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Ukraine War: ट्रंप की कोशिशें बेअसर, Modi-Xi ने बढ़ाया मदद का हाथ, रूस ने किया स्वागत

यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की कोशिशों के बीच BRICS Summit से एक अहम संकेत सामने आया है। रूस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग की शांति वार्ता में मदद की पेशकश का स्वागत किया है। अमेरिका की कोशिशें बेनतीजा रहने के बीच यह पहल क्यों खास मानी जा रही है, जानिए।

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In Short

  • मोदी और शी जिनपिंग ने यूक्रेन शांति वार्ता में मदद की पेशकश की।
  • रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दोनों नेताओं की पहल का स्वागत किया।
  • अमेरिका की लगातार कोशिशों के बावजूद रूस-यूक्रेन वार्ता में अब तक ठोस सफलता नहीं मिली।

यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की कोशिशों के बीच भारत और चीन की भूमिका एक बार फिर चर्चा में है। रूस ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने BRICS Summit के दौरान यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए शांति वार्ता में मदद की पेशकश की है। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दोनों नेताओं की इस पेशकश का स्वागत किया है।

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यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से रूस और यूक्रेन के बीच शांति समझौता कराने की कोशिशों से अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया है।

BRICS Summit में दिखी मोदी-शी-पुतिन की केमिस्ट्री

BRICS Summit के दौरान प्रधानमंत्री मोदी, शी जिनपिंग और व्लादिमीर पुतिन के बीच तालमेल भी चर्चा में रहा। समिट के पहले दिन तीनों नेताओं की मुस्कुराते हुए और एक-दूसरे का हाथ पकड़े तस्वीर सामने आई। इस तस्वीर को तीनों नेताओं के बीच बेहतर तालमेल के संकेत के तौर पर देखा गया।

क्यों अहम है रूस का यह बयान?

रूस की ओर से भारत की शांति प्रयासों में मदद की पेशकश का स्वागत पहले भी किया जा चुका है। हालांकि इस बार इसका समय अहम माना जा रहा है, क्योंकि अमेरिका की कोशिशों के बावजूद रूस और यूक्रेन के बीच बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी है।

हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने पुतिन से फोन पर बात की थी और यूक्रेन युद्ध को जल्द खत्म करने पर जोर दिया था। इसके पहले अमेरिकी प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ने मॉस्को और कीव का दौरा भी किया, लेकिन इन कोशिशों के बावजूद कोई ठोस सफलता नहीं मिली।

भारत क्यों बन सकता है अहम कड़ी?

भारत उन चुनिंदा देशों में है, जिनके रूस और यूक्रेन दोनों के साथ कामकाजी रिश्ते बने हुए हैं। पिछले कुछ वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी कई बार पुतिन से बातचीत के जरिए युद्ध खत्म करने की अपील कर चुके हैं।

पिछले महीने SCO Summit के दौरान भी प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन से कहा था कि अब “endless war” से “end of war” की तरफ बढ़ने की जरूरत है। इससे पहले 2022 में मोदी ने पुतिन से कहा था कि “आज का युग युद्ध का युग नहीं है।”

BRICS Summit के दौरान हुई द्विपक्षीय बैठक में भी प्रधानमंत्री मोदी ने दोहराया कि संघर्षों के समाधान का रास्ता “dialogue and diplomacy” यानी बातचीत और कूटनीति से होकर जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत शांति प्रयासों में मदद के लिए तैयार है।

इस बीच, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने संकेत दिया है कि अगर पुतिन G20 Summit में शामिल होते हैं तो वह भी उनसे मुलाकात के लिए मियामी जाने को तैयार हैं।

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