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Maruti Suzuki फ्रॉन्क्स ने बनाया बड़ा रिकॉर्ड, 38 महीने से कम समय में 2 लाख SUV एक्सपोर्ट का आंकड़ा पार!

मारुति सुजुकी की कॉम्पैक्ट SUV फ्रॉन्क्स ने एक्सपोर्ट के मामले में नया रिकॉर्ड बना दिया है। 38 महीने से भी कम समय में 2 लाख यूनिट्स विदेश भेजकर यह भारत की पहली SUV बन गई है। जापान समेत करीब 90 देशों में इसकी बढ़ती मांग कंपनी की ग्लोबल सफलता दिखाती है।

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AI Generated Image

In Short

  • मारुति फ्रॉन्क्स ने 38 महीने से कम समय में 2 लाख एक्सपोर्ट का आंकड़ा पार किया
  • जापान समेत करीब 90 देशों में भेजी जा रही है भारत में बनी फ्रॉन्क्स SUV
  • FY24-25 से फ्रॉन्क्स भारत की नंबर 1 एक्सपोर्ट होने वाली पैसेंजर गाड़ी रही है

मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड की कॉम्पैक्ट SUV फ्रॉन्क्स ने एक्सपोर्ट के मामले में नया रिकॉर्ड बना दिया है। कंपनी ने बताया कि फ्रॉन्क्स ने 38 महीने से भी कम समय में 2 लाख एक्सपोर्ट का आंकड़ा पार कर लिया है। यह उपलब्धि हासिल करने वाली भारत की पहली SUV बन गई है। जून 2023 में एक्सपोर्ट शुरू होने के बाद से इसकी ग्लोबल डिमांड लगातार बढ़ रही है। गुजरात के हंसलपुर प्लांट में बनी यह SUV अब जापान समेत करीब 90 देशों में भेजी जा रही है। इसी बढ़ती मांग ने फ्रॉन्क्स को इंटरनेशनल मार्केट में मजबूत पहचान दिलाई है।

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पहले 1 लाख एक्सपोर्ट में लगे 25 महीने से कम

फ्रॉन्क्स ने जून 2023 में विदेशी बाजारों में कदम रखा था। इसके बाद 'मेड इन इंडिया' SUV ने 1 लाख एक्सपोर्ट का आंकड़ा 25 महीने से भी कम समय में हासिल कर लिया। इसके बाद अगले 1 लाख एक्सपोर्ट पूरे करने में सिर्फ करीब 13 महीने लगे। यह तेजी दिखाती है कि दुनियाभर के बाजारों में फ्रॉन्क्स की मांग तेजी से बढ़ रही है।

90 देशों तक पहुंची भारत में बनी SUV

मारुति सुजुकी की फ्रॉन्क्स गुजरात के हंसलपुर फैसिलिटी में तैयार की जाती है। कंपनी इसे जापान समेत लगभग 90 देशों में एक्सपोर्ट कर रही है। मारुति सुजुकी के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO हिसाशी ताकेउची ने कहा कि ये गाड़ियां मिलकर भारतीय मैन्युफैक्चरिंग की झलक लगभग 120 देशों तक पहुंचाती हैं।

एक्सपोर्ट में फ्रॉन्क्स का बड़ा योगदान

हिसाशी ताकेउची ने कहा कि मारुति सुजुकी की एक्सपोर्ट सफलता में फ्रॉन्क्स का अहम योगदान रहा है। FY24-25 से यह भारत की नंबर 1 एक्सपोर्ट होने वाली पैसेंजर गाड़ी रही है। कंपनी के मुताबिक, फ्रॉन्क्स की बढ़ती बिक्री यह दिखाती है कि ग्लोबल मार्केट में भारतीय गाड़ियों को लेकर भरोसा बढ़ रहा है।

'मेक इन इंडिया मेक फॉर द वर्ल्ड' को बढ़ावा

ताकेउची ने कहा कि 'मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड' के तहत मारुति सुजुकी भारत के मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम की ताकत दिखा रही है। कंपनी लगातार एक्सपोर्ट बढ़ाने पर फोकस कर रही है, जिसकी वजह से वह भारत से पैसेंजर गाड़ियों के एक्सपोर्ट में नंबर वन पोजीशन पर पहुंच गई है।

FY27 की पहली तिमाही में भी मारुति का दबदबा

कंपनी ने बताया कि वित्त वर्ष 26-27 की पहली तिमाही में भारत से सबसे ज्यादा एक्सपोर्ट होने वाली तीनों पैसेंजर गाड़ियां मारुति सुजुकी की थीं। हर साल बढ़ती एक्सपोर्ट संख्या यह बताती है कि कंपनी के प्रोडक्ट्स ग्लोबल मार्केट में भरोसेमंद और पसंद किए जा रहे हैं।

पैसेंजर व्हीकल एक्सपोर्ट में 55% हिस्सेदारी

SIAM के डेटा के मुताबिक, वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में भारत के पैसेंजर व्हीकल एक्सपोर्ट में मारुति सुजुकी की हिस्सेदारी 55% रही। फ्रॉन्क्स की सफलता ने कंपनी की इंटरनेशनल मौजूदगी को और मजबूत किया है।

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