
Child Investment: बच्चे के जन्म के साथ शुरू करें निवेश, Higher Education तक तैयार हो सकता है बड़ा फंड
बच्चों की पढ़ाई और भविष्य के दूसरे बड़े खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में समय रहते निवेश शुरू करना माता-पिता के लिए फायदेमंद हो सकता है। Children’s Mutual Fund के जरिए छोटी रकम से भी लंबी अवधि में बड़ा फंड तैयार किया जा सकता है। जानिए इसमें निवेश कैसे काम करता है।

In Short
- Children’s Mutual Fund बच्चों के भविष्य के बड़े खर्चों के लिए फंड तैयार करने का ऑप्शन।
- ₹8,000 की मासिक SIP से 18 साल की उम्र तक ₹29.6 लाख से ज्यादा का फंड बनने का अनुमान।
- इक्विटी और डेट के मिश्रण के साथ लंबी अवधि के निवेश का ऑप्शन।
बच्चों की पढ़ाई से लेकर उनके भविष्य के बड़े लक्ष्यों तक माता-पिता को कई तरह के खर्चों की तैयारी करनी पड़ती है। बढ़ती महंगाई के बीच शिक्षा जैसे खर्च भी लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में कम उम्र से ही निवेश शुरू करना भविष्य के लिए बड़ा फंड तैयार करने में मदद कर सकता है। इसके लिए Children’s Mutual Fund भी एक ऑप्शन है, जिसे खास तौर पर बच्चों से जुड़े लंबे समय के वित्तीय लक्ष्यों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
क्या है Children’s Mutual Fund?
Children’s Mutual Fund एक सॉल्यूशन-ओरिएंटेड निवेश स्कीम है। इसका उद्देश्य बच्चे की उच्च शिक्षा या शादी जैसे भविष्य के खर्चों के लिए पैसा जमा करना है। आमतौर पर निवेश बच्चे के नाम पर होता है और उसके वयस्क होने तक माता-पिता या कानूनी अभिभावक प्रतिनिधि की भूमिका निभाते हैं।
इन फंड्स का पैसा इक्विटी और डेट इंस्ट्रूमेंट्स के मिश्रण में निवेश किया जाता है। निवेशक अपनी जोखिम लेने की क्षमता के आधार पर ज्यादा इक्विटी वाले एग्रेसिव प्लान या ज्यादा डेट वाले कंजर्वेटिव प्लान को चुन सकते हैं।
लॉक-इन से लंबी अवधि के निवेश पर फोकस
Children’s Mutual Fund में आमतौर पर 5 साल या बच्चे के 18 साल का होने तक लॉक-इन होता है। इसका मकसद निवेश को लंबे समय तक बनाए रखना है, ताकि बच्चे के लिए तय किए गए वित्तीय लक्ष्य को पूरा करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
इसमें निवेशक SIP या एकमुश्त निवेश का ऑप्शन चुन सकते हैं। आय बढ़ने के साथ निवेश की रकम भी बढ़ाई जा सकती है।

शिक्षा के बढ़ते खर्च की तैयारी
दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, उच्च शिक्षा की लागत सालाना 10 से 12 फीसदी की दर से बढ़ रही है। वहीं पिछले 10 साल में स्कूली शिक्षा का खर्च 150 फीसदी बढ़ा है। ऐसे में अगर बच्चे की 18 साल की उम्र तक उच्च शिक्षा के लिए ₹50 लाख का फंड तैयार करना है, तो कम उम्र से निवेश शुरू करना मददगार हो सकता है।
₹8,000 की SIP से कितना बन सकता है फंड?
उदाहरण के तौर पर, अगर बच्चा 5 साल का है और उसके लिए Children’s Mutual Fund में हर महीने ₹8,000 की SIP शुरू की जाती है, तो 18 साल की उम्र तक ₹29.6 लाख से ज्यादा का फंड तैयार हो सकता है। इस उदाहरण में सालाना 12.62 फीसदी रिटर्न माना गया है। हालांकि, पिछला प्रदर्शन भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं देता है।
Children’s Mutual Fund के क्या हैं फायदे?
इन फंड्स का फोकस लंबी अवधि में पैसा जमा करने पर रहता है। इक्विटी और डेट के मिश्रण के कारण इनमें ग्रोथ की संभावना के साथ जोखिम को संतुलित करने की कोशिश की जाती है। फंड का प्रबंधन प्रोफेशनल फंड मैनेजर्स करते हैं, जिससे निवेशकों को लगातार बाजार पर नजर रखने की जरूरत नहीं पड़ती।
SEBI की कैटेगरी के मुताबिक Children’s Mutual Funds सॉल्यूशन-ओरिएंटेड स्कीम्स हैं। निवेशक अपने वित्तीय लक्ष्य और जोखिम लेने की क्षमता के हिसाब से इक्विटी या डेट की ज्यादा हिस्सेदारी वाला ऑप्शन चुन सकते हैं।

