
LPG ग्राहकों के लिए जरूरी खबर! नवंबर से पहले समझ लें सिलेंडर से जुड़े ये 5 नियम
LPG गैस सिलेंडर इस्तेमाल करने वालों के लिए नवंबर की शुरुआत से पहले कुछ जरूरी नियम जानना अहम है। सिलेंडर की अगली बुकिंग से लेकर सब्सिडी पाने तक, इन नियमों का सीधा असर ग्राहकों पर पड़ सकता है। अगर आप भी गैस कनेक्शन का इस्तेमाल करते हैं, तो ये बातें जरूर जान लें।

In Short
- ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों के ग्राहकों को अगला एलपीजी सिलेंडर बुक करने के लिए 25 दिन का अंतर रखना होगा।
- एलपीजी सब्सिडी का लाभ लेने के लिए आधार बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन जरूरी है।
- सिलेंडर मिल सकता है, लेकिन सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा और बाजार कीमत चुकानी होगी।
अगर आप घर में एलपीजी गैस सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं, तो नवंबर की शुरुआत से पहले इससे जुड़े कुछ जरूरी नियम जान लेना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। इन नियमों में अगला सिलेंडर बुक करने के बीच का अंतर और LPG सब्सिडी पाने के लिए जरूरी आधार e-KYC शामिल है। आइए जानते हैं कि गैस सिलेंडर इस्तेमाल करने वालों को किन बातों का ध्यान रखना होगा।
1. अगला सिलेंडर बुक करने के लिए करना होगा 25 दिन का इंतजार
एलपीजी ग्राहकों को अब एक सिलेंडर की बुकिंग के बाद अगला सिलेंडर बुक करने के लिए 25 दिन का अंतर रखना होगा। यह नियम ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों के ग्राहकों पर लागू है। इसमें प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थी और सामान्य ग्राहक भी शामिल हैं।
पहले यह अंतर 21 दिन था, जिसे मार्च 2026 में बढ़ाकर 25 दिन किया गया था। बाद में ग्रामीण ग्राहकों के लिए इसे 45 दिन कर दिया गया, जबकि शहरी ग्राहकों के लिए 25 दिन का नियम लागू रहा। सितंबर 2026 में ग्रामीण ग्राहकों के लिए भी यह अंतर घटाकर 25 दिन कर दिया गया।
2. सब्सिडी के लिए आधार e-KYC जरूरी
अगर आप एलपीजी सिलेंडर पर सब्सिडी का फायदा लेना चाहते हैं, तो आपको आधार बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन यानी e-KYC पूरा करना होगा। अक्टूबर से भारतीय परिवारों के लिए यह प्रक्रिया अनिवार्य कर दी गई है।
इसका मकसद सब्सिडी का लाभ सही लोगों तक पहुंचाना और डुप्लीकेट या अपात्र गैस कनेक्शन पर रोक लगाना है।
उदाहरण के लिए, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को 14.2 किलोग्राम के घरेलू LPG सिलेंडर पर सब्सिडी मिल सकती है। दिल्ली में सिलेंडर की बाजार कीमत 942 रुपये बताई गई है। ऐसे में पात्र लाभार्थियों के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए 200 से 300 रुपये तक की सब्सिडी आ सकती है। यह लाभ साल में चार एलपीजी रिफिल पर लागू है।

3. इन तीन तरीकों से पूरा कर सकते हैं e-KYC
आधार बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन पूरा करने के लिए ग्राहकों के पास तीन विकल्प हैं।
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सिलेंडर डिलीवरी के समय: डिलीवरी करने वाला कर्मचारी ऑयल मार्केटिंग कंपनी के मोबाइल ऐप के जरिए प्रक्रिया पूरी कर सकता है।
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गैस एजेंसी पर जाकर: ग्राहक अपने एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर के शोरूम में जाकर e-KYC करा सकते हैं।
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मोबाइल ऐप से: इंडेन ग्राहक IndianOil ONE, भारत गैस ग्राहक HelloBPCL और HP Gas ग्राहक HP PAY ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं।
4. e-KYC नहीं कराने पर क्या होगा?
अगर कोई ग्राहक आधार बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन नहीं कराता है, तो भी उसे एलपीजी सिलेंडर मिल सकता है। हालांकि, उसे सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा और सिलेंडर लागू बाजार कीमत पर खरीदना होगा।
पेट्रोलियम मंत्रालय के दिशानिर्देशों के मुताबिक, जो ग्राहक e-KYC कराने में असमर्थ हैं या ऐसा नहीं करना चाहते, वे अपनी पसंद OMC के डिजिटल माध्यमों से दर्ज करा सकते हैं।
5. 5 या 10 किलो का सिलेंडर भी ले सकते हैं
e-KYC नहीं कराने वाले ग्राहक अपनी जरूरत के मुताबिक 5 किलोग्राम या 10 किलोग्राम का एलपीजी सिलेंडर भी ले सकते हैं। हालांकि, यह सुविधा संबंधित ऑयल मार्केटिंग कंपनी के पास स्थानीय उपलब्धता पर निर्भर करेगी।
इसलिए गैस सिलेंडर की अगली बुकिंग और सब्सिडी का लाभ लेने से पहले इन नियमों को समझना जरूरी है। खासकर सब्सिडी पाने वाले ग्राहकों को अपना आधार e-KYC जरूर पूरा कर लेना चाहिए।

