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HSBC का भारत में विस्तार प्लान, छोटे शहरों के अमीर ग्राहकों और ग्लोबल इंडियंस पर दांव

भारत के तेजी से बढ़ते अमीर ग्राहक वर्ग पर HSBC की नजर है। ब्रिटेन का यह बैंक भारत में प्राइवेट बैंकिंग और वेल्थ मैनेजमेंट कारोबार को विस्तार देने की तैयारी कर रहा है। खास फोकस छोटे शहरों और विदेशों से जुड़े भारतीयों पर रहेगा। बैंक का अगला बड़ा कदम क्या होगा, जानिए।

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AI Generated Image

HSBC Holdings Plc भारत में अपने प्राइवेट बैंकिंग कारोबार को तेजी से बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। ब्लूमबर्ग के रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटेन का यह बैंक देश के बढ़ते अमीर ग्राहक वर्ग और विदेशों से जुड़े भारतीयों को अपने विस्तार का आधार बना रहा है। HSBC की रणनीति वेल्थ मैनेजमेंट, ट्रांजैक्शन बैंकिंग और अपने ग्लोबल नेटवर्क के इस्तेमाल पर केंद्रित है।

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2030 तक टॉप 4-5 में आने का लक्ष्य

ब्लूमबर्ग के रिपोर्ट के मुताबिक HSBC India के सीईओ हितेंद्र दवे ने कहा कि बैंक का लक्ष्य 2030 तक भारत के टॉप चार या पांच प्राइवेट बैंकों में शामिल होना है। इस विस्तार के साथ HSBC का सीधा कंपीटिशन ICICI Bank और Kotak Mahindra Bank जैसे बड़े घरेलू बैंकों से बढ़ेगी।

HSBC अगले दो साल में भारत में अपनी शाखाओं की संख्या 34 से बढ़ाकर 46 करने की योजना बना रहा है। इसके लिए 34 शहरों में नेटवर्क तैयार किया जाएगा। नए शहरों में भुवनेश्वर, राजकोट, जालंधर और मैसूर शामिल हैं। बैंक का फोकस अब बड़े महानगरों से आगे छोटे शहरों में मौजूद संपन्न ग्राहकों तक पहुंच बनाने पर है।

छोटे शहरों के अमीर ग्राहकों पर दांव

हितेंद्र दवे के मुताबिक, भारत में नई पीढ़ी की संपत्ति तेजी से ‘ग्लोबल’ हो रही है। ज्यादा भारतीय विदेशों में पढ़ रहे हैं, काम कर रहे हैं, अंतरराष्ट्रीय कारोबार बना रहे हैं और विदेशों में निवेश कर रहे हैं। HSBC ऐसे ग्राहकों को अपने अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के जरिए बैंकिंग और वेल्थ मैनेजमेंट सेवाएं देना चाहता है।

HSBC की प्राइवेट बैंकिंग आम तौर पर कम से कम 20 लाख डॉलर की निवेश योग्य संपत्ति वाले ग्राहकों को लक्षित करती है। हालांकि, भारत में विदेशी बैंकों के लिए शाखाएं खोलने के नियम घरेलू बैंकों की तुलना में अधिक सख्त हैं।

ब्लूमबर्ग ने बताया कि HSBC का विस्तार ऐसे समय हो रहा है जब कुछ विदेशी बैंक भारत के रिटेल और वेल्थ कारोबार से पीछे हटे हैं। इसके उलट HSBC, Standard Chartered और Barclays भारत में वेल्थ मैनेजमेंट कारोबार बढ़ा रहे हैं। HSBC ने हाल में GIFT City से तीन महीनों में 10.9 अरब डॉलर के विदेशी मुद्रा स्वैप के जरिए भारत के डायस्पोरा को कर्ज दिया, जो इस कार्यक्रम में किसी बैंक की सबसे बड़ी राशि थी।