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SBI की चेतावनी से बढ़ी टेंशन! Repo Rate बढ़ा तो Home Loan EMI पर पड़ेगा कितना असर?

महंगाई के बढ़ते आंकड़े अब आपकी EMI पर असर डाल सकते हैं। अगस्त में रिटेल और थोक महंगाई बढ़ने के बाद ब्याज दरों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। SBI रिसर्च की रिपोर्ट में रेपो रेट बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है। जानिए इसका होम लोन और FD पर क्या असर होगा।

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AI Generated Image

In Short

  • अगस्त में रिटेल महंगाई 4.82% पर पहुंची, बढ़ती महंगाई से EMI पर बढ़ सकता है दबाव।
  • SBI रिसर्च ने RBI को अक्टूबर और दिसंबर में 25-25 बेसिस पॉइंट बढ़ोतरी की सलाह दी।
  • रेपो रेट बढ़ने पर होम लोन EMI बढ़ सकती है, वहीं FD निवेशकों को ज्यादा ब्याज का फायदा मिल सकता है।

महंगाई के आंकड़े सिर्फ बाजार और अर्थव्यवस्था के लिए ही अहम नहीं होते, बल्कि इनका सीधा असर आपकी जेब पर भी पड़ सकता है। रिटेल और थोक महंगाई बढ़ने से आने वाले समय में ब्याज दरों पर दबाव बन सकता है, जिसका असर होम लोन जैसी EMI पर दिखाई दे सकता है।

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अगस्त में बढ़ी रिटेल और थोक महंगाई

अगस्त में रिटेल महंगाई बढ़कर 4.82 फीसदी पहुंच गई है, जो पिछले 8 महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है। जुलाई में यह आंकड़ा 4.45 फीसदी था।

खाने-पीने की चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी से आम लोगों का बजट प्रभावित हुआ है। प्याज, लहसुन और अदरक जैसी रोजमर्रा की चीजों की कीमतों में तेजी देखने को मिली है।

वहीं, अगस्त में थोक महंगाई भी बढ़कर 9.92 फीसदी पर पहुंच गई।

महंगाई के बाद EMI पर बढ़ सकता है दबाव

महंगाई बढ़ने की स्थिति में ब्याज दरों पर असर पड़ सकता है। SBI रिसर्च की रिपोर्ट में RBI को अक्टूबर और दिसंबर में 25-25 बेसिस पॉइंट की दो बढ़ोतरी करने की सलाह दी गई है।

हालांकि, RBI ने अभी रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। फिलहाल रेपो रेट 5.25 फीसदी पर स्थिर है और अगस्त की बैठक में लगातार चौथी बार इसमें बदलाव नहीं किया गया था।

प्रतीकात्मक तस्वीर

SBI रिसर्च के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, बाहरी जोखिम और महंगाई के दबाव के कारण ब्याज दरों में बढ़ोतरी की जरूरत बन सकती है।

क्रूड ऑयल बना बड़ा खतरा

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें हाल में 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी हैं। SBI रिसर्च के एक मॉडल में अगले 15 दिनों में क्रूड के 123 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया है।

हालांकि, इसे स्ट्रेस सिनेरियो बताया गया है। दूसरे अनुमान में अगले 15 दिनों में क्रूड की औसत कीमत 105 डॉलर प्रति बैरल रहने की बात कही गई है।

कच्चे तेल की कीमतों का असर सिर्फ पेट्रोल-डीजल तक सीमित नहीं रहता। इससे ट्रांसपोर्ट और कंपनियों की लागत बढ़ सकती है, जिसका असर सामान और सेवाओं की कीमतों पर पड़ सकता है।

50 बेसिस पॉइंट बढ़ोतरी से कितनी बढ़ेगी EMI?

अगर RBI अक्टूबर और दिसंबर में कुल 50 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी करता है, तो फ्लोटिंग रेट वाले लोन पर असर पड़ सकता है।

उदाहरण के लिए, ₹50 लाख के 20 साल के होम लोन पर 8.25 फीसदी ब्याज दर के हिसाब से EMI करीब ₹42,603 बनती है।

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अगर बैंक पूरी 50 बेसिस पॉइंट बढ़ोतरी ग्राहकों तक पहुंचाता है, तो ब्याज दर 8.75 फीसदी हो सकती है और EMI बढ़कर करीब ₹44,186 हो सकती है। यानी हर महीने करीब ₹1,583 ज्यादा चुकाने पड़ सकते हैं।

FD निवेशकों को मिल सकती है राहत

रेपो रेट बढ़ने का फायदा FD कराने वाले ग्राहकों को मिल सकता है। अगर बैंक ब्याज दरें बढ़ाते हैं, तो नई FD पर पहले के मुकाबले ज्यादा ब्याज मिलने की संभावना बन सकती है।

अब सबकी नजर RBI की अगली MPC बैठक पर है, जो 5 से 7 अक्टूबर के बीच होगी। इस बैठक में महंगाई, क्रूड ऑयल और अर्थव्यवस्था की स्थिति को देखते हुए ब्याज दरों पर फैसला लिया जाएगा।