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नेपाल में बाढ़ का खौफनाक मंजर, घर-पुल बह गए; क्या भारत तक पहुंचेगा इसका असर?

नेपाल के रासुवा जिले में आए भीषण फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाई है। बाढ़ में कई इलाकों को नुकसान पहुंचा और बड़ी संख्या में लोग लापता बताए जा रहे हैं। तिब्बत सीमा से आए पानी के बाद अब भारत के सीमावर्ती इलाकों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है।

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In Short

  • नेपाल के रासुवा जिले में फ्लैश फ्लड से भारी तबाही, 105 भारतीय लापता और नौ लोगों की मौत की खबर।
  • बाढ़ का असर बिहार तक पहुंचने की आशंका, गंडक और कोसी नदी क्षेत्रों में प्रशासन ने अलर्ट बढ़ाया।
  • तिब्बत की ओर से आए तेज पानी ने घर, पुल, बाजार और जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचाया; कारणों की जांच जारी

 

नेपाल के उत्तरी रासुवा जिले में बुधवार को आई भीषण फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाई। तिब्बत सीमा के पास आए इस सैलाब में अब तक नौ लोगों की मौत की खबर है, जबकि 105 भारतीय नागरिक लापता बताए जा रहे हैं। बाढ़ ने घरों, वाहनों, पुलों और कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को नुकसान पहुंचाया है। पानी के नीचे की ओर बढ़ने से बिहार में भी प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है।

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तिब्बत की ओर से आया पानी, कारणों की जांच जारी

अधिकारियों के मुताबिक, सुबह करीब 9 बजे तिब्बत की ओर से पानी का तेज बहाव भोटे कोशी नदी में पहुंचा, जिससे तिमुरे और स्याप्रु बेसी इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। नेपाल के बाढ़ पूर्वानुमान विभाग ने कहा कि रासुवा में भारी बारिश से इस बाढ़ की संभावना कम है। अधिकारी संभावित ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) की जांच कर रहे हैं।

रासुवा के मुख्य जिला अधिकारी नरेंद्र परियार ने कहा कि कई गांवों और परियोजना स्थलों के बहने की सूचना मिली है। उन्होंने कहा, “भारी जनहानि या संपत्ति का नुकसान हो सकता है।”

 बाजार, पुल और बिजली परियोजनाएं प्रभावित

तिब्बत सीमा के पास स्थित तिमुरे बाजार और कस्टम क्षेत्र को बड़ा नुकसान पहुंचा है। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, वाहन और सामान पानी में बह गए। रसुवागढ़ी में बना फ्रेंडशिप ब्रिज भी बह गया। नेपाल पुलिस के तीन ठिकानों को नुकसान पहुंचा है और तिमुरे में तैनात नौ सशस्त्र पुलिसकर्मी लापता बताए गए हैं।बाढ़ से जलविद्युत परियोजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। नेपाल के ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, करीब 430 मेगावाट बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई, जो देश की कुल स्थापित जलविद्युत क्षमता का 12 प्रतिशत से अधिक है।

बचाव अभियान में मुश्किलें, बिहार में निगरानी तेज

नेपाल सरकार ने सेना, पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल को राहत और बचाव कार्य में लगाया है। हालांकि, ज्यादा पानी के कारण हेलीकॉप्टर तिमुरे और स्याप्रु बेसी में उतर नहीं पाए। प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी।बिहार सरकार ने नेपाल से आने वाले पानी को देखते हुए गंडक और कोसी नदी क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि स्थिति पर नजर रखने के लिए उच्चस्तरीय टीम बनाई गई है।