
सरकार का सब्सिडी खर्च 35% बढ़ा, खाद पर खर्च में जोरदार उछाल से बढ़ी सरकार की चिंता
सरकार का सब्सिडी खर्च वित्त वर्ष 2026-27 के शुरुआती चार महीनों में तेजी से बढ़ा है। अप्रैल-जुलाई के दौरान बड़ी सब्सिडी पर 1.53 लाख करोड़ रुपये खर्च हुए। आंकड़ों में सबसे ज्यादा उछाल खाद सब्सिडी के खर्च में दिखा है, जबकि खाद्य सब्सिडी पर भी सरकार का खर्च बढ़ा है।

सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के पहले चार महीनों (अप्रैल-जुलाई) में सब्सिडी पर पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 35.2% ज्यादा खर्च किया है। कंट्रोलर जनरल ऑफ अकाउंट्स (CGA) के आंकड़ों के मुताबिक, इस बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह खाद पर सब्सिडी का खर्च बढ़ना है। इस दौरान खाद्य सब्सिडी पर भी खर्च बढ़ा, जबकि पेट्रोलियम सब्सिडी पर खर्च में ज्यादा तेजी नहीं आई।
अप्रैल-जुलाई के दौरान बड़ी सब्सिडी पर सरकार ने कुल 1.535 लाख करोड़ रुपये खर्च किए। यह वित्त वर्ष 2026-27 के लिए तय 4.105 लाख करोड़ रुपये के बजट अनुमान का करीब 37% है। पिछले साल इसी अवधि में सरकार ने पूरे साल के लक्ष्य का करीब 30% खर्च किया था।
खाद सब्सिडी का खर्च अप्रैल-जुलाई में 46.2% बढ़कर 86,517 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल इसी अवधि में 59,164 करोड़ रुपये था। वहीं, खाद्य सब्सिडी पर खर्च 23.3% बढ़कर 66,610 करोड़ रुपये पहुंच गया।
वित्त वर्ष 2026-27 में सरकार ने बड़ी सब्सिडी पर कुल 4.105 लाख करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया है। यह पिछले वित्त वर्ष के 4.539 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले कम है।
नीचे दी गई टेबल में अप्रैल-जुलाई के दौरान बड़ी सब्सिडी पर हुए खर्च की जानकारी (अरब रुपये में) दी गई है।


