scorecardresearch

Mutual Fund में गिरावट के समय न करें ये गलती, निवेश बचाने के लिए रखें इन बातों का ध्यान

म्यूचुअल फंड में गिरावट देखकर कई निवेशक घबरा जाते हैं और जल्दबाजी में अपना पैसा निकाल लेते हैं। लेकिन बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच सही रणनीति अपनाना जरूरी है। जानिए गिरते बाजार में निवेशकों को कौन से कदम उठाने चाहिए, ताकि वे अपने निवेश को बेहतर तरीके से संभाल सकें।

Advertisement
AI Generated Image

In Short

  • म्यूचुअल फंड गिरने पर घबराकर पैसा निकालना सही फैसला नहीं, पहले निवेश की स्थिति को समझना जरूरी है।
  • बाजार में गिरावट के दौरान SIP जारी रखने से लंबे समय में निवेश की औसत लागत कम करने में मदद मिल सकती है।
  • जल्दबाजी में निवेश न बेचें, पहले देखें कि आपका फंड सही चल रहा है या नहीं और आपका लक्ष्य क्या है।

Mutual Fund Investment Tips: म्यूचुअल फंड में पैसा लगाने के बाद जब बाजार गिरता है और निवेश की वैल्यू कम होती दिखती है, तो चिंता होना स्वाभाविक है। कई निवेशक ऐसे समय में घबरा जाते हैं और तुरंत अपना पैसा निकालने का फैसला कर लेते हैं। लेकिन बाजार में उतार-चढ़ाव निवेश का हिस्सा है और गिरावट के समय सही फैसले लेना ज्यादा जरूरी होता है।

advertisement

म्यूचुअल फंड नीचे जाने की कई वजहें हो सकती हैं, जैसे आर्थिक बदलाव या बाजार में कमजोरी। ऐसे समय में डर के बजाय अपनी निवेश योजना पर ध्यान देना चाहिए। आइए जानते हैं कि गिरते बाजार में निवेशकों को कौन-कौन से कदम उठाने चाहिए।

सबसे पहले घबराना बंद करें

जब आपके निवेश की कीमत कम होती दिखती है तो चिंता होना स्वाभाविक है। कई बार लोग डर की वजह से बिना सोचे-समझे अपना निवेश बेच देते हैं।

ऐसे समय में शांत रहना जरूरी है। पहले अपनी स्थिति को समझें और फिर कोई फैसला लें। सिर्फ बाजार गिरने की वजह से तुरंत निवेश से बाहर निकलना सही फैसला नहीं हो सकता।

SIP को बीच में बंद न करें

म्यूचुअल फंड में SIP निवेश का एक आसान तरीका है। इसमें आप हर महीने एक तय रकम अपनी पसंद के फंड में लगाते हैं।

SIP का फायदा यह है कि बाजार ऊपर हो या नीचे, निवेश लगातार चलता रहता है। बाजार गिरने पर आपको कम कीमत पर ज्यादा यूनिट खरीदने का मौका मिल सकता है। लंबे समय में इससे आपके निवेश की औसत लागत कम हो सकती है।

इसलिए बाजार में गिरावट देखकर SIP बंद करने से बचना चाहिए।

जल्दबाजी में पैसा निकालने से बचें

जब म्यूचुअल फंड की वैल्यू कम होती है तो कई निवेशक तुरंत पैसा निकालना चाहते हैं। लेकिन ऐसा करने से पहले यह देखना जरूरी है कि आपका फंड सही दिशा में काम कर रहा है या नहीं।

ये खबर पढ़ना ना भूलें: Large Cap, Mid Cap या Small Cap म्यूचुअल फंड! नए निवेशकों के लिए कौन सा ऑप्शन बेहतर? जानें कहां होगी मोटी कमाई

अपने फंड का हाल जरूर देखें और समझें कि वह आपके लक्ष्य के हिसाब से सही चल रहा है या नहीं। अगर फंड लंबे समय के लिए ठीक है, तो सिर्फ गिरावट देखकर जल्दबाजी में पैसा निकालने की जरूरत नहीं है।

निवेश को अलग-अलग जगह बांटकर रखें

निवेश करते समय पूरा पैसा एक ही जगह लगाने के बजाय अलग-अलग विकल्पों में बांटना बेहतर होता है। इसे एसेट एलोकेशन कहा जाता है।

इसमें आपकी उम्र, जोखिम लेने की क्षमता और निवेश का समय देखकर फैसला किया जाता है कि कितना पैसा इक्विटी म्यूचुअल फंड, डेट फंड या दूसरे विकल्पों में रखना चाहिए।

advertisement

अगर बाजार गिरने पर समझ नहीं आ रहा कि क्या करना है, तो अपनी पहले से बनाई निवेश योजना के हिसाब से फैसला लेना बेहतर होता है।

Disclaimer: म्यूचुअल फंड्स निवेश बाज़ार जोखिमों के अधीन है। ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।