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West Bengal में आसान होंगे जमीन कानून, बेहतर बिजनेस माहौल बनाने की तैयारी में जुटी सरकार

पश्चिम बंगाल को फिर से देश की आर्थिक ग्रोथ का इंजन बनाने के लिए राज्य सरकार जमीन कानूनों को आसान बनाने और बिजनेस माहौल सुधारने की तैयारी कर रही है। वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने कहा कि डि-रेगुलेशन, प्राइवेटाइजेशन और मौजूदा संपत्तियों के बेहतर इस्तेमाल से राज्य की वित्तीय स्थिति को मजबूत किया जा सकता है।

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Business Today India@100: पश्चिम बंगाल को एक बार फिर देश की आर्थिक ग्रोथ का इंजन बनाने की कोशिश की जा रही है। राज्य के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने कहा कि सरकार बेहतर बिजनेस माहौल तैयार करने के लिए जमीन कानूनों को आसान बनाने और डि-रेगुलेशन जैसे कदमों पर काम कर रही है।

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Business Today India@100 Summit में बोलते हुए दासगुप्ता ने कहा कि राज्य में जमीन हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है। इसकी वजह ज्यादा आबादी और छोटे-छोटे जमीन के टुकड़े हैं।
जमीन कानूनों को आसान बनाने की जरूरत

स्वपन दासगुप्ता ने कहा कि पश्चिम बंगाल में जमीन से जुड़े नियम काफी जटिल हैं। उन्होंने बताया कि पुराने शासन में बनाए गए जमीन कानूनों की वजह से कई बार जमीन बेचने और उसके इस्तेमाल में परेशानी आती है।

उन्होंने कहा कि जमीन के इस्तेमाल को आसान बनाने के लिए बड़ी संख्या में कानूनों में बदलाव की जरूरत है। इसके लिए सरकार जमीन पूलिंग जैसी व्यवस्थाओं पर भी विचार कर रही है, जो गुजरात और हरियाणा जैसे राज्यों में सफल रही हैं।

बिजनेस के लिए बेहतर माहौल बनाने पर जोर

दासगुप्ता ने कहा कि पश्चिम बंगाल में सिर्फ इंसेंटिव देकर कंपनियों को आकर्षित करना पर्याप्त नहीं होगा। राज्य के पास अपनी कई खूबियां हैं, जिन्हें सामने लाने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि बंगाल के पास पुरानी कारोबारी परंपरा, कुशल वर्कफोर्स, रहने के लिए बेहतर शहर और लगातार सुधरता इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद है। जरूरत सिर्फ एक बेहतर माहौल बनाने की है।

भारी कर्ज से निपटने के लिए नए तरीके तलाशे जाएंगे

राज्य के वित्त मंत्री ने बताया कि उन्हें बड़ी मात्रा में सार्वजनिक कर्ज विरासत में मिला है। उन्होंने कहा कि इस कर्ज को चुकाने के लिए नए और अलग तरीकों पर विचार करना होगा।

दासगुप्ता ने कहा कि राज्य को ज्यादा डि-रेगुलेशन, ज्यादा प्राइवेटाइजेशन और मौजूदा बेकार पड़ी संपत्तियों का बेहतर इस्तेमाल करना होगा। इससे राज्य की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

चार साल में सबसे तेज ग्रोथ का लक्ष्य

जब उनसे पूछा गया कि क्या पश्चिम बंगाल फिर से ग्रोथ इंजन बन सकता है, तो उन्होंने कहा कि सरकार ऐसा करने की पूरी कोशिश कर रही है।

उन्होंने कहा कि युवाओं में बंगाल की कारोबारी परंपरा को लेकर गर्व की भावना वापस लाने की जरूरत है। अगर अगले चार साल में राज्य देश की सबसे तेज ग्रोथ दर्ज करने में सफल रहता है, तो यह गर्व फिर लौट सकता है।

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दासगुप्ता ने जीएसटी को आसान बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी राज्यों को टैक्स व्यवस्था को सरल बनाने और अधिकारियों के विवेकाधीन अधिकारों को कम करने पर ध्यान देना चाहिए।