
पहली बार म्यूचुअल फंड में लगा रहे हैं पैसा? एक्सपर्ट ने बताई सिर्फ 3 फंड वाली आसान रणनीति
म्यूचुअल फंड में पहली बार निवेश करने वालों के लिए सही स्कीम चुनना आसान नहीं होता। ऑप्टिमा मनी मैनेजर्स के पंकज मतपाल ने बताया है कि ज्यादा फंड खरीदने के बजाय कुछ चुनिंदा स्कीम से भी अच्छा पोर्टफोलियो बनाया जा सकता है। जानिए नए निवेशकों के लिए उनका खास फॉर्मूला क्या है।

In Short
- नए निवेशकों को बेहतर पोर्टफोलियो बनाने के लिए ढेर सारी म्यूचुअल फंड स्कीम चुनने की जरूरत नहीं।
- पंकज मटपाल ने सिर्फ तीन तरह के म्यूचुअल फंड से अलग-अलग एसेट क्लास में निवेश की रणनीति बताई।
- मल्टी एसेट फंड के जरिए शेयरों के साथ सोना, चांदी और डेट में भी निवेश का मौका मिल सकता है।
म्यूचुअल फंड में निवेश शुरू करने वाले लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल होता है कि आखिर पैसा कहां लगाएं और कितनी स्कीम चुनें। बाजार में लार्ज कैप, मिड कैप, स्मॉल कैप से लेकर कई तरह के फंड मौजूद हैं। ऐसे में नए निवेशकों के लिए सही विकल्प चुनना आसान नहीं होता। बिजनेस टुडे के शो में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा के सवालों का जवाब देते हुए ऑप्टिमा मनी मैनेजर्स के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर पंकज मतपाल ने कहा कि अच्छा और डायवर्सिफाइड पोर्टफोलियो बनाने के लिए ढेर सारी म्यूचुअल फंड स्कीम में निवेश करना जरूरी नहीं है। सिर्फ तीन से चार सही स्कीम के जरिए भी अलग-अलग एसेट क्लास में निवेश किया जा सकता है।
नए निवेशकों को किन फंड्स से करनी चाहिए शुरुआत?
पंकज मतपाल के मुताबिक, जो लोग पहली बार म्यूचुअल फंड में पैसा लगा रहे हैं, उनके लिए फ्लेक्सी कैप और मल्टी कैप फंड बेहतर विकल्प हो सकते हैं। इन फंड्स के जरिए निवेशकों को लार्ज कैप, मिड कैप और स्मॉल कैप कंपनियों में निवेश का मौका मिलता है।
इसका फायदा यह है कि निवेशकों को खुद तय नहीं करना पड़ता कि किस कैटेगरी में कितना पैसा लगाना चाहिए। मटपाल का कहना है कि इक्विटी में निवेश करते समय अलग-अलग मार्केट कैप वाली कंपनियों के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में निवेश के विकल्पों पर भी ध्यान देना चाहिए।
एक ही फंड में सोना, चांदी और शेयरों का फायदा
पंकज मतपाल ने मल्टी एसेट एलोकेशन फंड को भी नए निवेशकों के लिए उपयोगी बताया है। इन फंड्स की खासियत यह है कि इनमें इक्विटी और डेट के अलावा सोना, चांदी और REITs जैसे विकल्पों में भी निवेश किया जा सकता है।
कुछ मल्टी एसेट फंड कॉपर और एल्युमिनियम जैसी कमोडिटीज में भी पैसा लगाते हैं। इससे निवेशकों को अलग-अलग एसेट क्लास में निवेश का मौका मिलता है और किसी एक जगह पैसा लगाने पर निर्भरता कम होती है।

सिर्फ तीन फंड से कैसे बनेगा पोर्टफोलियो?
पंकज मतपाल के मुताबिक, नए निवेशक अपने पोर्टफोलियो में एक मल्टी कैप फंड, एक मल्टी एसेट एलोकेशन फंड और एक बैलेंस्ड एडवांटेज फंड रख सकते हैं।
बैलेंस्ड एडवांटेज फंड को डायनेमिक एसेट एलोकेशन फंड भी कहा जाता है। ये फंड इक्विटी और डेट के बीच संतुलन बनाने का विकल्प देते हैं। मटपाल का मानना है कि इन तीन कैटेगरी के फंड्स से निवेशकों को काफी हद तक अलग-अलग निवेश विकल्पों का एक्सपोजर मिल सकता है।
अनुभवी निवेशकों के लिए क्या है सलाह?
पंकज मतपाल का कहना है कि जिन निवेशकों को बाजार की अच्छी समझ है, उनके लिए रणनीति अलग हो सकती है। ऐसे निवेशक अपने वित्तीय लक्ष्य और जोखिम उठाने की क्षमता के आधार पर लार्ज कैप, मिड कैप, स्मॉल कैप, डेट, गोल्ड और सिल्वर फंड में अलग-अलग निवेश कर सकते हैं।
उनके मुताबिक, नए निवेशकों को ज्यादा स्कीम चुनने के बजाय आसान निवेश रणनीति और डायवर्सिफिकेशन पर ध्यान देना चाहिए। वहीं अनुभवी निवेशक अपनी जरूरत के हिसाब से पोर्टफोलियो तैयार कर सकते हैं।

