scorecardresearch

RBI MPC: रेपो रेट 5.25% पर बरकरार! EMI में नहीं होगा बदलाव, महंगाई और कच्चे तेल पर RBI की पैनी नजर

RBI ने अपनी मौद्रिक नीति का रुख (स्टांस) भी "न्यूट्रल" बनाए रखा, जिससे साफ है कि आगे के फैसले आर्थिक आंकड़ों और महंगाई के रुख पर निर्भर करेंगे।

Advertisement

RBI repo rate: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने बुधवार को बाजार की उम्मीदों के अनुरूप रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया। गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता वाली छह सदस्यीय समिति ने सर्वसम्मति से रेपो रेट 5.25% पर बरकरार रखने का फैसला किया।

advertisement

इसके साथ ही RBI ने अपनी मौद्रिक नीति का रुख (स्टांस) भी "न्यूट्रल" बनाए रखा, जिससे साफ है कि आगे के फैसले आर्थिक आंकड़ों और महंगाई के रुख पर निर्भर करेंगे।

कच्चे तेल और महंगाई पर RBI की नजर

RBI का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब खुदरा महंगाई में हाल के महीनों में खाद्य और ईंधन की कीमतों के कारण कुछ बढ़ोतरी हुई है, लेकिन यह अब भी केंद्रीय बैंक के सहज दायरे में बनी हुई है।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि RBI फिलहाल यह देखना चाहता है कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भारत में व्यापक महंगाई का रूप लेती हैं या नहीं। इसी वजह से केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरों में बदलाव करने के बजाय इंतजार की रणनीति अपनाई है।

इस बीच, भू-राजनीतिक तनाव और ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी के कारण दुनिया के कई केंद्रीय बैंक महंगाई पर काबू पाने के लिए सख्त मौद्रिक नीति अपना रहे हैं।

EMI में फिलहाल राहत, कर्ज महंगा नहीं होगा

रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं होने का सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जिनके होम लोन, व्हीकल लोन या अन्य फ्लोटिंग रेट वाले कर्ज रेपो रेट से जुड़े हैं। ऐसे लेनदारों की EMI में फिलहाल कोई बदलाव होने की संभावना नहीं है।

इसके अलावा, बैंकों के कर्ज और जमा पर ब्याज दरें भी तब तक स्थिर रहने की उम्मीद है, जब तक सिस्टम में लिक्विडिटी या फंडिंग लागत में कोई बड़ा बदलाव नहीं आता।

रियल एस्टेट सेक्टर ने फैसले का किया स्वागत

Royal Green Realty के मैनेजिंग डायरेक्टर यशांक वासन ने कहा, "RBI MPC का रेपो रेट 5.25% पर बरकरार रखने का फैसला रियल एस्टेट सेक्टर के लिए सकारात्मक है। स्थिर ब्याज दरों से घर खरीदने वालों की EMI काबू में रहेगी, जिससे संभावित खरीदारों की संख्या बढ़ सकती है। वहीं, डेवलपर्स के लिए भी यह रुख नई परियोजनाओं की लॉन्चिंग और समय पर पूरा करने में मददगार होगा।"