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SME को मिलेगा ₹10,000 करोड़ का बूस्ट! मोदी कैबिनेट ने ITLA समेत इन दो बड़े फैसलों पर लगाई मुहर

मोदी कैबिनेट ने SME और ट्रांसपोर्ट-लॉजिस्टिक्स सेक्टर को लेकर दो बड़े फैसलों पर मुहर लगाई है। एक तरफ छोटे और मध्यम उद्यमों की ग्रोथ के लिए ₹10,000 करोड़ का फंड बनाया जाएगा, वहीं दूसरी तरफ नई अथॉरिटी के गठन को मंजूरी मिली है। जानिए इन फैसलों से क्या बदलने वाला है।

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In Short

  • मोदी कैबिनेट ने SME ग्रोथ फंड के लिए ₹10,000 करोड़ के बजट को मंजूरी दी।
  • मैन्युफैक्चरिंग आधारित SME को इक्विटी पूंजी के जरिए कारोबार बढ़ाने में मदद मिलेगी।
  • कैबिनेट ने इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक्स अथॉरिटी यानी ITLA बनाने के प्रस्ताव पर भी मुहर लगाई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली कैबिनेट ने मंगलवार को दो बड़े फैसलों को मंजूरी दी है। इनमें एक फैसला छोटे और मध्यम उद्यमों यानी SME से जुड़ा है, जबकि दूसरा ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर के लिए है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि कैबिनेट ने SME ग्रोथ फंड (SGF) बनाने के साथ इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक्स अथॉरिटी (ITLA) की स्थापना के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है।

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SME ग्रोथ के लिए ₹10,000 करोड़ का फंड

सरकार ने छोटे और मध्यम उद्यमों में सीधे इक्विटी निवेश के लिए SME ग्रोथ फंड बनाने का फैसला किया है। इसके लिए ₹10,000 करोड़ का बजट मंजूर किया गया है। सरकार का उद्देश्य इस फंड के जरिए ज्यादा क्षमता वाले SME को आगे बढ़ने में मदद देना और भविष्य के बड़े कारोबारी चैंपियन तैयार करना है।

इस फंड का ज्यादातर हिस्सा मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े SME के लिए रखा जाएगा। सरकार का मानना है कि इक्विटी पूंजी मिलने से इन उद्यमों को अपना कारोबार और उत्पादन क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

नई टेक्नोलॉजी अपनाने में मिलेगी मदद

इस पहल के तहत केंद्र सरकार औद्योगिक विकास कोष के अंतर्गत स्थापित वैकल्पिक निवेश कोष यानी AIF में कुल ₹10,000 करोड़ का निवेश करेगी। इससे मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को क्षमता विस्तार करने, नई और उन्नत टेक्नोलॉजी अपनाने और बड़े पैमाने पर उत्पादन करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

SGF से उत्पादकता बढ़ने और निर्यात में प्रतिस्पर्धा मजबूत होने की भी उम्मीद है। इसके साथ क्षेत्रीय औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलने, स्थानीय सप्लाई चेन मजबूत होने और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है। सरकार इस पहल को 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रही है।

ITLA बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी

कैबिनेट ने इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक्स अथॉरिटी यानी ITLA बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, यह अथॉरिटी ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स की प्लानिंग, रिसर्च, प्रोजेक्ट के मूल्यांकन और मॉनिटरिंग के लिए मुख्य संस्था के रूप में काम करेगी। इसके अलावा यह पॉलिसी सपोर्ट और डेटा एनालिटिक्स की जिम्मेदारी भी संभालेगी।

ट्रांसपोर्ट के कई सेक्टर होंगे शामिल

ITLA एक लॉन्ग टर्म ट्रांसपोर्ट स्कीम तैयार करेगी। इसमें सड़क, रेलवे, बंदरगाह और शिपिंग, सिविल एविएशन, इनलैंड वॉटरवेज, कोस्टल शिपिंग, शहरी मोबिलिटी और लॉजिस्टिक्स को शामिल किया जाएगा।

इसके अलावा ITLA लॉजिस्टिक्स सेक्टर में ट्रेनिंग, स्किल डेवलपमेंट और क्षमता निर्माण को भी समर्थन देगी। इस तरह नई अथॉरिटी अलग-अलग ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर से जुड़ी प्लानिंग और दूसरे जरूरी कामों के लिए मुख्य संस्था के तौर पर काम करेगी।

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