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25 से 60 साल तक बदलती है शहर की पसंद, करियर परिवार और रिटायरमेंट के लिए ये हैं बेहतर ऑप्शन

भारत में रहने के लिए सबसे अच्छा शहर हर व्यक्ति के लिए अलग हो सकता है। Dezerv के को-फाउंडर संदीप जेठवानी के विश्लेषण में उम्र और जीवन के अलग-अलग पड़ाव के हिसाब से शहरों को परखा गया है। करियर से लेकर परिवार और रिटायरमेंट तक जरूरतों के साथ शहर की पसंद बदलती है।

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AI Generated Image

In Short

  • Dezerv के को-फाउंडर संदीप जेठवानी के विश्लेषण में उम्र और जरूरत के हिसाब से भारत के बेहतर शहरों की पहचान की गई है।
  • 25-35 साल के सिंगल प्रोफेशनल्स के लिए हैदराबाद और बेंगलुरु को करियर ग्रोथ और कमाई के लिहाज से बेहतर बताया गया है।
  • परिवार और रिटायरमेंट के अलग-अलग पड़ावों के लिए अहमदाबाद पुणे चेन्नई कोयंबटूर और जयपुर जैसे शहर बेहतर विकल्प के रूप में सामने आए हैं।

भारत में रहने के लिए सबसे अच्छा शहर चुनना सिर्फ नौकरी और कमाई के मौकों पर निर्भर नहीं करता। यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि व्यक्ति की उम्र क्या है और जिंदगी किस पड़ाव पर है। Dezerv के को-फाउंडर संदीप जेठवानी के विश्लेषण में भारतीय शहरों को उम्र और जीवन की अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से देखा गया है।

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25-35 साल के सिंगल प्रोफेशनल्स के लिए हैदराबाद और बेंगलुरु

शुरुआती करियर के दौर में लोगों के लिए कमाई बढ़ाने के मौके और खरीदारी क्षमता सबसे ज्यादा मायने रखती है। इस उम्र के सिंगल प्रोफेशनल्स के लिए हैदराबाद और बेंगलुरु बेहतर विकल्प के तौर पर सामने आते हैं।

विश्लेषण के मुताबिक, इन दोनों शहरों में कमाई के मुकाबले खरीदारी क्षमता अच्छी है। यानी यहां रहने वाले प्रोफेशनल्स अपनी आय से ज्यादा बचत और निवेश कर सकते हैं। इस दौर में लोग आराम से ज्यादा करियर ग्रोथ और संपत्ति बनाने पर ध्यान देते हैं।

परिवार शुरू करने के लिए अहमदाबाद चेन्नई और पुणे

30-40 साल की उम्र में जब लोग परिवार शुरू करते हैं तो उनकी प्राथमिकताएं बदल जाती हैं। इस समय कमाई और खरीदारी क्षमता के साथ सुरक्षा भी अहम हो जाती है।

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इस पड़ाव के लिए अहमदाबाद, चेन्नई और पुणे बेहतर विकल्प माने गए हैं। अहमदाबाद कम लागत के साथ सुरक्षा के मामले में अच्छा प्रदर्शन करता है, जबकि चेन्नई और पुणे में खरीदारी क्षमता और सुरक्षा का बेहतर संतुलन देखने को मिलता है।

बच्चों की पढ़ाई के समय इन शहरों को माना गया बेहतर

35-50 साल की उम्र में जब परिवार में बच्चे स्कूल जाने लगते हैं तो सुरक्षा, प्रदूषण और स्वास्थ्य सुविधाएं ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाती हैं।

Image Credit : Aaj Tak

इस दौर के लिए अहमदाबाद, सूरत, इंदौर, कोयंबटूर और जयपुर को बेहतर शहरों में शामिल किया गया है। इन शहरों में सुरक्षित माहौल और प्रदूषण के मामले में बेहतर स्थिति देखने को मिलती है।

ज्यादा कमाई वाले सालों में हैदराबाद अहमदाबाद और पुणे

जब प्रोफेशनल्स अपने करियर के सबसे अच्छे कमाई वाले दौर में होते हैं तो घर की कीमत और आय के बीच का अंतर महत्वपूर्ण हो जाता है।

इस मामले में हैदराबाद, अहमदाबाद और पुणे बेहतर विकल्प बताए गए हैं। हैदराबाद में प्रॉपर्टी की कीमत और आय का अनुपात 4.3 है, जो इन शहरों में सबसे कम है। वहीं अहमदाबाद और पुणे में यह अनुपात 8 से कम है।इसके मुकाबले मुंबई में यह अनुपात 30.1 और दिल्ली में 16.1 बताया गया है।

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रिटायरमेंट के करीब पुणे चेन्नई और हैदराबाद

48-60 साल की उम्र में जब लोग रिटायरमेंट के करीब पहुंचते हैं तो जीवन की गुणवत्ता, सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं ज्यादा अहम हो जाती हैं। इस उम्र के लिए पुणे, चेन्नई और हैदराबाद बेहतर विकल्प माने गए हैं।

वहीं 50 साल या उससे ज्यादा उम्र के लोगों के लिए दूसरा घर खरीदने या रिटायरमेंट के बाद रहने के लिए कोयंबटूर, जयपुर और सूरत बेहतर विकल्प बताए गए हैं।

हर उम्र में बदल जाती है शहर की जरूरत

इस विश्लेषण का मुख्य संदेश यही है कि हर व्यक्ति के लिए एक ही शहर सबसे अच्छा नहीं हो सकता। करियर, परिवार, सुरक्षा, कम खर्च, स्वास्थ्य सुविधाएं और लाइफस्टाइल जैसी जरूरतों के हिसाब से सही शहर का चुनाव बदलता रहता है। जिंदगी के हर पड़ाव के साथ रहने के लिए बेहतर शहर भी बदल सकता है।

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।