8वें वेतन आयोग से बढ़ी उम्मीद, जानिए हर Pay Commission में कितना बढ़ा बेसिक वेतन
केंद्रीय कर्मचारियों के लिए हर वेतन आयोग सैलरी में बदलाव लेकर आया है। 55 रुपये से शुरू हुई न्यूनतम बेसिक सैलरी आज 18,000 रुपये तक पहुंच चुकी है। अब 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने की मांग है। जानिए कब और कितनी बढ़ी कर्मचारियों की बेसिक सैलरी।

In Short
- पहले वेतन आयोग में न्यूनतम बेसिक सैलरी 55 रुपये थी, जो सातवें वेतन आयोग में बढ़कर 18,000 रुपये हो गई।
- सातवें वेतन आयोग में 2.57 फिटमेंट फैक्टर लागू है, जिससे न्यूनतम बेसिक पे 7,000 से बढ़कर 18,000 रुपये हुई।
- आठवें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 3.83 करने की मांग है, इससे न्यूनतम बेसिक सैलरी 68,940 रुपये हो सकती है।
8th Pay Commission Salary Hike: केंद्रीय कर्मचारी इस समय आठवें वेतन आयोग का इंतजार कर रहे हैं। कर्मचारी यूनियनों की बड़ी मांग है कि फिटमेंट फैक्टर बढ़ाकर 3.83 किया जाए। फिटमेंट फैक्टर का सीधा असर बेसिक सैलरी और पेंशन पर पड़ता है। अगर यह मांग मान ली जाती है तो मौजूदा 18,000 रुपये की न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़कर करीब 68,940 रुपये हो सकती है।
फिटमेंट फैक्टर का फॉर्मूला आसान है। नया मूल वेतन निकालने के लिए मौजूदा बेसिक सैलरी को फिटमेंट फैक्टर से गुणा किया जाता है।
पहले वेतन आयोग में कितनी थी सैलरी?
पहला वेतन आयोग 1946 में लागू किया गया था। इसके तहत सरकारी कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी 55 रुपये प्रति माह और अधिकतम बेसिक सैलरी 2,000 रुपये तय की गई थी।
इसके बाद 1959 में दूसरा वेतन आयोग लागू हुआ। इसमें न्यूनतम वेतन बढ़कर 80 रुपये और अधिकतम बेसिक सैलरी 3,000 रुपये प्रति माह हो गई।
तीसरे और चौथे वेतन आयोग में कितनी बढ़ी रकम?
साल 1973 में तीसरा वेतन आयोग लागू किया गया। इसमें न्यूनतम बेसिक सैलरी 196 रुपये और अधिकतम बेसिक सैलरी 3,500 रुपये तय की गई।
1986 में चौथा वेतन आयोग आया। इसके बाद न्यूनतम बेसिक पे बढ़कर 750 रुपये और अधिकतम बेसिक सैलरी 8,000 रुपये प्रति माह हो गई।
पांचवें वेतन आयोग में कितना था फिटमेंट फैक्टर?
1996 में पांचवां वेतन आयोग लागू किया गया। इसमें 1.74 फिटमेंट फैक्टर के तहत न्यूनतम बेसिक सैलरी 2,550 रुपये और अधिकतम बेसिक सैलरी 26,000 रुपये तय हुई।
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इसके बाद 2006 में छठा वेतन आयोग लागू हुआ। इसमें फिटमेंट फैक्टर 1.86 रखा गया और न्यूनतम बेसिक पे 7,000 रुपये तक पहुंच गई। अधिकतम बेसिक सैलरी बढ़कर 80,000 रुपये हो गई।
सातवें वेतन आयोग में कितना हुआ उछाल?
साल 2016 में सातवां वेतन आयोग लागू हुआ। इसमें फिटमेंट फैक्टर बढ़ाकर 2.57 कर दिया गया। इसके बाद न्यूनतम बेसिक सैलरी 7,000 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये हो गई, जबकि अधिकतम बेसिक सैलरी 2.5 लाख रुपये तय की गई।
8वें वेतन आयोग में क्या है मांग?
अब कर्मचारी यूनियनें आठवें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 3.83 करने की मांग कर रही हैं। अगर 18,000 रुपये की मौजूदा न्यूनतम बेसिक सैलरी पर यही फैक्टर लागू होता है तो रकम 68,940 रुपये हो सकती है।
हालांकि, आठवें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम बेसिक सैलरी अभी तय नहीं हुई है। अंतिम तस्वीर आयोग की सिफारिशों और सरकार की आधिकारिक अधिसूचना के बाद ही साफ होगी।

