सरकार के नए टैक्स बिल से बदल सकती है निवेश की तस्वीर, जानिए किन सेक्टरों पर पड़ेगा असर
सरकार टैक्स नियमों में बदलाव के जरिए विदेशी निवेश बढ़ाने और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करने की तैयारी कर रही है। संसद में पेश होने वाले नए टैक्स बिल में डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स और रफ डायमंड व्यापार से जुड़े सेक्टर के लिए राहत देने वाले प्रावधान शामिल हो सकते हैं।

In Short
- टैक्सेशन एंड अदर लॉज़ (अमेंडमेंट) बिल, 2026’ में विदेशी निवेशकों के लिए टैक्स से जुड़ी राहत के प्रावधान शामिल हो सकते हैं।
- डेटा सेंटर और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए टैक्स छूट से जुड़े उपाय प्रस्तावित हो सकते हैं।
- रफ डायमंड व्यापार और फंड मैनेजमेंट सिस्टम को आसान बनाने पर सरकार का फोकस है।
Taxation and Other Laws Amendment Bill 2026: वित्त मंत्रालय इस हफ्ते संसद में 'Taxation and Other Laws (Amendment) Bill, 2026' पेश कर सकता है। इस बिल का मकसद विदेशी निवेशकों को आकर्षित करना और डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे सेक्टर में घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना है।
यह बिल 5 जून को जारी किए गए अध्यादेश की जगह लेगा। इस अध्यादेश के तहत विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी एफआईआई को सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश पर विदहोल्डिंग टैक्स से छूट दी गई थी।
विदेशी निवेश को आसान बनाने की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक, नए बिल में फंड मैनेजमेंट को आसान बनाने से जुड़े प्रावधान शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर के लिए नए प्रोत्साहन और डेटा सेंटर व कच्चे हीरे के व्यापार को बढ़ावा देने वाले उपाय भी इसमें शामिल किए जा सकते हैं।
सरकार का मानना है कि मौजूदा भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं को देखते हुए देश के निवेश माहौल और घरेलू उत्पादन क्षमता को मजबूत करने की जरूरत है।
डेटा सेंटर और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को मिल सकती है राहत
बिल के संभावित प्रावधानों में भारतीय कंपनियों द्वारा लीज पर लिए गए और चलाए जा रहे डेटा सेंटर के लिए टैक्स छूट शामिल हो सकती है।
इसके अलावा कस्टम बॉन्डेड एरिया में वेयरहाउस में रखे गए इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स से जुड़ी आय पर भी टैक्स छूट देने का प्रस्ताव हो सकता है। इन कंपोनेंट्स का इस्तेमाल कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर के जरिए खास इलेक्ट्रॉनिक सामान बनाने में किया जाता है।
रफ डायमंड व्यापार को बढ़ावा देने की योजना
बिल में विदेशी कंपनियों द्वारा कच्चे हीरे यानी रफ डायमंड की बिक्री से होने वाली आय पर टैक्स छूट का प्रावधान भी शामिल हो सकता है।
यह छूट 31 मार्च 2041 तक 15 साल की अवधि के लिए दी जा सकती है। इसका उद्देश्य रफ डायमंड व्यापार से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देना है।
विदेशी निवेशकों को टैक्स राहत देने की कोशिश
इस बिल के जरिए सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करने वाले विदेशी निवेशकों के लिए टैक्स से जुड़ी राहत को आगे बढ़ाने की तैयारी है।
ग्रांट थॉर्नटन भारत की टैक्स पार्टनर ऋचा साहनी ने कहा कि पहले जारी अध्यादेश ने वैश्विक आर्थिक घटनाक्रमों से जुड़ी तत्काल चिंताओं को दूर करने में मदद की थी। अब सरकार बातचीत के बाद इन उपायों को और मजबूत करना चाहती है।
उनके मुताबिक, फंड मैनेजमेंट सिस्टम को आसान बनाना, इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन को मजबूत करना, डेटा सेंटर और डायमंड ट्रेडिंग को बढ़ावा देना और विदेशी निवेशकों के लिए टैक्स राहत जैसे कदम भारत में वैश्विक पूंजी और कारोबारी गतिविधियों को आकर्षित करने की दिशा में हैं।
कुल मिलाकर, इस बिल के जरिए सरकार निवेश को आसान बनाने, उत्पादन क्षमता बढ़ाने और टैक्स व्यवस्था में ज्यादा स्पष्टता लाने की कोशिश कर रही है।

