
त्योहारों से पहले चीनी के दाम पर सरकार सख्त, जमाखोरी रोकने के लिए मिलों को दिया ये बड़ा निर्देश
त्योहारों से पहले चीनी की कीमतों को लेकर सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है। बाजार में सप्लाई बनाए रखने के लिए चीनी मिलों को खास निर्देश दिए गए हैं। आखिर क्यों बढ़े दाम और सरकार ने क्या कदम उठाए? जानिए पूरी कहानी।

In Short
- त्योहारों से पहले चीनी की पर्याप्त सप्लाई बनाए रखने के लिए सरकार ने चीनी मिलों को दिए निर्देश
- रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची कीमतों के बाद सरकार ने 10 लाख मीट्रिक टन ड्यूटी फ्री चीनी आयात की मंजूरी दी
- सरकार ने कहा चीनी की कीमत बढ़ने की वजह मांग नहीं बल्कि जमाखोरी रही, हर महीने होगी निगरानी
त्योहारी सीजन में चीनी की बढ़ती मांग को देखते हुए सरकार ने चीनी मिलों को बाजार में पर्याप्त सप्लाई बनाए रखने और कीमतों को नियंत्रण में रखने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने साफ कहा है कि अगर बिना किसी उचित वजह के चीनी के दाम बढ़ते हैं तो सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
खाद्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि सरकार चीनी की उपलब्धता और कीमतों पर लगातार नजर रख रही है। हाल ही में चीनी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थीं, जिसके बाद सरकार ने घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए 10 लाख मीट्रिक टन चीनी के ड्यूटी फ्री आयात की अनुमति दी थी।
कीमत बढ़ने की वजह नहीं थी ज्यादा मांग
खाद्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव अश्विनी श्रीवास्तव ने कहा कि हाल में चीनी की कीमतों में हुई बढ़ोतरी अचानक बढ़ी मांग की वजह से नहीं हुई थी। उनके मुताबिक, कुछ जगहों पर ऊंची कीमतों की उम्मीद में चीनी का भंडारण किया गया, जिससे बाजार में दबाव बढ़ा।
हालांकि, पिछले कुछ दिनों में चीनी की कीमतें अपने रिकॉर्ड स्तर से नीचे आई हैं, लेकिन अभी भी ये दो महीने पहले के मुकाबले करीब 20 फीसदी ज्यादा हैं।
त्योहारों में बढ़ जाती है चीनी की खपत
भारत में अगस्त से नवंबर के बीच त्योहारों के दौरान चीनी की मांग आमतौर पर बढ़ जाती है। गणेश चतुर्थी, दशहरा और दिवाली जैसे त्योहारों में मिठाइयों और अन्य पारंपरिक पकवानों की मांग बढ़ने से चीनी की खपत भी बढ़ती है।
सरकार इसी वजह से उत्पादन, स्टॉक और कीमतों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है, ताकि बाजार में किसी तरह की कमी न हो और कीमतों में अचानक उछाल को रोका जा सके।

करीब एक दशक बाद ब्राजील से चीनी आयात
भारत आमतौर पर चीनी का बड़ा निर्यातक देश रहा है, लेकिन अब करीब एक दशक बाद पहली बार ब्राजील से चीनी आयात की जा रही है।
सरकार ने घरेलू उपलब्धता बढ़ाने और कीमतों पर दबाव कम करने के लिए 10 लाख मीट्रिक टन तक ड्यूटी फ्री आयात की अनुमति दी है। अश्विनी श्रीवास्तव के अनुसार, इस कोटे के तहत अब तक करीब 8 लाख मीट्रिक टन चीनी आयात के लिए आवेदन मिल चुके हैं।
हर महीने चीनी उत्पादन और बिक्री पर नजर
सरकार अब चीनी उत्पादन और बिक्री की स्थिति को ज्यादा करीब से ट्रैक करेगी। चीनी मिलों से हर महीने उत्पादन और बिक्री का सही डेटा उपलब्ध कराने को कहा गया है।
इस जानकारी के आधार पर सरकार बाजार में चीनी की उपलब्धता का आकलन करेगी और जरूरत पड़ने पर समय रहते कदम उठाएगी। त्योहारी सीजन में ग्राहकों को पर्याप्त मात्रा में चीनी मिले और कीमतें नियंत्रण में रहें, इसके लिए सरकार ने चीनी उद्योग को सतर्क रहने को कहा है।

