Mohan Charan Majhi आज ओडिशा CM पद की लेंगे शपथ, केवी सिंहदेव, प्रभाती परिदा बनेंगे डिप्टी CM, पीएम मोदी, नड्डा, शाह समेत कई दिग्गज होंगे शामिल
ओडिशा विधानसभा चुनाव में भाजपा ने पहली बार बहुमत के साथ जीत हासिल की है। राज्य की 147 सीटों में से भाजपा को 78 सीटें मिली हैं। वहीं, नवीन पटनायक की बीजू जनता दल (BJD) को 51, कांग्रेस को 14, CPI(M) को 1 और अन्य को 3 सीटों पर जीत मिली है।

ओडिशा में आज पहली बार भाजपा की सरकार बनने जा रही है। शाम 5 बजे राजधानी भुवनेश्वर में मोहन चरण माझी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। उनके साथ कनक वर्धन सिंहदेव और प्रभाती परीदा डिप्टी CM पद की शपथ लेंगे। 11 जून को केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह और भूपेंद्र यादव ने तीनों के नाम की घोषणा की थी। 24 साल बाद एक बार फिर ओडिशा को आदिवासी मुख्यमंत्री मिलेगा। इससे पहले कांग्रेस के हेमानंद बिस्वाल राज्य के पहले आदिवासी CM थे। बिस्वाल 1989-1990 और 1999-2000 तक दो बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं। अगस्त 2022 में उनका निधन हो गया था। बिस्वाल के बाद कांग्रेस यहां कभी सत्ता में नहीं रही। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा और अमित शाह के अलावा कई केंद्रीय मंत्री और भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और डिप्टी CM भी शामिल होंगे। पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक भी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हो सकते हैं।
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ओडिशा विधानसभा में पहली बार भाजपा को बहुमत
ओडिशा विधानसभा चुनाव में भाजपा ने पहली बार बहुमत के साथ जीत हासिल की है। राज्य की 147 सीटों में से भाजपा को 78 सीटें मिली हैं। वहीं, नवीन पटनायक की बीजू जनता दल (BJD) को 51, कांग्रेस को 14, CPI(M) को 1 और अन्य को 3 सीटों पर जीत मिली है। लोकसभा चुनाव में भी पहली बार भाजपा ने यहां बड़ी जीत दर्ज की है। राज्य की 21 सीटों में से भाजपा को 20 और कांग्रेस को एक सीट मिली है। BJD और अन्य दलों को एक भी सीट नहीं मिली। 2019 में भाजपा को 8, BJD को 12 और कांग्रेस को एक सीट पर जीत मिली थी। यानी भाजपा को इस बार 12 सीटों का फायदा है।
मोहन माझी शिशु मंदिर में गुरुजी, फिर सरपंच, अब ओडिशा के CM
मोहन चरण माझी क्योंझर जिले के झोपुड़ा ब्लॉक के रायकोड़ा गांव के रहने वाले हैं। वे यहां से 2019, 2009 और 2000 में भी विधायक रह चुके हैं। 23% आदिवासी आबादी वाले ओडिशा में माझी भाजपा का स्थानीय बड़ा आदिवासी चेहरा हैं। माझी उसी समुदाय से आते हैं, जिससे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आती हैं। यानी माझी संथाल आदिवासी समुदाय के हैं। ओडिशा में मिशनरीज द्वारा आदिवासियों के धर्म परिवर्तन का मुद्दा बहुत बड़ा है। मोहन माझी कन्वर्जन के खिलाफ क्योंझर और मयूरभंज जिले में जमकर काम किया।
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माझी ने 59 हजार करोड़ के घोटाले का मामला उठाया
माझी क्योंझर और मयूरभंज जिले में 59 हजार 203 करोड़ रुपए के लौह और मैंगनीज अयस्क घोटाले में नवीन पटनायक सरकार को घेरने में सबसे आगे रहे। उन्होंने इसकी CBI जांच की भी मांग की। साथ ही रेलवे माल ढुलाई घोटाले और खनन कंपनियों द्वारा उत्पाद शुल्क की चोरी की भी उन्होंने CBI जांच की मांग की। एमबी शाह आयोग ने भी जांच की मांग को सही ठहराया था।
कनक वर्धन सिंहदेव: पटनायक सरकार में मंत्री, प्रदेश अध्यक्ष भी रहे
कनक वर्धन सिंहदेव बोलांगीर के राजपरिवार से हैं। उन्होंने 1995 में सक्रिय राजनीति में कदम रखा। सिंहदेव ने बोलांगीर जिले के पटनागढ़ विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और छठी बार जीते। वे नवीन पटनायक सरकार में 2000-2004 तक उद्योग और सार्वजनिक उद्यम, 2004-2009 तक शहरी विकास और सार्वजनिक उद्यम के मंत्री रह चुके हैं। 2013-2016 तक वे भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
प्रभाती परीदा पहली बार विधायक बनीं
1967 में जन्मी प्रभाती परीदा पहली बार पुरी की नीमापारा विधानसभा सीट से जीत दर्ज की है। उन्होंने बीजू जनता दल (BJD) के दिलीप कुमार नायक को 4,588 वोटों से हराया है। प्रभाती एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं। उन्होंने 1995 में उत्कल विश्वविद्यालय से LLB की डिग्री और 2005 में उसी विश्वविद्यालय से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में MA की डिग्री हासिल की है। प्रभाती ने 2005 में ओडिशा हाई कोर्ट में एक वकील के रूप में भी काम किया। उनकी शादी पूर्व सरकारी कर्मचारी श्याम सुंदर नायक से हुई है। प्रभाती परीदा के पति सरकारी अधिकारी थे, जो कुछ साल पहले रिटायर हुए। चुनावी हलफनामे के मुताबिक, प्रभाती परीदा की कुल चल-अचल संपत्ति 3.6 करोड़ रुपए है। प्रभाती परिदा ने कुल आय 31.8 लाख घोषित की है, जिनमें से 9 लाख रुपए उनकी खुद की कमाई है।
