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राम मंदिर ट्रस्ट में बड़े बदलाव की तैयारी, 22 जुलाई की बैठक में पास सिस्टम और चढ़ावे पर होंगे अहम फैसले

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के कथित मामले ने ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पास सिस्टम में बदलाव, बैंक खातों की जांच और जिम्मेदारियों के नए बंटवारे के बीच 22 जुलाई की बैठक से बड़े फैसलों की उम्मीद है। पढ़ें पूरी खबर।

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In Short

  • महंत दिनेंद्र दास को दर्शन पास जारी करने की नई जिम्मेदारी मिली है।
  • चढ़ावा मामले में आरोपियों से जुड़े करीब 30 बैंक खाते फ्रीज किए गए हैं।
  • 22 जुलाई की बैठक में ट्रस्ट के प्रशासनिक बदलावों पर बड़े फैसले हो सकते हैं।

Ram Mandir Donation Case: राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के कथित मामले की जांच के बीच ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था में भी बदलाव शुरू हो गए हैं। यह मामला अब केवल दान की रकम के हिसाब-किताब तक सीमित नहीं है। दर्शन पास, श्रद्धालुओं की एंट्री, चढ़ावा प्रबंधन और जिम्मेदार पदों की निगरानी पर भी सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में 22 जुलाई को प्रस्तावित ट्रस्ट की बैठक को काफी अहम माना जा रहा है।

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महंत दिनेंद्र दास की जिम्मेदारी बढ़ी

सूत्रों के मुताबिक, श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने महंत दिनेंद्र दास की प्रशासनिक भूमिका बढ़ा दी है। उनके नाम से नई डिजिटल आईडी बनाई गई है। इसके जरिए अब श्रद्धालुओं के लिए दर्शन पास जारी किए जा सकेंगे।

वहीं, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा की पहले इस्तेमाल की जा रही पास जारी करने वाली आईडी को सस्पेंड कर दिया गया है। हालांकि, ट्रस्ट ने इस बदलाव को लेकर अभी कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

महंत दिनेंद्र दास पहले से ट्रस्ट के सदस्य हैं। नई आईडी मिलने के बाद पास जारी करने की प्रक्रिया में उनकी भूमिका अधिक प्रभावी हो सकती है।

पास सिस्टम की भी हो रही जांच

जांच एजेंसियों की पड़ताल में कथित तौर पर सामने आया है कि चढ़ावा मामले के आरोपी टिन्नू यादव ने पास सिस्टम का दुरुपयोग किया था। आरोप है कि इस व्यवस्था के जरिए बड़ी संख्या में लोगों के लिए पास जारी करवाए गए।

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अब जांच में यह भी देखा जा रहा है कि पास जारी करने की प्रक्रिया में सुरक्षा या प्रशासनिक स्तर पर कोई चूक हुई थी या नहीं। इसी वजह से ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं की एंट्री और वीआईपी पास से जुड़ी व्यवस्था में बदलाव शुरू किया है।

22 जुलाई की बैठक में क्या हो सकता है?

सूत्रों के अनुसार, 22 जुलाई की बैठक में नए महासचिव के चयन पर चर्चा हो सकती है। खाली पदों पर नए सदस्यों की नियुक्ति को भी अंतिम रूप दिया जा सकता है।

बैठक में दर्शन व्यवस्था, चढ़ावा प्रबंधन, सुरक्षा और क्राउड मैनेजमेंट से जुड़े प्रस्ताव रखे जा सकते हैं। चढ़ावे की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने और डिजिटल निगरानी बढ़ाने पर भी फैसला हो सकता है।

करीब 30 बैंक खाते फ्रीज

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, चोरी की कथित दान राशि का कुछ हिस्सा शेयर बाजार में लगाया गया, जबकि कुछ रकम ब्याज पर चलाई गई। लेनदेन छिपाने के लिए रिश्तेदारों और करीबी लोगों के बैंक खातों के इस्तेमाल का भी दावा किया गया है।

अब तक आरोपियों से जुड़े करीब 30 बैंक खाते फ्रीज किए जा चुके हैं। तलाशी के दौरान नकदी, सोने के आभूषण, एक कार और जमीन से जुड़े दस्तावेज मिलने की बात भी सामने आई है।

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पूरे सिस्टम में बदलाव की तैयारी

ट्रस्ट का फोकस अब केवल आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई पर नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था को मजबूत करने पर है। पास जारी करने की प्रक्रिया को नियंत्रित करने, चढ़ावा प्रबंधन में जवाबदेही बढ़ाने और सुरक्षा में तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने की तैयारी है।

ऐसे में 22 जुलाई की बैठक के बाद यह साफ हो सकता है कि किस पदाधिकारी को कौन-सी जिम्मेदारी मिलेगी और श्रद्धालुओं के लिए दर्शन से लेकर चढ़ावे तक की व्यवस्था में क्या बदलाव किए जाएंगे।