
जापानी तकनीक से बदलेगी किसानों की तस्वीर; यूपी-जापान निवेश बैठक में शिवराज सिंह चौहान ने दिया बड़ा संदेश!
यूपी जापान निवेश बैठक 2026 में कृषि तकनीक को लेकर बड़ा संदेश दिया गया। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जापानी तकनीक का फायदा छोटे किसानों तक पहुंचना चाहिए, जिससे खेती की लागत कम हो और उत्पादन बढ़े। बैठक में निवेश, रोजगार और ग्रामीण विकास पर भी जोर दिया गया।

In Short
- शिवराज सिंह चौहान ने छोटे और सीमांत किसानों तक जापानी कृषि तकनीक पहुंचाने पर दिया जोर।
- यूपी को जापानी निवेश के लिए मजबूत केंद्र बताते हुए रोजगार और इनोवेशन बढ़ाने की बात कही।
- कृषि मशीनों और तकनीक के जरिए खेती की लागत घटाने और उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य।
उत्तर प्रदेश और जापान के बीच निवेश, तकनीक और औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए यूपी-जापान निवेश बैठक 2026 का आयोजन किया जा रहा है। इस बैठक में कृषि क्षेत्र में जापानी तकनीक के इस्तेमाल और किसानों की आय बढ़ाने को लेकर अहम चर्चा हुई। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए कृषि क्षेत्र में नए अवसरों पर जोर दिया गया।
किसानों के लिए उपयोगी मशीनों और तकनीक की जरूरत
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत-जापान की साझेदारी सिर्फ निवेश तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसका फायदा किसानों, युवाओं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत के पास बड़ा बाजार, युवा आबादी और कृषि क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं, ऐसे में जापान की तकनीकी विशेषज्ञता नई संभावनाओं के दरवाजे खोल सकती है।

उन्होंने जापानी कंपनियों और संस्थानों से अपील की कि वे ऐसी मशीनें और तकनीक विकसित करें, जो छोटे और सीमांत किसानों के लिए भी आसानी से उपलब्ध और उपयोगी हो सकें।
यूपी बना जापानी निवेश के लिए मजबूत केंद्र
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उत्तर प्रदेश बड़ा उपभोक्ता बाजार, कुशल मानव संसाधन, बेहतर कनेक्टिविटी, तेजी से विकसित हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश के अनुकूल नीतियों के कारण वैश्विक निवेश के लिए मजबूत जगह बनकर उभरा है।

उन्होंने कहा कि जापान उत्तर प्रदेश का खास और महत्वपूर्ण साझेदार है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की हाल की जापान यात्रा से दोनों पक्षों के संबंध और मजबूत हुए हैं। यूपी में ताकत, परंपरा, प्रतिभा, इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, इनोवेशन और बड़े बाजार की क्षमता मौजूद है।
खेती की लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने पर फोकस
कृषि मंत्री ने कहा कि आज ऐसी तकनीक की जरूरत है जो किसानों की उत्पादकता बढ़ाए, पानी की खपत कम करे, खेती की लागत घटाए और किसानों की आय बढ़ाने में मदद करे। कृषि क्षेत्र में होने वाली रिसर्च सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उसे ऐसे उत्पाद और तकनीक में बदलना चाहिए जिसे किसान आसानी से अपना सकें।

उन्होंने कहा कि जापान की तकनीकी क्षमता और उत्तर प्रदेश की प्रतिभा और बाजार क्षमता को साथ लाकर रोजगार, इनोवेशन और टिकाऊ विकास के नए रास्ते तैयार किए जा सकते हैं।
गांव के युवाओं को कृषि तकनीक से जोड़ने की अपील
शिवराज सिंह चौहान ने ग्रामीण युवाओं को कृषि तकनीक से जोड़ने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि नई कृषि मशीनों और तकनीक के संचालन, रखरखाव और इससे जुड़े कारोबार में युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के अवसर पैदा किए जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि इससे गांव के युवा विकास की यात्रा में सिर्फ दर्शक नहीं रहेंगे, बल्कि उसमें सक्रिय भागीदार बनेंगे।
कृषि तकनीक में भारत को ग्लोबल सेंटर बनाने पर जोर
केंद्रीय मंत्री ने जापान से अपील की कि वह भारत को कृषि तकनीक के क्षेत्र में ग्लोबल सेंटर बनाने में सहयोग करे। उन्होंने कहा कि कृषि और मैन्युफैक्चरिंग के बीच बेहतर तालमेल से किसानों के लिए उपयोगी तकनीक विकसित की जा सकती है।
उन्होंने भारत और जापान के रिश्तों को सिर्फ दो देशों के बीच साझेदारी नहीं, बल्कि दो संस्कृतियों के मेल के रूप में बताया। उनके अनुसार भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक ताकत तथा जापान की तकनीकी और औद्योगिक क्षमता मिलकर विकास की नई राह बना सकती है।

यूपी-जापान निवेश बैठक 2026 का आयोजन 18 से 23 अगस्त तक उत्तर प्रदेश और दिल्ली में किया जा रहा है। इसमें 200 से ज्यादा जापानी उद्योगपति, सीईओ, कारोबारी प्रतिनिधि और नीति निर्माता हिस्सा ले रहे हैं। बैठक में एडवांस तकनीक, ग्रीन हाइड्रोजन, रिन्यूएबल एनर्जी, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, सेमीकंडक्टर, ऑटोमोबाइल पार्ट्स, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, स्किल डेवलपमेंट और टूरिज्म जैसे क्षेत्रों में निवेश के अवसरों को सामने रखा जा रहा है।

