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दिल्ली एयरपोर्ट पर FedEx का बड़ा दांव! ₹1400 करोड़ से ज्यादा लगाएगी कंपनी, बनेगा नया एयर कार्गो हब

FedEx दिल्ली एयरपोर्ट पर बड़ा एयर कार्गो हब बनाने जा रही है। कंपनी इस प्रोजेक्ट पर 150 मिलियन डॉलर यानी 1,400 करोड़ रुपये से ज्यादा निवेश करेगी। नया हब 2.30 लाख वर्ग फुट में बनेगा और इसकी प्रोसेसिंग क्षमता बढ़कर 5,000 पैकेज प्रति घंटे तक पहुंच जाएगी।

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AI Generated Image

In Short

  • FedEx दिल्ली एयरपोर्ट पर 2.30 लाख वर्ग फुट में नया एयर कार्गो हब बनाएगा।
  • कंपनी इस प्रोजेक्ट पर 150 मिलियन डॉलर यानी 1,400 करोड़ रुपये से ज्यादा निवेश करेगी।
  • हब शुरू होने के बाद प्रोसेसिंग क्षमता 600 से बढ़कर 5,000 पैकेज प्रति घंटे हो जाएगी।

फेडरल एक्सप्रेस कॉरपोरेशन यानी FedEx दिल्ली एयरपोर्ट पर एक नया एयर कार्गो हब बनाने जा रही है। कंपनी इस प्रोजेक्ट पर करीब 150 मिलियन डॉलर खर्च करेगी। भारतीय रुपये में यह रकम 1,400 करोड़ रुपये से ज्यादा है। यह हब इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के GMR Cargo City में बनाया जाएगा।

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2.30 लाख वर्ग फुट में बनेगा हब

FedEx का नया एयर कार्गो हब करीब 2,30,000 वर्ग फुट में फैला होगा। मंगलवार को दिल्ली में इस प्रोजेक्ट की ग्राउंडब्रेकिंग सेरेमनी हुई। इस मौके पर सिविल एविएशन मिनिस्टर के राममोहन नायडू भी मौजूद रहे।

उन्होंने कहा कि भारत को एयर कार्गो मूवमेंट के लिए एक मजबूत केंद्र बनना चाहिए।

नॉर्थ और ईस्ट इंडिया को मिलेगा फायदा

FedEx के मुताबिक यह नया हब नॉर्थ और ईस्ट इंडिया की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा। इससे इन इलाकों के कारोबारियों को दुनिया के दूसरे बाजारों से जुड़ने में मदद मिलेगी।

FedEx दुनिया की बड़ी एक्सप्रेस ट्रांसपोर्ट कंपनियों में शामिल है। कंपनी सामान पहुंचाने के लिए एयर और ग्राउंड नेटवर्क का इस्तेमाल करती है।

एक घंटे में 5,000 पैकेज तक होंगे प्रोसेस

इस नए हब के शुरू होने के बाद पैकेज प्रोसेस करने की क्षमता काफी बढ़ जाएगी। अभी यह क्षमता 600 पैकेज प्रति घंटे है। नया हब शुरू होने के बाद यह बढ़कर 5,000 पैकेज प्रति घंटे हो जाएगी।

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कंपनी ने कहा कि जरूरत के हिसाब से इस क्षमता को आगे और भी बढ़ाया जा सकता है।

FedEx का बड़ा निवेश

FedEx ने बताया कि इस प्रोजेक्ट में करीब 150 मिलियन डॉलर का लॉन्ग टर्म निवेश किया जाएगा। मौजूदा एक्सचेंज रेट के हिसाब से यह रकम 1,400 करोड़ रुपये से ज्यादा है।

इस प्रोजेक्ट का मकसद दिल्ली एयरपोर्ट पर एयर कार्गो से जुड़े काम को और तेज और बेहतर बनाना है।

जल्द शुरू होगा निर्माण

GMR Cargo City को अलग-अलग चरणों में बनाया जाएगा और निर्माण का काम जल्द शुरू होने की उम्मीद है।

सिविल एविएशन सेक्रेटरी समीर कुमार सिन्हा ने कहा कि एयर कार्गो मूवमेंट में आने वाली रुकावटों को दूर करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।

नया हब शुरू होने के बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर कार्गो संभालने की क्षमता में बड़ा इजाफा होगा।