आज से बदल गए पैसों से जुड़े ये नियम! टैक्स, बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड से लेकर UPI तक- आपकी जेब पर पड़ेगा सीधा असर

जून की शुरुआत के साथ आपकी जेब, निवेश और रोजमर्रा के खर्चों से जुड़े कई बड़े बदलाव लागू हो गए हैं। टैक्स नियमों में बदलाव, UPI का नया फीचर और LPG कीमतों में बढ़ोतरी जैसे फैसले इस महीने असर दिखा सकते हैं। जानिए कौन से बदलाव आप पर सबसे ज्यादा असर डालेंगे।

Advertisement
AI Generated Image

By Gaurav Kumar:

Money changes from June 1: आज से जून का महीना शुरू हो गया है। आम लोगों की जेब और निवेश रणनीति के लिहाज से यह महीना अहम बनने जा रहा है। इस महीने टैक्स, बैंकिंग, निवेश और डिजिटल पेमेंट से जुड़े कई बड़े बदलाव लागू हो रहे हैं जिसे आपको जानना चाहिए।

रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति बैठक से लेकर एडवांस टैक्स की पहली डेडलाइन और SEBI के नए मार्जिन नियम तक, इन फैसलों का असर सीधे घर के बजट पर पड़ सकता है। चलिए जानते हैं इस महीने से क्या-क्या बदलने वाला है।

1) 15 जून तक भरना होगा एडवांस टैक्स

जिन टैक्सपेयर्स की सालाना टैक्स देनदारी ₹10,000 से ज्यादा है, उन्हें 15 जून तक एडवांस टैक्स की पहली किस्त जमा करनी होगी। FY 2026-27 के लिए अनुमानित टैक्स का 15% इस तारीख तक जमा करना जरूरी है। देरी होने पर ब्याज पेनल्टी लग सकती है। यह पहला एडवांस टैक्स साइकल है, जो पूरी तरह नए Income Tax Act 2025 और Income Tax Rules 2026 के तहत चल रहा है।

ये खबर पढ़ना ना भूलें: EPFO का बड़ा अभियान शुरू! अटके पीएफ क्लेम और पेंशन विवाद अब तेजी से होंगे हल

2) पुराने टैक्स रिजीम वालों को राहत

नए टैक्स नियमों के तहत कई छूटों की सीमा बढ़ाई गई है। हॉस्टल अलाउंस छूट अब ₹9,000 प्रति माह हो गई है। बच्चों के एजुकेशन अलाउंस की छूट ₹100 से बढ़ाकर ₹3,000 प्रति बच्चा प्रति माह कर दी गई है।

इसके अलावा, 50% HRA छूट वाले शहरों की सूची में अब बेंगलुरु, पुणे, हैदराबाद और अहमदाबाद भी शामिल हो गए हैं। इससे पुराने टैक्स रिजीम चुनने वाले वेतनभोगी कर्मचारियों को राहत मिल सकती है।

3) SEBI के नए नियम से बदलेगी ट्रेडिंग रणनीति

डेरिवेटिव ट्रेडर्स के लिए SEBI का 50:50 मार्जिन नियम पूरी तरह लागू हो गया है। अब F&O ट्रेडिंग में कम से कम 50% मार्जिन कैश या कैश-इक्विवेलेंट में रखना जरूरी होगा। सिर्फ प्लेज्ड शेयर के जरिए पूरा मार्जिन नहीं चल सकेगा। इस बदलाव के बाद ट्रेडर्स को अपनी पूंजी और कोलेटरल रणनीति की दोबारा समीक्षा करनी पड़ सकती है।

4) UPI में नया सुरक्षा फीचर

डिजिटल पेमेंट फ्रॉड रोकने के लिए NPCI नया सुरक्षा फीचर ला रहा है। अब QR कोड स्कैन करने या मोबाइल नंबर डालने पर UPI ऐप्स में रिसीवर का बैंक में रजिस्टर्ड असली नाम दिखाई देगा। इससे फर्जी नाम और कस्टम अलियास के जरिए होने वाली धोखाधड़ी पर रोक लगाने में मदद मिल सकती है।

5) क्रेडिट कार्ड पर बढ़ेंगे फीस

जून से कई बैंक क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड और चार्ज स्ट्रक्चर में बदलाव कर रहे हैं। Kotak Mahindra Bank यूटिलिटी बिल, फ्यूल, इंश्योरेंस और रेंट पेमेंट पर रिवॉर्ड पॉइंट की सीमा तय कर रहा है। कुछ ट्रांजैक्शन पर तय सीमा पार होने के बाद 1% फीस भी लग सकती है।

वहीं, ICICI Bank Amazon Pay Credit Card से रेंट पेमेंट पर मिलने वाला 1% रिवॉर्ड बंद करेगा। Bank of Baroda भी अपने को-ब्रांडेड One Card ग्राहकों के लिए बकाया राशि पर ब्याज दर बढ़ा रहा है।

6) फ्यूल कीमतों पर भी नजर

देश में 1 जून से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई है। राजधानी दिल्ली में 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर का दाम 42 रुपये बढ़कर 3,113.5 रुपये प्रति सिलेंडर हो गया है।

ये खबर पढ़ना ना भूलें: संभलकर खर्च कर रहे भारतीय! क्रेडिट कार्ड ट्रांजैक्शन की रफ्तार हुई धीमी, जानिए क्या कहते हैं आंकड़े

वहीं कोलकाता में इसकी कीमत 53.5 रुपये बढ़ाई गई है, जिसके बाद नया रेट 3,255.5 रुपये प्रति सिलेंडर हो गया। इसके अलावा 5 किलो वाले फ्री ट्रेड LPG (FTL) सिलेंडर की कीमत में भी 11 रुपये की बढ़ोतरी हुई है और अब दिल्ली में इसकी कीमत 821.5 रुपये हो गई है। नए रेट 1 जून से लागू हो गए हैं।

RBI की बैठक पर बाजार की नजर

सबसे ज्यादा चर्चा RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक को लेकर है, जो 3 से 5 जून के बीच होगी। बाजार इस बात पर बंटा हुआ है कि RBI रेपो रेट में बदलाव करेगा या नहीं। हालांकि, ब्याज दरों से ज्यादा अहम RBI का महंगाई, ग्रोथ और लिक्विडिटी पर रुख माना जा रहा है।

अगर केंद्रीय बैंक भविष्य में दरों में कटौती या बढ़ोतरी के संकेत देता है तो इसका असर होम लोन EMI, फिक्स्ड डिपॉजिट रिटर्न और कर्ज की लागत पर दिख सकता है।

Read more!
Advertisement