अब, शिपिंग कंपनियों पर लटकी GST की तलवार
सूत्रों ने कहा कि शिपिंग लाइनर दोनों मुद्दों पर वित्त मंत्रालय के साथ बातचीत कर रहे हैं और कुछ राहत की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि, अभी इस मसले पर फैसला नहीं लिया गया है।

समंदर के रास्ते माल ढुलाई में लगी कंपनियों पर अब जीएसटी की तलवार लटकी हुई है। सूत्रों के मुताबिक IGST बकाया के भुगतान के लिए shipping industry जीएसटी अधिकारियों की नजर में है। सूत्रों के मुताबिक, दोनों मुद्दों की जांच Directorate General of GST Intelligence द्वारा की जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि सेक्टर की कुल कर देनदारी कम से कम 2 लाख करोड़ रुपये से 2.5 लाख करोड़ रुपये तक हो सकती है। Mohit Minerals Case में Supreme Court के फैसले के अनुरूप सरकार ने इस साल 1 अक्टूबर से समुद्री माल ढुलाई को 5% के एकीकृत जीएसटी (IGST) से छूट दे दी है। पिछले महीने तक, आयातकों को इसके लिए रिवर्स चार्ज तंत्र के तहत 5% IGST का भुगतान करना पड़ता था, लेकिन इसे दोहरे कराधान के रूप में देखा जाता था।
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ए2जेड टैक्सकॉर्प एलएलपी के संस्थापक बिमल जैन ने कहा कि सरकार ने 1 अक्टूबर से समुद्री माल ढुलाई के माध्यम से आयातित माल के लिए किए गए भुगतान को 5% एकीकृत जीएसटी से छूट दे दी है, लेकिन यह मुद्दा 1 अक्टूबर, 2023 से पहले के पिछले मामलों में बहस का विषय बना हुआ है। सूत्रों ने कहा कि शिपिंग लाइनर दोनों मुद्दों पर वित्त मंत्रालय के साथ बातचीत कर रहे हैं और कुछ राहत की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि, अभी इस मसले पर फैसला नहीं लिया गया है।