कौन हैं IPS Anurag Agrawal, जिन्हें मोदी सरकार ने सौंपा संसद की सुरक्षा का जिम्मा

अनुराग अग्रवाल 1998 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उन्होंने बोंगाईगांव, करीमगंज, डिब्रूगढ़, मोरीगांव, कार्बी आंगलोंग जैसे कई जिलों में पुलिस अधीक्षक के रूप में काम किया है। अपने 26 साल के करियर में उन्होंने क्राइम कंट्रोल से लेकर कानून-व्यवस्था के रखरखाव, काउंटर इंसर्जेंसी ऑपरेशन की योजना और एक्‍जीक्‍यूशन पर फोकस किया है।

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IPS Anurag Agrawal
IPS Anurag Agrawal

By अभिषेक सिन्हा:

संसद भवन परिसर की सुरक्षा अब भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी Anurag Agrawal के जिम्‍मे होगी। उन्हें लोकसभा सचिवालय में संयुक्त सचिव (सुरक्षा) बनाया गया है। गुरुवार को एक नोटिफिकेशन में स्पीकर Om Birla की ओर से उनकी नियुक्ति की जानकारी दी गई। 1998 बैच के IPS अधिकारी अनुराग अग्रवाल इस समय सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) में इंस्पेक्टर-जनरल (IG) हैं। अभी उनकी पोस्टिंग नॉर्थ ईस्ट सेक्टर के शिलॉन्‍ग में है। अग्रवाल को अब अगले तीन साल के लिए संसद की सुरक्षा का जिम्मा सौंपा गया है। संसद के सिक्योरिटी चीफ के रूप में IPS अनुराग अग्रवाल की नियुक्ति पिछले साल दिसंबर में हुई घटना की रोशनी में हुई है। 2 नवंबर 2023 को रघुबीर लाल के यूपी कैडर में वापस लौटने के बाद से यह पद खाली पड़ा था। कुछ दिन बाद ही, 13 दिसंबर 2023 को संसद की सुरक्षा में चूक का मामला सामने आया। 13 दिसंबर को दो लोग तीन लेयर वाला सुरक्षा घेरा तोड़कर संसद के भीतर घुस गए थे। उन्होंने लोकसभा में रंगीन धुएं वाला स्प्रे किया। पहले सांसदों और फिर सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें दबोचा। संसद के बाहर नारेबाजी कर रहे उनके दो अन्य साथियों को भी पकड़ लिया गया था। हमेशा कड़ी सुरक्षा के घेरे में रहने वाली संसद में ऐसी चूक से गंभीर सवाल खड़े हुए। जेहन में 13 दिसंबर 2001 का वो मंजर घूम उठा जब आतंकवादियों ने देश की संसद पर हमला बोल दिया था। 

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कौन हैं IPS अनुराग अग्रवाल?

अनुराग अग्रवाल 1998 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उन्होंने बोंगाईगांव, करीमगंज, डिब्रूगढ़, मोरीगांव, कार्बी आंगलोंग जैसे कई जिलों में पुलिस अधीक्षक के रूप में काम किया है। अपने 26 साल के करियर में उन्होंने क्राइम कंट्रोल से लेकर कानून-व्यवस्था के रखरखाव, काउंटर इंसर्जेंसी ऑपरेशन की योजना और एक्‍जीक्‍यूशन पर फोकस किया है। IPS अनुराग अग्रवाल कई सफल उग्रवाद विरोधी ऑपरेशनों का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने डीजीपी प्रशस्ति पदक, आंतरिक सेवा सुरक्षा पदक विशेष कर्तव्य पदक, वीरता के लिए पुलिस पदक, वीरता के लिए पुलिस पदक (1st बार), मेधावी सेवा के लिए राष्ट्रपति का पुलिस पदक जैसे सम्मान मिल चुके हैं।

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