मिड-डे मील में हफ्ते में एक दिन बच्चों को मिल सकती है चिकन बिरयानी, सरकार कर रही बड़े प्रस्ताव पर विचार
तमिलनाडु सरकार सरकारी स्कूलों की मिड-डे मील योजना में हफ्ते में एक दिन चिकन बिरयानी शामिल करने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। यह मांग शिक्षक संगठनों की बैठक में उठी, जहां भर्ती, वेतन और पेंशन समेत कई अहम मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

तमिलनाडु सरकार राज्य की मिड-डे मील योजना में हफ्ते में एक दिन चिकन बिरयानी शामिल करने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। इसकी जानकारी राज्य के शिक्षा मंत्री ए. राजमोहन ने दी। यह मांग शिक्षकों और विभिन्न शिक्षक संगठनों के साथ हुई बैठक में उठाई गई, जहां भर्ती से लेकर वेतन और पेंशन तक कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
हफ्ते में एक दिन चिकन बिरयानी देने की मांग
बैठक में शिक्षक संगठनों ने अपील की कि स्कूली बच्चों को मिड-डे मील के तहत सप्ताह में कम से कम एक बार चिकन बिरयानी परोसी जाए। इसके साथ ही पार्ट-टाइम शिक्षकों को स्थायी करने, टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) के क्वालिफाइंग मार्क्स कम करने, सेकेंडरी ग्रेड शिक्षकों के वेतन में संशोधन और पुरानी पेंशन योजना को फिर से लागू करने की मांग भी सरकार के सामने रखी गई।
सरकार ने डिजिटल तरीके से शुरू की प्रक्रिया
शिक्षा मंत्री ए. राजमोहन ने 28 जुलाई को कहा कि शिक्षक संगठनों से मिले सभी आवेदनों को एक विशेष सॉफ्टवेयर की मदद से डिजिटलाइज किया जाएगा। इसके बाद उन्हें अलग-अलग कैटेगरियों में बांटकर संबंधित विभागों को कार्रवाई के लिए भेजा जाएगा। प्रक्रिया पूरी होने के बाद संगठनों को उसकी रिपोर्ट भी उपलब्ध कराई जाएगी।
खाली पद भरने की भी उठी मांग
तमिलनाडु एलिमेंट्री स्कूल टीचर्स एसोसिएशन ने बैठक में सरकारी स्कूलों में खाली पड़े शिक्षकों के पद जल्द भरने की मांग भी उठाई। संगठन ने खासतौर पर मॉडल स्कूलों में एलकेजी से पांचवीं कक्षा तक के रिक्त पदों पर नियुक्तियां करने की जरूरत बताई।
एसोसिएशन के जिला महासचिव आर. डॉस के अनुसार, 2018-19 में कई हायर सेकेंडरी स्कूलों को मॉडल स्कूलों में बदला गया था। बाद में छठी से 12वीं कक्षा तक के अधिकांश पद भर दिए गए, लेकिन प्राथमिक सेक्शन में अब भी शिक्षकों की कमी बनी हुई है। संगठन का कहना है कि इन रिक्तियों को जल्द भरना जरूरी है ताकि छोटे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

