scorecardresearch

अब छोटे शहरों में भी आसान होगा EV चलाना, हाल ही में सरकार ने चार्जिंग स्टेशन को लेकर बताया था ये बड़ा प्लान

ईवी वाहनों की सबसे बड़ी समस्या ईवी चार्जिंग स्टेशन की है। बड़े शहरों में तो फिर भी जगह-जगह पर ईवी चार्जिंग स्टेशन है लेकिन छोटे शहरों में अभी भी चार्जिंग स्टेशन की समस्या बनी हुई है। इसी को देखते हुए सरकार ने हाल ही में बड़ा ऐलान किया था।

Advertisement
AI Generated Image

EV Charging Stations: देश में पेट्रोल-डीजल और सीएनजी की बढ़ती कीमतों के बीच एक बार फिर से सभी का ध्यान इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) की तरफ गया है। हालांकि ईवी वाहनों की सबसे बड़ी समस्या ईवी चार्जिंग स्टेशन की है। बड़े शहरों में तो फिर भी जगह-जगह पर ईवी चार्जिंग स्टेशन है लेकिन छोटे शहरों में अभी भी चार्जिंग स्टेशन की समस्या बनी हुई है। 

advertisement

सम्बंधित ख़बरें

इसी को देखते हुए अभी हाल ही में सराकर ने देश के आठ राज्यों में 'पीएम ई-ड्राइव' (PM E-DRIVE) योजना के तहत 4800 नए ईवी चार्जिंग स्टेशन लगाने का ऐलान किया था। 

सरकार उत्तर प्रदेश में करीब 61 करोड़ की लागत से 714 स्टेशन, राजस्थान में 81 करोड़ की लागत से 591 स्टेशन, आंध्र प्रदेश में करीब 40 करोड़ की लागत से 577 स्टेशन, गुजरात में 56, केरल में 335, तेलंगाना में 169 और  तमिलनाडु में 498 नए ईवी चार्जिंग स्टेशन शुरू करेगी।

केंद्र सरकार ईवी चार्जिंग स्टेशन और हाई-स्पीड चार्जर दोनों स्थापित करेगी। पहले चरण की इस योजना को 6 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इन स्टेशनों की बदौलत ईवी वाहनों का सफर अब आसान होने वाला है। सरकार तेल-गैस की बचत कर ईवी वाहनों को बढ़ावा दे रही है।

सरकार सबसे ज्यादा 1243 ईवी स्टेशन कर्नाटक में बनाएगी। इसके लिए सरकार ने करीब 123 करोड़ रुपये का बजट भी रखा। ये नए चार्जिंग स्टेशन हाईवे, एक्सप्रेसवे, पेट्रोल पंप और सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जाएंगे।  

पहले चरण में 500 करोड़ रुपये होंगे खर्च

केंद्र सरकार ने इस योजना के तहत इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशनों के निर्माण के लिए पहले चरण में 500 करोड़ रुपये का बजट रखा है। इसके साथ ही केंद्र ने अगले चरण के लिए भी राज्यों से प्रस्ताव मांगे हैं। यूपी में पहले से मौजूद चार्जिंग स्टेशन के जाल को इस चरण के पूरा होने के बाद बढ़ती मांग और लंबे सफर की जरूरतों के लिए हिसाब से और मजबूती मिलेगी।

ग्रीन मोबिलिटी नेटवर्क होगा मजबूत

ग्रीन मोबिलिटी नेटवर्क पर्यावरण के अनुकूल यात्रा का एक सिस्टम है। इसमें इलेक्ट्रिक वाहन, साइकिल और मेट्रो जैसे सफर के विकल्प शामिल हैं। इसका उद्देश्य डीजल-पेट्रोल से चलने वाले वाहनों की ईंधन पर निर्भरता कम करना और शहरों में Environment Friendly वाहन को लाना शामिल है।