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सोना चांदी के आयात पर टैक्स छूट खत्म, क्या ग्राहकों पर भी पड़ेगा असर

सरकार ने सोना चांदी और प्लैटिनम के आयात पर बैंकों को मिलने वाली IGST छूट खत्म कर दी है। अब इन पर 3% टैक्स लगेगा। इस फैसले का मकसद सभी आयात माध्यमों के लिए समान टैक्स व्यवस्था लागू करना है। विशेषज्ञों को त्योहारों की मांग पर बड़े असर की उम्मीद नहीं है।

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AI Generated Image

In Short

  • सरकार ने सोना चांदी और प्लैटिनम के आयात पर 3% IGST लगाया।
  • बैंकों को मिलने वाली टैक्स छूट खत्म, सभी आयात माध्यमों पर समान टैक्स।
  • विशेषज्ञों के मुताबिक इस फैसले से त्योहारों की मांग पर असर की उम्मीद नहीं।

भारत में सोना चांदी और प्लैटिनम के आयात से जुड़े नियमों में बदलाव किया गया है। सरकार ने बैंकों और सरकारी मंजूरी वाली एजेंसियों के जरिए आयात किए जाने वाले कीमती धातुओं पर मिलने वाली टैक्स छूट को आगे नहीं बढ़ाया है। इसके बाद अब इन आयात पर 3% इंटीग्रेटेड गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (IGST) लगेगा। इस फैसले से देश में सोने और चांदी की सप्लाई करने वाले प्रमुख आयात माध्यमों पर असर पड़ेगा।

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ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, राजस्व सचिव अरविंद श्रीवास्तव ने गुरुवार को नई दिल्ली में बताया कि सरकार ने 31 मार्च 2026 के बाद बैंकों के जरिए आयात किए जाने वाले कीमती धातुओं पर IGST छूट को आगे नहीं बढ़ाया है। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य सोना और चांदी आयात करने के अलग-अलग माध्यमों के बीच टैक्स के मामले में समानता बनाए रखना है।

क्यों खत्म की गई टैक्स छूट?

सरकार ने यह फैसला इसलिए लिया है ताकि किसी एक आयात माध्यम को टैक्स के मामले में दूसरे माध्यमों के मुकाबले फायदा न मिले। अरविंद श्रीवास्तव के मुताबिक, इस फैसले की जानकारी गुरुवार को हुई GST काउंसिल की बैठक में भी दी गई। इस काउंसिल की अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री करते हैं और इसमें सभी राज्यों के वित्त मंत्री शामिल होते हैं।

सोने के आयात पर यह छूट साल 2017 में शुरू की गई थी। बाद में इसे चांदी और प्लैटिनम के आयात पर भी लागू किया गया। इसका मकसद मंजूरी प्राप्त कारोबारियों के जरिए कीमती धातुओं की सप्लाई को आसान बनाना था।

पहले से कुछ आयातकों पर लग रहा था टैक्स

सरकार की ओर से कुछ छूट की अवधि समाप्त होने के बाद पिछले कुछ महीनों से कुछ आयातक पहले ही इस टैक्स का भुगतान कर रहे थे। इसके बाद विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने 17 अप्रैल को अधिकृत आयातकों की नई सूची जारी की थी। हालांकि, टैक्स छूट से जुड़ी अधिसूचना को अपडेट नहीं किया गया था।

इस बदलाव के बाद अब सोना और चांदी आयात करने वाले सभी माध्यमों पर टैक्स के मामले में समान व्यवस्था लागू होगी।

क्या सोना चांदी महंगा होगा?

मेटल्स फोकस के रिसर्च कंसल्टेंट आदर्श दिवे के मुताबिक, बैंक बुलियन आयात पर दिए गए IGST को इनपुट टैक्स क्रेडिट के रूप में वापस प्राप्त कर सकते हैं। ऐसे में यह टैक्स सप्लाई चेन की कुल लागत में अतिरिक्त बोझ नहीं बनता। हालांकि, टैक्स की वापसी होने तक बैंकों की वर्किंग कैपिटल का कुछ हिस्सा अटक सकता है।

दिवे ने यह भी कहा कि ग्राहक पहले से ही इस टैक्स का बोझ उठा रहे थे क्योंकि इसे आगे कीमतों में शामिल कर दिया जाता था। इसलिए इस फैसले से त्योहारों के दौरान सोने की मांग या आयात पर असर पड़ने की उम्मीद नहीं है।

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सोने के आयात पर सरकार का नियंत्रण

भारत में सोने के आयात पर सख्त नियंत्रण है। देश में ज्यादातर सोना अधिकृत बैंकों और नामित एजेंसियों के जरिए आता है। वहीं, पात्र ज्वेलर्स इंडिया इंटरनेशनल बुलियन एक्सचेंज के माध्यम से भी सोना आयात कर सकते हैं।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया (MCX) पर गुरुवार दोपहर 12:40 बजे सोने की कीमत 1,47,017 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। इस नए नियम से आयातकों को टैक्स भुगतान के लिए अधिक वर्किंग कैपिटल की जरूरत पड़ सकती है।