#BTBudgetRoundtable2024: ग्रामीण बाजार में दबाव, नौकरी सृजन को GDP बढ़ोतरी से जोड़ना महत्वपूर्ण होगा: SIAM अध्यक्ष
SIAM के अध्यक्ष विनोद अग्रवाल का कहना है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में स्पष्ट तनाव दिखाई दे रहा है, लेकिन स्थिति में सुधार हो रहा है। यही कारण है कि हमने सरकार से ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए अधिक आवंटन की मांग की थी।

23 जुलाई को संसद में वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman के जरिए पेश किए गए बजट में विकास को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण फैटक्टर्स शामिल हैं। ये अब काफी महत्वपूर्ण है कि नौकरी सृजन में बढ़ोतरी अब भारत की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि से जोड़ी जा रही है, ये कहना है Vinod Aggarwal, प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी, VE कमर्शियल व्हीकल्स और भारतीय ऑटोमोटिव उद्योग संस्था सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोटिव मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के अध्यक्ष का।
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India Today Business Today Budget Round Table 2024
India Today Business Today Budget Round Table 2024 में बोलते हुए विनोद अग्रवाल हाल की अवधि में प्राइवेट इन्वेस्टमेंट की कमी पबल्कि कैपिटल एक्सपेंडिचर में देखने को मिली है। पिछले कुछ वर्षों में निजी निवेशों ने सरकारी पूंजीगत खर्च का साथ नहीं दिया है। जब मांग बढेगी, तो ज्यादा निवेश आएगा और ज्यादा नौकरियां पैदा होंगी। हमारी GDP 8.2% की दर से बढ़ रही है। अब ग्रोथ को नौकरी सृजन के साथ जोड़ने का समय है। बिजनेस टुडे के संपादक सौरभ मजूमदार से खास चर्चा में ये बातचीत हुई है।
ऑटो उद्योग
हालांकि, महामारी के बाद एंट्री-लेवल कारों और दोपहिया व्हीकल्स की बिक्री पर काफी दबाव रहा है क्योंकि ग्रामीण और निम्न-आय वाले परिवारों के पास उतनी लिक्विडिटी नहीं है। विनोद अग्रवाल हाल ही में ऑटोमोबाइल उद्योग के जरिए दर्ज की गई समग्र वृद्धि की ओर इशारा करते हैं। कुल मिलाकर ऑटो उद्योग अच्छा कर रहा है। पैसेंजर कारों का बाजार अब 20,000 करोड़ रुपये का है और भारत अब वैश्विक स्तर पर तीसरा सबसे बड़ा PV बाजार बन गया है।
Vinod Aggarwal, President, SIAM
SIAM के अध्यक्ष विनोद अग्रवाल का कहना है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में स्पष्ट तनाव दिखाई दे रहा है, लेकिन स्थिति में सुधार हो रहा है। यही कारण है कि हमने सरकार से ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए अधिक आवंटन की मांग की थी। ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए 2.6 लाख करोड़ रुपये का आवंटन बजट में एक सकारात्मक पहल है जो नई उम्मीद है। हम पहले से ही ग्रामीण उपभोक्ताओं से मांग को वापस आते हुए देख रहे हैं। पिछले महीने दोपहिया वाहनों की बिक्री में 28% की वृद्धि हुई है