सैलरी का कितना हिस्सा म्यूचुअल फंड में करें निवेश? पैसा लगाने से पहले समझ लें जरूरी बातें
म्यूचुअल फंड में निवेश की सही रकम हर व्यक्ति की आय और जरूरतों पर निर्भर करती है। 50:30:20 नियम और एफओआईआर की मदद से निवेश की क्षमता को समझा जा सकता है।

In Short
- म्यूचुअल फंड में निवेश की रकम तय करने के लिए अपनी आय, खर्च और वित्तीय लक्ष्यों को समझना जरूरी है
- 50:30:20 नियम के जरिए खर्च, इच्छाओं और इमरजेंसी फंड के बीच संतुलन बनाया जा सकता है
- एफओआईआर की मदद से हर महीने निवेश के लिए उपलब्ध रकम का अनुमान लगाया जा सकता है
Mutual Fund Investment: म्यूचुअल फंड में निवेश करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसमें छोटी रकम से भी नियमित निवेश शुरू किया जा सकता है और निवेशकों को अलग-अलग एसेट और मार्केट में पैसा लगाने का मौका मिलता है। हालांकि, हर व्यक्ति की आय, जरूरतें और वित्तीय लक्ष्य अलग होते हैं, इसलिए निवेश की रकम भी अलग हो सकती है।
निवेश से पहले तय करें अपने वित्तीय लक्ष्य
म्यूचुअल फंड में निवेश शुरू करने से पहले अपने वित्तीय लक्ष्यों को तय करना जरूरी है। ये लक्ष्य बच्चों की पढ़ाई, रिटायरमेंट, छुट्टियों, गैजेट खरीदने या अन्य जरूरतों से जुड़े हो सकते हैं।
लक्ष्यों को शॉर्ट टर्म, मिड टर्म और लॉन्ग टर्म कैटेगरी में बांटकर निवेश की योजना बनाई जा सकती है। इससे यह तय करने में मदद मिलती है कि किस लक्ष्य के लिए कितना पैसा निवेश करना है।
50:30:20 नियम से समझें खर्च और निवेश का संतुलन
वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार, 50:30:20 नियम वित्तीय योजना बनाने में मदद कर सकता है। इस नियम के मुताबिक, आय का 50 फीसदी हिस्सा जरूरी खर्चों, 30 फीसदी हिस्सा इच्छाओं और 20 फीसदी हिस्सा इमरजेंसी फंड के लिए रखा जा सकता है।
जरूरी खर्चों में किराया, ईएमआई, यूटिलिटी बिल, राशन और मेडिकल खर्च शामिल होते हैं। वहीं इच्छाओं से जुड़े खर्चों में मनोरंजन, खरीदारी और दूसरी जरूरतें शामिल होती हैं।
पहले तैयार करें इमरजेंसी फंड
म्यूचुअल फंड में निवेश शुरू करने से पहले इमरजेंसी फंड बनाना जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह फंड कम से कम तीन महीने की सैलरी के बराबर होना चाहिए।
इमरजेंसी फंड नौकरी जाने, मेडिकल स्थिति या अचानक आने वाले खर्चों को संभालने में मदद कर सकता है। इसके बाद आय का एक हिस्सा म्यूचुअल फंड निवेश में लगाया जा सकता है।
एफओआईआर से तय कर सकते हैं निवेश की रकम
म्यूचुअल फंड में निवेश की सही रकम समझने के लिए एफओआईआर यानी Fixed Obligations to Income Ratio का इस्तेमाल किया जा सकता है।
इसका फॉर्मूला है:
FOIR = (Total Expenses / Total Income) × 100
एफओआईआर की मदद से व्यक्ति अपनी आय और तय खर्चों के आधार पर यह समझ सकता है कि हर महीने निवेश के लिए कितनी रकम उपलब्ध है।
जल्दी निवेश शुरू करने से बढ़ सकता है फंड
म्यूचुअल फंड में जल्दी निवेश शुरू करने से पैसे को बढ़ने के लिए ज्यादा समय मिलता है। नियमित निवेश और कंपाउंडिंग की वजह से लंबे समय में निवेश का फंड बढ़ सकता है।
हालांकि, म्यूचुअल फंड में निवेश की रकम व्यक्ति की आय, जरूरतों और वित्तीय लक्ष्यों पर निर्भर करती है। खर्चों को नियंत्रित करके और लक्ष्यों को प्राथमिकता देकर निवेश की क्षमता बढ़ाई जा सकती है।

