
Vedanta: बोर्ड बैठक में क्या होने वाला है?
वित्त वर्ष 2025 में वेदांता रिसोर्सेज की 300 करोड़ अमेरिकी डॉलर बिलियन की फंडिंग चिंता का सबब बन सकती है। क्योंकि, वेदांता की मूल कंपनी ने कई कदम उठाकर वित्त वर्ष 24 के लिए फंडिंग की कमी को काफी हद तक कम कर दिया है।

Anil Aggarwal के नेतृत्व वाली कंपनी Vedanta Resources वित्त वर्ष 2015 में लगभग 2 अरब डॉलर के बांड से जुड़े कर्ज को चुकाने की तैयारी में है। इसीलिए हो सकता है इस रकम का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए किया जाए। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के मुताबिक, इन बॉन्ड्स को मिलाकर कंपनी को अगले वित्त वर्ष में 3.6 अरब डॉलर के कर्ज का भुगतान करना पड़ेगा। एनसीडी से मिली रकम का इस्तेमाल कर्ज चुकाने में किया जा सकता है। कंपनी ने एक्सचेंज को बताया कि इस बैठक में कंपनी एनसीडी के जरिए रकम जुटाने पर फैसला ले सकती है।
एनसीडी यानि नॉन कन्वर्टिबल डिबेंचर वो डिबेंचर होते हैं जिन्हें शेयर या इक्विटी में बदला नहीं जा सकता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वित्त वर्ष 2025 में वेदांता रिसोर्सेज की 300 करोड़ अमेरिकी डॉलर बिलियन की फंडिंग चिंता का सबब बन सकती है। क्योंकि, वेदांता की मूल कंपनी ने कई कदम उठाकर वित्त वर्ष 24 के लिए फंडिंग की कमी को काफी हद तक कम कर दिया है। इन उपायों में वेदांता में 6% हिस्सेदारी की बिक्री शामिल है। लेकिन अगले वित्त वर्ष वाली रकम चिंता का विषय बनी हुई है।

