ब्याज दरें बढ़ने पर कौन से डेट म्यूचुअल फंड हैं बेहतर- लिक्विड, शॉर्ट टर्म या फ्लोटिंग रेट फंड?
बढ़ती ब्याज दरों के बीच अगर आप एफडी से अलग निवेश का विकल्प तलाश रहे हैं, तो डेट म्यूचुअल फंड आपके काम आ सकते हैं। लेकिन क्या हर डेट फंड में पैसा लगाना सही होगा? ऑप्टिमा मनी मैनेजर्स के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर पंकज मतपाल ने बताया कि किन विकल्पों में बेहतर रिटर्न की संभावना है।

In Short
- बढ़ती ब्याज दरों के बीच शॉर्ट टर्म डेट म्यूचुअल फंड निवेश का बेहतर विकल्प हो सकते हैं।
- लिक्विड फंड में 4% से 5% और शॉर्ट टर्म डेट फंड में 6% से 7% सालाना रिटर्न की संभावना।
- एक्सपर्ट पंकज मथपाल ने निवेश की अवधि के हिसाब से सही डेट फंड चुनने की सलाह दी।
ब्याज दरों में बढ़ोतरी के बीच निवेशकों के सामने बड़ा सवाल है कि आखिर पैसा कहां लगाया जाए, जहां बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना हो और जोखिम भी ज्यादा न हो। अगर आप बैंक की फिक्स्ड डिपॉजिट के अलावा निवेश के दूसरे विकल्प तलाश रहे हैं, तो शॉर्ट टर्म डेट म्यूचुअल फंड आपके लिए एक विकल्प हो सकते हैं। बिजनेस टुडे के शो में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा के सवालों का जवाब देते हुए ऑप्टिमा मनी मैनेजर्स के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर पंकज मतपाल ने कहा कि मौजूदा माहौल में कम अवधि वाले डेट फंड निवेशकों के लिए ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकते हैं।
बढ़ती ब्याज दरों में कहां लगाएं पैसा?
पंकज मथपाल के मुताबिक, यह समय शॉर्ट टर्म डेट फंड में निवेश करने का है। निवेशक लिक्विड फंड, मनी मार्केट फंड, अल्ट्रा शॉर्ट ड्यूरेशन और शॉर्ट ड्यूरेशन फंड जैसे विकल्पों पर विचार कर सकते हैं।
दरअसल, जब ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो बॉन्ड की कीमतों में गिरावट आती है। इसका असर लंबी अवधि वाले डेट फंड पर ज्यादा पड़ता है। वहीं, कम अवधि वाले डेट फंड पर ब्याज दरों में बदलाव का असर आमतौर पर कम होता है।
3 से 6 महीने के लिए कौन सा फंड बेहतर?
अगर आप सिर्फ 3 से 6 महीने के लिए पैसा निवेश करना चाहते हैं, तो पंकज मथपाल के मुताबिक लिक्विड फंड और शॉर्ट टर्म डेट फंड अच्छे विकल्प हो सकते हैं।
वहीं, अगर आपका निवेश का लक्ष्य करीब एक साल का है, तो मनी मार्केट फंड और फ्लोटिंग रेट बॉन्ड फंड पर विचार किया जा सकता है। मथपाल का कहना है कि अगर आने वाले समय में ब्याज दरें और बढ़ती हैं, तो फ्लोटिंग रेट फंड को इसका फायदा मिल सकता है।
FD के मुकाबले कितना मिलेगा रिटर्न?
रिटर्न को लेकर पंकज मथपाल ने बताया कि लिक्विड फंड की तुलना फिक्स्ड डिपॉजिट के बजाय सेविंग अकाउंट से करना ज्यादा सही होगा।
अगर सेविंग अकाउंट पर सालाना करीब 2.5% से 3% ब्याज मिल रहा है, तो लिक्विड फंड से करीब 4% से 5% तक रिटर्न मिलने की संभावना हो सकती है।
वहीं, शॉर्ट टर्म एफडी का विकल्प तलाश रहे निवेशकों के लिए शॉर्ट टर्म डेट फंड में करीब 6% से 7% सालाना रिटर्न की संभावना हो सकती है। हालांकि, यह रिटर्न गारंटीड नहीं है।
निवेश से पहले इन बातों का रखें ध्यान
पंकज मथपाल ने साफ किया कि म्यूचुअल फंड में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन होता है। इसलिए सिर्फ ज्यादा रिटर्न देखकर निवेश करना सही नहीं है।
निवेशकों को अपनी जरूरत, निवेश की अवधि और ब्याज दरों के मौजूदा रुझान को ध्यान में रखकर फंड चुनना चाहिए। बढ़ती ब्याज दरों के बीच शॉर्ट ड्यूरेशन और फ्लोटिंग रेट फंड बेहतर विकल्प हो सकते हैं, लेकिन सही फंड का चुनाव करना सबसे जरूरी है।

