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दिल्ली नहीं जामनगर क्यों आ रहे अमेरिकी विदेश मंत्री? ट्रंप की परेशानी से जुड़ा है कनेक्शन

अमेरिका में डीजल की रिकॉर्डतोड़ कीमतों के बीच विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत दौरे पर आ रहे हैं। खास बात यह है कि वह दिल्ली के बजाय मुंबई और जामनगर जाएंगे। आखिर ट्रंप प्रशासन की नजर रिलायंस की जामनगर रिफाइनरी पर क्यों है? क्या भारत अमेरिका का डीजल संकट दूर करेगा?

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In Short

  • अमेरिका में डीजल संकट के बीच भारत आ रहे मार्को रुबियो।
  • दिल्ली छोड़ मुंबई और जामनगर जाएंगे अमेरिकी विदेश मंत्री।
  • भारत ने डीजल एक्सपोर्ट ड्यूटी 7.50 रुपये प्रति लीटर घटाई।

अमेरिका में डीजल की बढ़ती कीमतों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इसी बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो (Marco Rubio) 19 से 22 अक्टूबर तक भारत दौरे पर आ रहे हैं। खास बात यह है कि वह नई दिल्ली जाने के बजाय मुंबई और गुजरात के जामनगर जाएंगे। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर रुबियो के इस दौरे का अमेरिका में चल रहे डीजल संकट से क्या संबंध है?

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अमेरिका में क्यों बढ़ी ट्रंप की चिंता?

अमेरिका में डीजल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी हैं। अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन (EIA) के मुताबिक, 21 सितंबर को डीजल की कीमत 6.529 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई थी। हालांकि, 12 अक्टूबर को यह घटकर 6.179 डॉलर रह गई।

अमेरिका में ट्रकों, माल ढुलाई, खेती और भारी मशीनों में डीजल का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है। ऐसे में डीजल महंगा होने से सामान की ढुलाई और रोजमर्रा की चीजों की कीमतें बढ़ने का खतरा है। नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले यह ट्रंप प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है।

रुबियो के लिए क्यों अहम है जामनगर?

गुजरात के जामनगर में रिलायंस इंडस्ट्रीज का दुनिया का सबसे बड़ा सिंगल-लोकेशन रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स है। यहां रोजाना करीब 14 लाख बैरल कच्चे तेल को प्रोसेस करने की क्षमता है।

यहां पेट्रोल, डीजल और विमान फ्यूल समेत कई पेट्रोलियम उत्पाद बनाए जाते हैं। रिलायंस पहले से यूरोप और दूसरे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में डीजल सप्लाई कर रही है।

Image Credit: Aaj Tak

रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई में रिलायंस ने यूरोप और ब्राजील के लिए डीजल शिपमेंट बढ़ाया था। यूरोप को करीब 40 से 50 लाख बैरल डीजल निर्यात किया गया।

भारत ने डीजल एक्सपोर्ट भी किया सस्ता

भारत सरकार ने 16 अक्टूबर से डीजल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी 16 रुपये से घटाकर 8.50 रुपये प्रति लीटर कर दी है। यानी ड्यूटी में 7.50 रुपये की कटौती हुई है। वहीं, पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी 50 पैसे से बढ़ाकर 2.50 रुपये प्रति लीटर की गई है।

डीजल पर ड्यूटी घटने से भारतीय कंपनियों के लिए विदेशों में इसकी सप्लाई करना ज्यादा आकर्षक हो सकता है।

क्या भारत से डीजल लेने आ रहे हैं रुबियो?

अमेरिका में डीजल संकट के बीच रुबियो का जामनगर दौरा अहम माना जा रहा है। वह रिलायंस के अधिकारियों से भी मुलाकात करेंगे। रिलायंस अमेरिका के टेक्सास में प्रस्तावित 300 अरब डॉलर की रिफाइनरी परियोजना से भी जुड़ी है।

हालांकि, अभी तक आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है कि रुबियो भारत से डीजल सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए आ रहे हैं। लेकिन अमेरिका में बढ़ती ईंधन कीमतों और जामनगर की रिफाइनिंग क्षमता को देखते हुए इस दौरे पर खास नजर रहेगी।

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