने के कारण घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज में बदलाव किया है।

किन रूट्स पर सबसे ज्यादा दबाव?

मुंबई-दिल्ली देश का सबसे व्यस्त घरेलू हवाई रूट बना हुआ है। अक्टूबर में इस रूट पर करीब 6.82 लाख सीटें उपलब्ध हैं, जो पिछले साल से 7% ज्यादा हैं।

वहीं, बेंगलुरु-दिल्ली रूट पर करीब 4.75 लाख सीटें हैं, जो पिछले साल से 1% कम हैं। कोलकाता-दिल्ली रूट पर सीटों की संख्या 13% बढ़कर 3.25 लाख पहुंच गई है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, त्योहारों की बढ़ती मांग के चलते कुछ घरेलू रूट्स पर हवाई किराए में 70% तक का उछाल देखा गया है।

महंगे हवाई किराए पर सुप्रीम कोर्ट की नजर

बढ़ते हवाई किराए का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। केंद्र सरकार ने अदालत को बताया है कि भारतीय वायुयान अधिनियम, 2024 के तहत नियमों को अंतिम रूप दे दिया गया है और इन्हें दो सप्ताह के भीतर प्रकाशित किया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को अगली सुनवाई, 16 नवंबर को ये नियम पेश करने का निर्देश दिया है। इससे पहले जुलाई में अदालत ने हवाई किराए को तर्कसंगत बनाने की जरूरत पर जोर दिया था।

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Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।