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Sugar Season 2026-27: चीनी की कीमतों को लेकर बड़ी खबर! 107 मिलों में काम शुरू, त्योहारों पर मिलेगी राहत?

देश में चीनी का नया सीजन शुरू होते ही कीमतों को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। कई राज्यों में चीनी मिलों ने उत्पादन शुरू कर दिया है। त्योहारों के बीच बढ़ती मांग को देखते हुए क्या चीनी महंगी होगी या आम लोगों को राहत मिलेगी? जानिए क्या कहता है ISMA।

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AI Generated Image

In Short

  • देश में 2026-27 का चीनी सीजन शुरू, 107 चीनी मिलों में गन्ने की पेराई शुरू हुई।
  • 25 अक्टूबर तक चीनी का उत्पादन करीब 4 लाख टन पहुंचा, जबकि पिछले साल इसी समय 60,000 टन था।
  • पिछले सीजन का 36 लाख टन चीनी स्टॉक मौजूद, ISMA ने कीमतें स्थिर रहने की उम्मीद जताई।

देश में चीनी का नया सीजन शुरू हो गया है। ऐसे में आम लोगों के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि आने वाले दिनों में चीनी की कीमतें बढ़ेंगी या स्थिर रहेंगी। त्योहारों के दौरान चीनी की मांग भी बढ़ती है। इस बीच चीनी मिलों में काम शुरू होने और बाजार में सप्लाई को लेकर अहम जानकारी सामने आई है। आइए जानते हैं कि इस बार उत्पादन और कीमतों की क्या स्थिति रहने वाली है।

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107 चीनी मिलों में शुरू हुआ गन्ने की पेराई का काम

इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) के मुताबिक, देश में 2026-27 का चीनी सीजन तय समय पर शुरू हो गया है। अब तक अलग-अलग राज्यों में 107 चीनी मिलों ने गन्ने की पेराई शुरू कर दी है।

25 अक्टूबर तक देश में करीब 4 लाख टन चीनी का उत्पादन हो चुका है। पिछले साल इसी तारीख तक यह आंकड़ा करीब 60,000 टन था। यानी इस बार शुरुआती उत्पादन पिछले साल के मुकाबले काफी ज्यादा है।

महाराष्ट्र और यूपी में कैसी है तैयारी?

देश के सबसे बड़े चीनी उत्पादक राज्य महाराष्ट्र में करीब 87 मिलों ने काम शुरू कर दिया है। वहीं उत्तर प्रदेश में अभी दो मिलों में गन्ने की पेराई शुरू हुई है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अगले तीन से चार दिनों में पेराई शुरू होने की उम्मीद है। इसके बाद मध्य उत्तर प्रदेश और फिर पूर्वी उत्तर प्रदेश में गन्ना तैयार होने के साथ मिलें काम शुरू करेंगी।इसके अलावा तमिलनाडु, कर्नाटक और गुजरात में कुल 17 चीनी मिलों ने उत्पादन शुरू कर दिया है।

देश में कितना है चीनी का स्टॉक?

ISMA के मुताबिक, पिछला चीनी सीजन 2025-26 खत्म होने पर देश में करीब 36 लाख टन चीनी का कैरीओवर स्टॉक बचा था। यानी पिछले सीजन की इतनी चीनी अभी उपलब्ध है।

सरकार ने कच्ची चीनी के बिना इंपोर्ट ड्यूटी वाले आयात की समयसीमा भी बढ़ाई है। साथ ही स्टॉक रखने की सीमा तय की गई है, ताकि घरेलू बाजार में चीनी की सप्लाई बनी रहे।पुराने स्टॉक, नए उत्पादन और सरकारी कदमों से त्योहारों के दौरान चीनी की उपलब्धता पर्याप्त रहने की उम्मीद है।

क्या चीनी की कीमतें बढ़ेंगी?

ISMA के डायरेक्टर जनरल दीपक बल्लानी ने कहा कि देश में घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त से ज्यादा चीनी मौजूद है।उनके मुताबिक, त्योहारों की मांग आसानी से पूरी होने की उम्मीद है। इंडस्ट्री ग्राहकों को लगातार चीनी उपलब्ध कराने और किसानों को गन्ने का समय पर भुगतान करने के लिए प्रतिबद्ध है।आने वाले हफ्तों में और मिलों के शुरू होने से सप्लाई बढ़ेगी। ISMA को उम्मीद है कि घरेलू बाजार में चीनी की कीमतें स्थिर बनी रहेंगी।

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