
बिल्डिंग गिरने पर घायल हुए तो क्या हेल्थ इंश्योरेंस उठाएगा अस्पताल का खर्च? जानिए नियम
बिल्डिंग गिरने जैसी दुर्घटनाओं में चोट और अस्पताल का खर्च परिवारों के लिए बड़ी चिंता बन सकता है। ऐसे समय में हेल्थ इंश्योरेंस कितना मददगार साबित होगा, यह पॉलिसी की शर्तों पर निर्भर करता है। जानिए किन इलाज खर्चों को मिल सकता है कवर और किन बातों का रखना होगा ध्यान।

In Short
- बिल्डिंग हादसे में घायल होने पर हेल्थ इंश्योरेंस इलाज खर्च को कवर कर सकता है, लेकिन पॉलिसी की शर्तें लागू होंगी।
- अस्पताल में भर्ती, सर्जरी, मेडिकल टेस्ट और जरूरी दवाओं का खर्च कुछ मामलों में पॉलिसी के तहत आ सकता है।
- हर खर्च नहीं होता कवर, इसलिए इमरजेंसी से पहले अपनी हेल्थ पॉलिसी के नियम समझना जरूरी है।
बिल्डिंग गिरने की घटनाएं अचानक बड़ी परेशानी खड़ी कर देती हैं। एक तरफ हादसे का दर्द होता है, वहीं दूसरी तरफ अस्पताल का भारी खर्च परिवारों पर आर्थिक बोझ डाल सकता है। हाल ही में दिल्ली में हुई बिल्डिंग गिरने की घटनाओं के बाद यह सवाल सामने आया है कि ऐसे हादसों में घायल लोगों के इलाज का खर्च हेल्थ इंश्योरेंस से मिलेगा या नहीं।
उत्तर दिल्ली के अलीपुर इलाके में एक निर्माणाधीन बिल्डिंग गिरने की घटना सामने आई थी। इससे पहले 6 सितंबर 2026 को दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला रिहायशी बिल्डिंग गिर गई थी। इस हादसे में सात लोगों की मौत हुई थी और छह लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।
क्या बिल्डिंग गिरने से लगी चोट का खर्च हेल्थ इंश्योरेंस देगा?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, हेल्थ इंश्योरेंस में कवरेज इस बात पर निर्भर करता है कि चोट किस तरह की है और इलाज की जरूरत क्या है। सिर्फ यह तथ्य कि चोट बिल्डिंग गिरने की वजह से लगी है, इससे कवरेज तय नहीं होता।
ओनसुरिटी के सीईओ और फाउंडर योगेश अग्रवाल ने बताया कि अगर किसी बीमित व्यक्ति को दुर्घटना में चोट लगती है और उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ती है, तो आमतौर पर यह खर्च हेल्थ पॉलिसी के तहत कवर हो सकता है। हालांकि, इसके लिए सम इंश्योर्ड, पॉलिसी की शर्तें और एक्सक्लूजन लागू होते हैं।
किन खर्चों का मिल सकता है फायदा?
Staywell Health के को-फाउंडर अरुण राममूर्ति के अनुसार, बिल्डिंग गिरने जैसी दुर्घटनाओं में तुरंत अस्पताल में भर्ती होने और इलाज पर काफी खर्च आ सकता है। ऐसी स्थिति में हेल्थ इंश्योरेंस मददगार हो सकता है।
अगर इलाज जरूरी है और पॉलिसी के नियमों में शामिल है, तो अस्पताल में भर्ती होने का खर्च, सर्जरी, मेडिकल टेस्ट, जांच, डॉक्टर की फीस और डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं का खर्च कवर हो सकता है।

हर खर्च नहीं होता कवर
हालांकि दुर्घटना के बाद होने वाला हर खर्च हेल्थ इंश्योरेंस में शामिल नहीं होता। कुछ नॉन-मेडिकल खर्च, कुछ आउट पेशेंट ट्रीटमेंट और पॉलिसी के दायरे से बाहर आने वाले खर्चों का भुगतान नहीं किया जा सकता।
इसके अलावा, पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस जैसी अलग पॉलिसी भी अतिरिक्त आर्थिक सुरक्षा दे सकती है। इसका फायदा पॉलिसी और परिस्थितियों पर निर्भर करता है।
इमरजेंसी से पहले समझें अपनी पॉलिसी
एक्सपर्ट्स का कहना है कि किसी भी आपात स्थिति से पहले अपनी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी को अच्छी तरह समझना जरूरी है। पॉलिसीधारकों को सम इंश्योर्ड, एक्सक्लूजन, कैशलेस हॉस्पिटल नेटवर्क, क्लेम प्रक्रिया और लागू लिमिट की जानकारी रखनी चाहिए।
बढ़ते शहरीकरण और अचानक होने वाली दुर्घटनाओं के बीच सही हेल्थ इंश्योरेंस परिवारों को आपात इलाज के आर्थिक दबाव से निपटने में मदद कर सकता है।

