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गांव से ग्लोबल तक! बिहार के इन उद्योगपतियों ने रची अमीरी की नई कहानी, कोई बना माइनिंग किंग तो कोई फार्मा दिग्गज

बिहार को अक्सर माइग्रेशन और नौकरियों से जोड़ा जाता है, लेकिन यहां के कई लोगों ने सीमित संसाधनों से शुरू करके करोड़ों-अरबों का कारोबार खड़ा किया। यह आर्टिकल ऐसे ही उद्योगपतियों की प्रेरणादायक कहानियां बताता है, जिन्होंने संघर्ष, जोखिम और मेहनत के दम पर अपनी अलग पहचान बनाई।

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बिहार को लंबे समय तक माइग्रेशन, खेती और सरकारी नौकरियों के नजरिये से देखा गया। लेकिन इस तस्वीर के पीछे एक और कहानी है- उद्यमिता, जोखिम लेने की क्षमता और बड़े स्तर पर संपत्ति बनाने की।

राज्य के कई उद्योगपति सीमित स्थानीय संसाधनों से निकलकर ऐसे बिजनेस खड़े कर चुके हैं, जिनकी मौजूदगी आज भारत ही नहीं बल्कि दुनिया भर में है। इन कहानियों की खासियत सिर्फ दौलत नहीं, बल्कि वह सफर है जिसमें संघर्ष, असफलता और दोबारा खड़े होने की जिद शामिल है। यही वजह है कि बिहार अब सिर्फ श्रमिकों का स्रोत नहीं, बल्कि बड़े बिजनेस दिमागों की जमीन भी माना जाने लगा है।

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अनिल अग्रवाल: ग्लोबल माइनिंग दिग्गज

अनिल अग्रवाल पटना में जन्मे उद्योगपति हैं और वेदांता लिमिटेड के फाउंडर हैं। शुरुआती असफलताओं के बाद उन्होंने एक ग्लोबल माइनिंग कंपनी खड़ी की। उनकी नेटवर्थ करीब ₹35,000 - 40,000 करोड़ आंकी जाती है।

सम्प्रदा सिंह और बसुदेव नारायण सिंह: फार्मा में बड़ा नाम

बिहार के जहानाबाद जिले के ओकरी गांव में जन्में सम्प्रदा सिंह और बसुदेव नारायण सिंह ने 1973 में Alkem Laboratories की शुरुआत की। छोटी केमिस्ट शॉप से शुरू हुआ सफर आज ग्लोबल फार्मा कंपनी में बदल चुका है। परिवार की कुल संपत्ति करीब ₹29,247 करोड़ है।

महेंद्र प्रसाद: ‘किंग महेंद्र’ की फार्मा विरासत

 जहानाबाद जिला के गोविंदपुर गांव में जन्में महेंद्र प्रसाद ने 1971 में Aristo Pharmaceuticals की स्थापना की। कंपनी ने एशियाई बाजारों में मजबूत पकड़ बनाई। 2021 में उनकी संपत्ति ₹15,000 करोड़ से ज्यादा आंकी गई।

आरके सिन्हा: सिक्योरिटी बिजनेस को बनाया ग्लोबल

रवीन्द्र किशोर सिन्हा ने SIS को भारत और ऑस्ट्रेलिया तक फैलाया। इनका जन्म बिहार के बक्सर में हुआ था। इन्होंने 2008 में Chubb Security का अधिग्रहण उनकी बड़ी उपलब्धि रही। उनकी नेटवर्थ ₹8,000 -10,000 करोड़ के बीच मानी जाती है।

सुमंत सिन्हा: ग्रीन एनर्जी का चेहरा

सुमंत सिन्हा ने ReNew Energy Global के जरिए सोलर, विंड और ग्रीन हाइड्रोजन में बड़ा पोर्टफोलियो बनाया। उनकी संपत्ति ₹3,000 करोड़ से ज्यादा है। सुमंत सिन्हा का बिहार से गहरा पारिवारिक और सांस्कृतिक जुड़ाव है। हालांकि उनका जन्म दिल्ली में हुआ था, लेकिन उनकी जड़ें और पहचान बिहार से जुड़ी हुई हैं। सुमंत सिन्हा बिहार के दिग्गज राजनेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा के बेटे हैं। उनके पिता यशवंत सिन्हा का जन्म पटना, बिहार में हुआ था।

सुब्रत रॉय: छोटे निवेश से बड़ा साम्राज्य

बिहार के अररिया में जन्में सुब्रत रॉय ने ₹2,000 से Sahara India की शुरुआत की। कंपनी एक समय भारत की सबसे बड़ी नियोक्ता संस्थाओं में गिनी गई। उनकी नेटवर्थ ₹1,000 - 2,000 करोड़ के बीच रही।

शुभम सिंह

बिहार के मुजफ्फरपुर से आने वाले शुभम सिंह ने कम उम्र में एथेनॉल सेक्टर में कदम रखा और ₹66 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति बनाई। 

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