
धनतेरस पर सोना खरीदने से पहले चेक करें ये 7 बातें, वरना हो सकता है नुकसान!
धनतेरस पर सोना खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो जल्दबाजी में फैसला न लें। सोने की कीमतों में जबरदस्त तेजी के बीच ज्वेलरी, डिजिटल गोल्ड और गोल्ड ETF के कई विकल्प मौजूद हैं। लेकिन खरीदारी से पहले कुछ जरूरी बातों को नजरअंदाज करना आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है।

In Short
- धनतेरस पर सोना खरीदने से पहले शुद्धता, मेकिंग चार्ज और टैक्स की जांच करना जरूरी।
- सोने की औसत कीमत सालाना आधार पर 45% बढ़ी, फिर भी गोल्ड ETF की मांग में तेजी।
- ज्वेलरी, डिजिटल गोल्ड और गोल्ड ETF में निवेश के खर्च, जोखिम और पैसा निकालने के नियम अलग-अलग।
धनतेरस पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है। लेकिन इस बार सोने की बढ़ती कीमतों के बीच खरीदारी करने से पहले कुछ जरूरी बातें जानना बेहद जरूरी है। अब लोगों के पास सोने की ज्वेलरी और सिक्कों के अलावा डिजिटल गोल्ड और गोल्ड ETF में निवेश करने का भी विकल्प है। हालांकि, इन सभी में खर्च, टैक्स, शुद्धता और पैसा निकालने के नियम अलग-अलग हैं।
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की Q3 2026 रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई से सितंबर के बीच भारत में सोने की मांग पिछली तिमाही के मुकाबले 24% बढ़कर करीब 162 टन पहुंच गई। हालांकि, सालाना आधार पर इसमें 29% की गिरावट आई। इस दौरान सोने की औसत घरेलू कीमत 1,48,891 रुपये प्रति 10 ग्राम रही, जो पिछले साल से 45% ज्यादा है।
ज्वेलरी की मांग पिछली तिमाही से 33% बढ़कर करीब 100 टन पहुंच गई। वहीं, गोल्ड ETF की मांग 3.6 टन से बढ़कर 5.3 टन हो गई।
सोना खरीदने से पहले इन 7 बातों का रखें ध्यान
1. सोना क्यों खरीद रहे हैं?
सबसे पहले तय करें कि सोना पहनने, गिफ्ट देने, बचत या निवेश के लिए खरीद रहे हैं। ज्वेलरी और सिक्के पारंपरिक खरीदारी के लिए बेहतर हो सकते हैं, जबकि लंबे समय के निवेश के लिए गोल्ड ETF एक विकल्प है।
2. अतिरिक्त खर्च जरूर देखें
ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज, वेस्टेज चार्ज और GST पर ध्यान दें। डिजिटल गोल्ड में खरीदने और बेचने की कीमत का अंतर हो सकता है। वहीं, गोल्ड ETF में एक्सपेंस रेशियो और ब्रोकरेज जैसे खर्च लग सकते हैं।
3. शुद्धता की जांच करें
ज्वेलरी या सिक्के खरीदते समय BIS हॉलमार्क, शुद्धता का सर्टिफिकेट और जहां लागू हो, HUID नंबर जरूर जांचें। डिजिटल गोल्ड में स्टोरेज और ऑडिट की जानकारी लें।

4. डिजिटल गोल्ड का जोखिम समझें
डिजिटल गोल्ड में छोटी रकम से निवेश किया जा सकता है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक, जनवरी से सितंबर 2026 के दौरान डिजिटल गोल्ड की कुल खरीद 76% बढ़कर 16.3 टन पहुंच गई। हालांकि, डिजिटल गोल्ड के लिए SEBI का अलग नियामकीय ढांचा नहीं है।
5. पैसा कितनी जल्दी मिलेगा?
फिजिकल गोल्ड बेचने पर ज्वेलर्स कटौती कर सकते हैं। डिजिटल गोल्ड में पैसा निकालना प्लेटफॉर्म की शर्तों पर निर्भर करता है। गोल्ड ETF को शेयर बाजार के कारोबारी समय में बेचा जा सकता है।
6. टैक्स के नियम समझें
ज्वेलरी और डिजिटल गोल्ड की खरीद पर आमतौर पर GST लगता है। वहीं, कैपिटल गेन टैक्स निवेश के तरीके और होल्डिंग पीरियड पर निर्भर करता है। इसलिए टैक्स के बाद मिलने वाले रिटर्न की तुलना करें।
7. अपने बजट और जरूरत का ध्यान रखें
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के सर्वे में 77% लोगों ने कम शुद्धता वाली ज्वेलरी खरीदने और 76% ने पुराने सोने को एक्सचेंज करने पर विचार करने की बात कही। वहीं, 39% लोग त्योहारों या खास ऑफर्स के दौरान ही खरीदारी करना चाहते हैं।
ज्वेलरी, डिजिटल गोल्ड या ETF में क्या चुनें?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ज्वेलरी पहनने और गिफ्ट देने के लिए उपयोगी है। डिजिटल गोल्ड छोटी रकम से खरीदारी की सुविधा देता है, जबकि SEBI के नियमों के तहत आने वाले गोल्ड ETF लंबे समय के निवेश और पोर्टफोलियो में विविधता लाने का विकल्प हो सकते हैं। इसलिए धनतेरस पर सोना खरीदने से पहले अपना बजट, जरूरत, टैक्स और निवेश का लक्ष्य जरूर देखें।

