भारत-अमेरिका ट्रेड डील के बीच जामनगर पहुंचे मार्को रुबियो, रिलायंस की रिफाइनरी का करेंगे दौरा
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो गुजरात के जामनगर पहुंचे हैं, जहां वह रिलायंस की रिफाइनरी और वंतारा का दौरा करेंगे। उनका यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब भारत-अमेरिका ट्रेड डील अंतिम दौर में बताई जा रही है। आखिर जामनगर दौरे के क्या मायने हैं और व्यापार समझौते पर क्या नया अपडेट है?

In Short
- अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो जामनगर में रिलायंस रिफाइनरी और वंतारा का दौरा करेंगे।
- भारत-अमेरिका ट्रेड डील में अब कुछ ही मुद्दों पर सहमति बनना बाकी है।
- रूसी तेल, अमेरिकी टैरिफ और H-1B वीजा फीस पर दोनों देशों के बीच मतभेद बरकरार हैं।
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो बुधवार को गुजरात के जामनगर पहुंचे। यहां उनका रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) की रिफाइनरी और वंतारा का दौरा करने का कार्यक्रम है। रुबियो का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत अहम दौर में पहुंच गई है। इससे एक दिन पहले उन्होंने मुंबई में विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की थी।
जामनगर में रिलायंस की रिफाइनरी का करेंगे दौरा
मार्को रुबियो के जामनगर दौरे में रिलायंस इंडस्ट्रीज की रिफाइनरी और वंतारा शामिल हैं। जामनगर रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स रिलायंस के प्रमुख कारोबारों में से एक है और भारत के ऊर्जा क्षेत्र में इसकी अहम भूमिका है।
भारत और अमेरिका के बीच बातचीत में ऊर्जा एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन चुका है। अमेरिका लगातार भारत की ओर से रूसी तेल की खरीद पर चिंता जताता रहा है। वहीं, वॉशिंगटन भारत के साथ ऊर्जा व्यापार बढ़ाने की कोशिश भी कर रहा है।
रिलायंस का अमेरिकी ऊर्जा क्षेत्र में भी कारोबार है। ऐसे में कंपनी के रिफाइनिंग ऑपरेशन भारत-अमेरिका ऊर्जा संबंधों को लेकर होने वाली चर्चाओं में अहम रहे हैं।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर क्या बोले रुबियो?
मुंबई में विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ बैठक के दौरान दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते की बातचीत में हुई प्रगति का स्वागत किया।
दोनों पक्षों ने समझौते को जल्द अंतिम रूप देने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
मार्को रुबियो ने कहा कि ट्रेड डील में अब केवल कुछ ही मुद्दों पर सहमति बनना बाकी है। उनके मुताबिक, इन मुद्दों को सुलझाने के बाद समझौता जल्द पूरा हो सकता है।
हालांकि, अमेरिकी टैरिफ और भारतीय बाजार तक पहुंच जैसे मुद्दों पर दोनों देशों के बीच मतभेद बने हुए हैं।
मुंबई में 26/11 हमले के पीड़ितों को दी श्रद्धांजलि
मंगलवार को मुंबई पहुंचने के बाद मार्को रुबियो ने ताजमहल पैलेस होटल में बने 26/11 आतंकी हमले के स्मारक का दौरा किया।
उन्होंने नवंबर 2008 के मुंबई आतंकी हमलों में मारे गए लोगों को पुष्पांजलि अर्पित की। इन हमलों में छह अमेरिकी नागरिकों की भी मौत हुई थी।
यह दौरा ऐसे समय हुआ, जब भारत और अमेरिका आतंकवाद के खिलाफ सहयोग बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं।
टैरिफ, H-1B वीजा और रूसी तेल पर मतभेद
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार के अलावा कई दूसरे मुद्दों पर भी बातचीत जारी है।
इनमें पिछले साल लगाए गए अमेरिकी टैरिफ, इमिग्रेशन से जुड़ी पाबंदियां, H-1B वीजा की बढ़ी हुई फीस और भारत की रूसी तेल खरीद शामिल हैं।
इसके अलावा दोनों देश ऊर्जा, टेक्नोलॉजी और रक्षा क्षेत्र में सहयोग को लेकर भी चर्चा कर रहे हैं।
मार्को रुबियो का पिछले पांच महीनों में यह दूसरा भारत दौरा है। उनका यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब दोनों सरकारें आपसी मतभेदों के बीच व्यापार समझौते को जल्द पूरा करने की कोशिश कर रही हैं।

