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स्टारबक्स का बड़ा फैसला! 9 महीने में ही समेटा अपना 'फ्लॉप' एआई इन्वेंट्री टूल; जानिए क्यों फेल हुई AI तकनीक

कंपनी द्वारा जारी इंटरनल न्यूजलेटर में लिखा गया है, आज से 'ऑटोमेटेड काउंटिंग' (एआई द्वारा इन्वेंट्री की गिनती) को बंद किया जा रहा है। अब से ड्रिंक्स और दूध की गिनती भी उसी पारंपरिक तरीके से होगी, जैसे कॉफी हाउस के बाकी सामानों की होती है।

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AI Generated Image

Starbucks AI Failure: दिग्गज कॉफी चेन स्टारबक्स (Starbucks) ने नॉर्थ अमेरिका के अपने स्टोर्स में सामान की गिनती और स्टॉक मैनेजमेंट के लिए शुरू किए गए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) प्रोग्राम को बंद कर दिया है। कंपनी ने एआई टूल को लागू करने के महज 9 महीने बाद ही इसे बंद करने का कदम उठाया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार कंपनी के एक इंटरनल न्यूजलेटर और मामले से सीधे जुड़े दो सूत्रों ने इसकी पुष्टि की है।

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इस एआई टूल को स्टारबक्स के सीईओ ब्रायन निकोल ने कंपनी के स्टोर्स में बार-बार होने वाली सामान की किल्लत (प्रोडक्ट शॉर्टेज) को दूर करने के लिए पेश किया था। निकोल का मानना था कि स्टॉक की कमी के चलते कंपनी की बिक्री पर बुरा असर पड़ रहा है। हालांकि, यह ऐप उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा।

क्यों बंद हुआ कंपनी का एआई टूल?

इस साल फरवरी में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह एआई टूल सामान की गिनती करने में लगातार गलतियां कर रहा था। जैसे-  एक की तरह की दिखने वाली दूध की बोतलों में गलती होना या कई जरूरी चीजों को गिनती में पूरी तरह छोड़ देना, इत्यादी।

कंपनी द्वारा जारी इंटरनल न्यूजलेटर में लिखा गया है कि आज से 'ऑटोमेटेड काउंटिंग' (एआई द्वारा इन्वेंट्री की गिनती) को बंद किया जा रहा है। अब से ड्रिंक्स और दूध की गिनती भी उसी पारंपरिक तरीके से होगी, जैसे कॉफी हाउस के बाकी सामानों की होती है।

कंपनी का यह फैसला इसलिए भी चौंकाने वाला है क्योंकि इसी साल फरवरी में स्टारबक्स ने दावा किया था कि इस एआई टूल की वजह से स्टोर्स में सामान की उपलब्धता बेहतर हुई है। लेकिन अब कंपनी अपने इस यू-टर्न को 'कामकाज में एकरूपता' लाने की कोशिश बता रही है।

स्टारबक्स ने गुरुवार को रॉयटर्स को दिए एक बयान में कहा कि इस प्रोग्राम को बंद करने का उद्देश्य सभी कॉफी हाउस में स्टॉक की गिनती का एक जैसा (स्टैंडर्ड) तरीका अपनाना है, ताकि बड़े पैमाने पर काम को बेहतर और सटीक बनाया जा सके। कंपनी ने कहा कि वे अब एआई के भरोसे रहने के बजाय स्टोर्स में रोजाना सामान की सप्लाई और अपने लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत करने पर ध्यान दे रहे हैं। कंपनी ने कहा, हमारा लक्ष्य बहुत सरल है,अगर कोई चीज हमारे मेन्यू में है, तो ग्राहक उसे ऑर्डर कर पाने में सक्षम होने चाहिए।

कंपनी ने कर्मचारियों से मिले कुछ फीडबैक भी शेयर किए हैं, जिसमें इस बदलाव की तारीफ की गई है। एक कर्मचारी ने लिखा, ऑटोमैटिक काउंटिंग को बंद करने के लिए धन्यवाद! इसके पीछे की सोच बेहतरीन थी, क्योंकि इसे लागू करना बहुत मुश्किल साबित हो रहा था।

तेजी से हुआ था रोलआउट, पर काम नहीं आई तकनीक

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स्टारबक्स ने पिछले साल सितंबर में बहुत जोर-शोर से इस एआई-पावर्ड ऐप को नॉर्थ अमेरिकन स्टोर्स में लॉन्च किया था। कंपनी का दावा था कि हाथ से सामान गिनने की पारंपरिक प्रक्रिया के मुकाबले यह तकनीक ज्यादा तेज और सटीक होगी। इसके तहत कैफे के कर्मचारी शेल्फ पर रखे सिरप और दूध के सामने सिर्फ एक टैबलेट (कंप्यूटर स्क्रीन) होल्ड करते थे, और ऐप में मौजूद 'लिडार' (LIDAR) व कैमरा सेंसर उसे स्कैन कर लेते थे।

हालांकि, लॉन्चिंग के वक्त कंपनी ने जो वीडियो जारी किया था, उसमें इस तकनीक की कमी साफ दिख गई थी। वीडियो में दिख रहा था कि ऐप शेल्फ पर रखे पिपरमिंट सिरप की बोतल को पहचान ही नहीं पा रहा था, जबकि उसने बगल की बोतलों को स्कैन कर लिया था। अब कंपनी ने अपनी वेबसाइट से वह पुराना घोषणापत्र भी हटा दिया है।

स्टारबक्स के सीईओ ब्रायन निकोल जो पहले चिपोटले (Chipotle) और टैको बेल (Taco Bell) जैसी बड़ी कंपनियों में काफी सुधार कर चुके हैं। कंपनी की गिरती बिक्री और मुनाफे को सुधारने के लिए वे 'बैक टू स्टारबक्स' मुहिम चला रहे हैं। हालांकि, इन्वेंट्री के मोर्चे पर एआई का यह प्रयोग भले ही फेल रहा हो, लेकिन निकोल अब भी कॉफी बनाने वाले कर्मचारियों की मदद के लिए ऑर्डर सीक्वेंसिंग जैसे दूसरे कामों में नए एआई टूल्स का सहारा ले रहे हैं।

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