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IIT बॉम्बे छात्र मामले में बड़ा अपडेट, परीक्षा नियमों से लेकर छात्रों की सुनवाई तक बदलेगा तरीका

IIT बॉम्बे छात्र Sahil Wakode की मौत के बाद संस्थान ने परीक्षा नियमों और अनुशासनात्मक कार्रवाई की समीक्षा शुरू कर दी है। नई कमेटी SOP तैयार करेगी, वहीं मिड-सेमेस्टर परीक्षा भी आगे बढ़ा दी गई है। मामले में आरोपों और छात्रों की मांगों को लेकर जांच जारी है।

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In Short

  • Sahil Wakode मौत मामले के बाद IIT बॉम्बे ने परीक्षा नियमों की समीक्षा के लिए 10 सदस्यीय कमेटी बनाई।
  • मिड-सेमेस्टर परीक्षाएं 26-27 सितंबर से बढ़ाकर 10-11 अक्टूबर कर दी गई हैं।
  • छात्रों की मांगों के बाद कार्रवाई प्रक्रिया, मेंटर सपोर्ट और SOP में बदलाव पर विचार जारी है।

IIT बॉम्बे ने छात्र Sahil Wakode की मौत के बाद परीक्षा में अनुशासनात्मक कार्रवाई और अकादमिक नियमों की समीक्षा शुरू कर दी है। Wakode की मौत के बाद कैंपस में विरोध प्रदर्शन, भूख हड़ताल और जातीय भेदभाव के आरोप सामने आए। इसके बाद संस्थान ने छात्रों से जुड़े नियमों में बदलाव पर विचार शुरू किया है।

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Wakode को कथित तौर पर परीक्षा के दौरान ChatGPT के इस्तेमाल के आरोप में पकड़ा गया था। इसके कुछ घंटे बाद वह हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटके मिले थे। इस मामले के बाद छात्रों ने कई मांगें रखीं, जिनमें प्रशासनिक जवाबदेही, मानसिक स्वास्थ्य सहायता और निर्णय प्रक्रिया में छात्रों की भागीदारी शामिल हैं।

10 सदस्यीय कमेटी तैयार करेगी नए नियम

IIT बॉम्बे ने इस मामले के बाद 10 सदस्यों की एक कमेटी बनाई है। यह कमेटी परीक्षा में नकल या अन्य गड़बड़ी के मामलों में कार्रवाई के लिए नए Standard Operating Procedures (SOPs) तैयार करेगी।

कमेटी में फैकल्टी और छात्रों को बराबर प्रतिनिधित्व दिया गया है। छात्रों की ओर से 20 सितंबर को दिए गए 18 मांगों वाले चार्टर में भी निर्णय लेने वाली संस्थाओं में ज्यादा छात्र प्रतिनिधित्व की मांग की गई थी।

कमेटी संदिग्ध अकादमिक गड़बड़ी के मामलों में छात्रों को मिलने वाली प्रक्रिया की भी समीक्षा करेगी। प्रस्तावों में यह भी शामिल है कि अगर किसी छात्र पर परीक्षा में गड़बड़ी का आरोप लगता है तो अनुशासनात्मक कमेटी के सामने जाने से पहले वह अपने छात्र मेंटर से बात कर सके।

मेंटर्स आमतौर पर ऐसे वरिष्ठ छात्र होते हैं जो कैंपस में 3-4 साल बिता चुके होते हैं। उनका उद्देश्य छात्र को तनाव कम करने और स्थिति को समझने में मदद करना होगा।

परीक्षा नियमों को लेकर भी बदलाव पर विचार

IIT बॉम्बे परीक्षा के नियमों और संभावित कार्रवाई की जानकारी उत्तर पुस्तिका के पहले पेज पर छापने पर भी विचार कर रहा है। इससे छात्रों को पहले से पता रहेगा कि किसी भी तरह की गड़बड़ी के क्या परिणाम हो सकते हैं।

इसके अलावा फैकल्टी सदस्यों ने भी परीक्षा के दौरान निगरानी करने वाले शिक्षकों के लिए स्पष्ट निर्देशों की मांग की है, ताकि संदिग्ध मामलों को संभालने का तरीका एक जैसा हो।

नए SOP और अकादमिक गड़बड़ी से जुड़े नियमों को लागू करने से पहले सीनेट के सामने मंजूरी के लिए रखा जाएगा। 

26-27 सितंबर की परीक्षा अब अक्टूबर में होगी

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IIT बॉम्बे ने 26 और 27 सितंबर को होने वाली मिड-सेमेस्टर परीक्षाओं को टाल दिया है। अब ये परीक्षाएं 10 और 11 अक्टूबर को आयोजित की जाएंगी।

संस्थान ने कहा है कि परीक्षा टालने का उद्देश्य नई कमेटी को छात्र हितों को ध्यान में रखते हुए स्पष्ट SOP और संशोधित नियम तैयार करने का समय देना है। इसका मकसद परीक्षा प्रक्रिया को निष्पक्ष और एक समान बनाना है।

प्रोफेसर छुट्टी पर, परिवार ने लगाए भेदभाव के आरोप

इस मामले में प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला का नाम पुलिस द्वारा दर्ज FIR में शामिल किया गया है। उन पर जातीय भेदभाव के आधार पर आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपों की जांच चल रही है। जांच को निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ाने के लिए प्रोफेसर को छुट्टी पर भेजा गया है।

वहीं, Sahil Wakode के माता-पिता ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे को IIT बॉम्बे में जाति से जुड़े भेदभाव और टिप्पणियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने प्रोफेसर दूल्ला और IIT बॉम्बे के डायरेक्टर शिरीष केदारे की गिरफ्तारी की मांग की है।

Sahil के पिता रविंद्र Wakode ने कहा है कि अगर FIR में नाम दर्ज अधिकारियों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो वह मुंबई के आजाद मैदान में भूख हड़ताल शुरू करेंगे।

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