जॉब ऑफर लेकर लैपटॉप समेत गायब हुआ कैंडिडेट, उबर टीम ने ट्रैक की लोकेशन तो सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई
उबर के प्रिंसिपल रिक्रूटर, रघु तेननेटी ने LinkedIn पर पोस्ट करते हुए लिखा कि कॉल करने पर कैंडिडेट का नंबर मौजूद नहीं दिखा और लिंक्डइन प्रोफाइल भी गायब हो गई। ऐसा लग रहा था कि उसने अपनी पूरी डिजिटल पहचान मिटा दी हो।

उबर के एक रिक्रूटर ने हाल ही में एक ऐसा एक्सपीरियंस शेयर किया है जो सुनने में बिल्कुल अजीब लगता है। कंपनी में एक कैंडिडेट ने जॉब ऑफर लिया और साथ ही लैपटॉप भी ले लिया लेकिन जॉइनिंग के दिन अचानक पूरी तरह गायब हो गया।
उबर के प्रिंसिपल रिक्रूटर, रघु तेननेटी ने LinkedIn पर पोस्ट करते हुए लिखा कि कॉल करने पर कैंडिडेट का नंबर मौजूद नहीं दिखा और लिंक्डइन प्रोफाइल भी गायब हो गई। ऐसा लग रहा था कि उसने अपनी पूरी डिजिटल पहचान मिटा दी हो।
रघु तेननेटी ने अपने पोस्ट में आगे एकदम चौंकाने वाली घटना बताई। उन्होंने लिखा की जब उस कैंडिडेट को इश्यू किए गए लैपटॉप को ट्रैक किया गया तो पता चला की वह एक टूटी हुई और सुनसान बिल्डिंग के पीछे खाली प्लॉट का था।
रघु तेननेटी ने लिखा की उसने मैकबुक के लिए एक 'डेड-ड्रॉप' लोकेशन दी थी, यानी ऐसी जगह जहां बिना किसी सीधे संपर्क के सामान छोड़ा जाता है। हमारी आईटी टीम ने लैपटॉप को रिमोटली ट्रैक करने की कोशिश की, लेकिन तब तक उसका फैक्ट्री रीसेट हो चुका था। डिवाइस एक एन्क्रिप्टेड प्रॉक्सी के जरिए सिग्नल भेज रहा था और जो लोकेशन दिखाई दे रही थी, वह मानो इस दुनिया की ही नहीं लग रही थी।
उन्होंने यह भी बताया कि इस घटना ने कंपनी की ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया में एक नया कदम जोड़ने पर मजबूर किया ताकि ऐसी घटना फिर न हो। अब यह इंशोर करना होगा कि कैंडिडेट असल में मौजूद है या नहीं।
कैंडिडेट ने अपनी डिजिटल पहचान मिटाई
यह घटना कोई भूतिया कहानी नहीं बल्कि साधारण चतुराई और चोरी का मामला था। उम्मीदवार ने पूरी पहचान फर्जी बनाई, कोई डिजिटल निशान नहीं छोड़ा और अचानक गायब हो गया। अभी तक उसकी असली पहचान सामने नहीं आई है और यह घटना जॉइनिंग प्रोसेस के लिए एक चेतावनी भी साबित हुई है।

