
सोने की पांच दिन की तेजी पर लगा ब्रेक, अब Fed के फैसले पर टिकी बाजार की नजर
पांच दिन की तेजी के बाद सोने की कीमतों में हल्की नरमी आई है। हालांकि पिछले एक हफ्ते में सोने ने करीब 7 फीसदी की बढ़त दर्ज की है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, अब निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों से जुड़े फैसलों और जैक्सन होल बैठक पर टिकी है।

In Short
- पांच दिन की तेजी के बाद सोने की कीमतों में थोड़ी गिरावट आई लेकिन पिछले हफ्ते करीब 7% की बढ़त रही।
- निवेशकों की नजर अब फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों की रणनीति और जैक्सन होल बैठक पर है।
- गोल्ड ETF में पिछले हफ्ते 28 टन से ज्यादा सोना जुड़ा जो जनवरी के बाद सबसे बड़ी बढ़ोतरी है।
सोने की कीमतों में लगातार पांच दिन की तेजी के बाद अब थोड़ी नरमी देखने को मिली है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, निवेशकों का ध्यान अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर आगे की रणनीति पर है। इस हफ्ते होने वाली सालाना जैक्सन होल बैठक से बाजार को फेड के रुख के संकेत मिलने की उम्मीद है।
तीन महीने के ऊंचे स्तर से नीचे आया सोना
सोना पिछले सत्र में तीन महीने के उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद थोड़ा नीचे आया है। बुलियन की कीमत करीब 4,640 डॉलर प्रति औंस के आसपास रही।
हालांकि पिछले एक हफ्ते में सोने ने करीब 7 फीसदी की बढ़त दर्ज की है। अमेरिकी ट्रेजरी की बॉन्ड मार्केट में अचानक की गई दखलअंदाजी के बाद सोने में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है।
अमेरिकी कर्ज और बजट घाटे की चिंता से बढ़ी मांग
हाल के दिनों में अमेरिकी कर्ज की लागत को नियंत्रित करने की कोशिशों ने निवेशकों का ध्यान फिर से सोने की ओर खींचा है।
सोने में तेजी को बढ़ाने वाली वजहों में से एक ‘डेबेसमेंट ट्रेड’ भी रहा है। इसमें निवेशक बढ़ते बजट घाटे और आर्थिक अनिश्चितता से बचने के लिए सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों में निवेश करते हैं और सरकारी बॉन्ड व करेंसी से दूरी बनाते हैं।
ETF में बढ़ा सोने का निवेश
हाल की तेजी के बाद सोना अपने 200 दिन के मूविंग एवरेज से ऊपर निकल गया है। इसे बाजार में तेजी की गति को मापने वाला एक अहम स्तर माना जाता है।

निवेशकों की बढ़ती भागीदारी का संकेत गोल्ड आधारित एक्सचेंज ट्रेडेड फंड यानी ETF से भी मिला है। Bloomberg के मुताबिक पिछले हफ्ते इन फंड्स में 28 टन से ज्यादा सोना जुड़ा, जो जनवरी के बाद सबसे बड़ी बढ़ोतरी है।
Fed के फैसले से मिलेगी आगे की दिशा
अब निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के रुख पर है। शुक्रवार को फेड चेयरमैन केविन वॉर्श जैक्सन होल सिम्पोजियम में अपना पहला बड़ा भाषण देंगे।
ये खबर पढ़ना ना भूलें: भारत में इंटर्न्स की बल्ले बल्ले, HFT कंपनियां दे रहीं 2 महीने के लिए 60 लाख रुपये तक का पैकेज
इस भाषण से महंगाई और ब्याज दरों को लेकर फेड की सोच के संकेत मिलने की उम्मीद है। वहीं बोस्टन फेड के अध्यक्ष सुसान कॉलिन्स ने कहा है कि फिलहाल ब्याज दरों को स्थिर रखना सही हो सकता है, जब तक महंगाई को 2 फीसदी के लक्ष्य की ओर लाने में प्रगति दिखती है।
महंगाई और कच्चे तेल पर भी बाजार की नजर
मंगलवार को अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट और कच्चे तेल की कीमतों में कमी से महंगाई की चिंता थोड़ी कम हुई। मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने की उम्मीद के बीच तेल की कीमतों में गिरावट आई है।
बाजार की नजर अब अमेरिका के पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर इंडेक्स पर भी है, जिससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था और महंगाई की स्थिति को लेकर नए संकेत मिल सकते हैं।
वहीं सोना 0.3 फीसदी गिरकर 4,644.49 डॉलर प्रति औंस पर रहा। दूसरी ओर चांदी 0.7 फीसदी बढ़कर 69.11 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।
