सरकार ने कबाड़ से कमाए करोड़ों रूपये, आपको भी मिल सकता है एक्स्ट्रा कमाई का आइडिया
सरकार के कोयला मंत्रालय ने एक स्पेशल कैंपेन चलाकर अपने सारे दफ्तरों और ऑपरेशंस से कबाड़ जुटाया है। इतना ही नहीं इस कबाड़ को बेचने से सरकार को दो तरह से फायदे हुए हैं। पहला ये कि कोयला मंत्रालय के ऑपरेशंस और खदानों में घिरी हुई 50 लाख 59 हजार वर्ग फुट जगह खाली हो गई है।

Diwali के नजदीक आते ही, आप सभी घरों की सफाई में लग जाते हैं। घर में पड़े बेकार, कवाड़ और रद्दी सामान, जो भी किसी काम का नहीं हो, उसे निकाला जाता है औक थोड़ी ही सही लेकिन एक्स्ट्रा कमाई हो ही जाती है। यानि घर की सफाई की सफाई और कमाई की कमाई। लेकिन आपको पता है जब सरकार या फिर कहे मंत्रालय अपने ऑफिस की सफाई करने पर आती है तो कितनी कमाई करती है? जरा सोचिए कबाड़ बेचकर सरकार को कितनी एक्स्ट्रा इनकम होगी? 50,000 रुपए, चलिए 2 लाख रुपए या फिर 50 लाख रुपए। जी नहीं, जितना आप सोच भी नहीं सकते। कमाई का ये आंकड़ा क्या है, ये जानें उससे पहले पहले पूरे मामले को समझ लेते हैं। सरकार के Ministry of Coal ने एक स्पेशल कैंपेन चलाकर अपने सारे दफ्तरों और ऑपरेशंस से कबाड़ जुटाया है। इतना ही नहीं इस कबाड़ को बेचने से सरकार को दो तरह से फायदे हुए हैं। पहला ये कि कोयला मंत्रालय के ऑपरेशंस और खदानों में घिरी हुई 50 लाख 59 हजार वर्ग फुट जगह खाली हो गई है। ये एरिया इतना बड़ा है कि 100 गज के 5000 से ज्यादा मकान बन जाते। इस पर कोयला मंत्रालय ने जानकारी दी है उनका कहना है कि इस कबाड़ में अब तक कुल 1 लाख 8 हजार फिजिकल फाइल्स बाहर आईं हैं। इनमें से करीब 8,088 फाइल्स ऐसी थीं जिनकी अब कोई जरूरत ही नहीं थी। इसलिए उन्हें हटा दिया गया है। इतना ही नहीं करीब 80,305 फाइल्स का रिव्यू किया गया और उनमें से करीब 29,990 फाइल्स को अब ऑनलाइन ई-फाइल में तब्दील कर दिया गया है।
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अब आपके मन में सवाल उठ रहा होगा कि आखिर कोयला मंत्रालय की कमाई कितनी हुई?
तो कोयला मंत्रालय ने इस पर जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि कबाड़ जुटाने का अभियान महीनेभर से ज्यादा चला। इस कैंपेन के दूसरे और तीसरे हफ्ते में कोयला मंत्रालय ने ऐसी कई एक्टिविटी की जिससे क्या सामान काम है और क्या कबाड़ में भेजा जाए, उसकी पहचान की जा सके। इसके बाद इसे इकट्ठा करने का काम शुरू हुआ और इसे बेचकर करीब 29 करोड़ रुपए जुटाए गए। जी हां, 29 करोड़ रुपए जुटाए गए हैं। ये कोई छोटी रकम नहीं है। यानि मंत्रालय को इससे तीन फायदे हुए। पहले सफाई, दूसरी 50 लाख 59 हजार वर्ग फुट जगह खाली हो गई और तीसरा 29 करोड़ रुपए।