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BTIndia@100: EV एक्सपोर्ट में मारुति सुजुकी का दबदबा, अब बायोगैस पर लगा रही बड़ा दांव

भारत से इलेक्ट्रिक गाड़ियों के एक्सपोर्ट में मारुति सुजुकी ने बड़ी हिस्सेदारी का दावा किया है। कंपनी के मुताबिक सिर्फ ई विटारा के साथ उसका ईवी एक्सपोर्ट में करीब 90 फीसदी हिस्सा है। वहीं कंपनी भविष्य की मोबिलिटी में इलेक्ट्रिक गाड़ियों के साथ बायोगैस पर भी बड़ा दांव लगा रही है।

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भारत से इलेक्ट्रिक गाड़ियों के एक्सपोर्ट में मारुति सुजुकी इंडिया ने बड़ी हिस्सेदारी का दावा किया है। कंपनी के पास फिलहाल ई विटारा एसयूवी के रूप में केवल एक इलेक्ट्रिक मॉडल है, लेकिन कंपनी के मुताबिक भारत से होने वाले कुल ईवी एक्सपोर्ट में उसकी हिस्सेदारी करीब 90 फीसदी है।

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BusinessTodayIndia@100Summit में मारुति सुजुकी के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ हिसाशी ताकेउची ने कहा कि भारत सुजुकी ग्रुप के लिए कार मैन्युफैक्चरिंग का बेहद अहम केंद्र बन चुका है।

पैसेंजर व्हीकल एक्सपोर्ट में भी बड़ी हिस्सेदारी

ताकेउची ने कहा कि भारत से होने वाले कुल पैसेंजर व्हीकल एक्सपोर्ट में मारुति सुजुकी की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2026-27 में करीब 55 फीसदी हो गई है। उन्होंने बताया कि घरेलू बाजार में कंपनी की हिस्सेदारी इस साल अब तक करीब 41 फीसदी है। वहीं भारत से होने वाले कुल पैसेंजर व्हीकल एक्सपोर्ट में कंपनी की हिस्सेदारी 55 फीसदी तक पहुंच रही है।

उनके मुताबिक, सुजुकी ग्रुप के लिए भारत कारों के उत्पादन का बेहद महत्वपूर्ण हब है।

सिर्फ EV पर निर्भर नहीं होगी भविष्य की रणनीति

मारुति सुजुकी का मानना है कि भारत में भविष्य की मोबिलिटी केवल इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर निर्भर नहीं होगी। कंपनी अलग-अलग टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल की संभावना देख रही है।

इसी रणनीति में बायोगैस को भी अहम जगह दी जा रही है। ताकेउची ने दिल्ली और दूसरे बड़े शहरों में खराब हवा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बायोगैस इस समस्या से निपटने में मददगार हो सकती है।

बायोगैस को EV से भी बेहतर क्यों बताया?

ताकेउची ने कहा कि बायोगैस बायोमास से तैयार होती है और यह कार्बन न्यूट्रल या कार्बन नेगेटिव हो सकती है। उनके मुताबिक, बायोगैस से चलने वाली कारें कार्बन उत्सर्जन के लिहाज से बेहतर विकल्प बन सकती हैं।

उन्होंने इसी आधार पर बायोगैस को ईवी से भी बेहतर विकल्प बताया।

चार बायोगैस प्लांट लगाने की तैयारी

मारुति सुजुकी के बोर्ड ने पहले चरण में चार बायोगैस प्लांट लगाने की मंजूरी दी है। इन पर 561 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

कंपनी इस प्रक्रिया और टेक्नोलॉजी को बेहतर तरीके से समझने के साथ बायोगैस के उत्पादन और डिस्ट्रीब्यूशन में बड़ा निवेश करना चाहती है।

मारुति सुजुकी का मानना है कि बायोगैस जीरो एमिशन फ्यूल उपलब्ध कराने के साथ सीएनजी पर दबाव और बिजली उत्पादन के लिए कोयले के इस्तेमाल को कम करने में मदद कर सकती है।