
एयरपोर्ट पर मंगलसूत्र और जनेऊ से नहीं बजेगा सिक्योरिटी अलार्म, फुल-बॉडी स्कैनर में होगा बदलाव
एयरपोर्ट पर फुल-बॉडी स्कैनर से गुजरने वाले भारतीय यात्रियों के लिए अहम बदलाव की तैयारी चल रही है। मंगलसूत्र और जनेऊ जैसी पारंपरिक चीजों को ध्यान में रखते हुए स्कैनर के सिस्टम को बेहतर बनाया जा रहा है। जानिए इसका सिक्योरिटी चेक पर क्या असर पड़ेगा और अभी कहां ट्रायल चल रहा है।

In Short
- मंगलसूत्र और जनेऊ को ध्यान में रखकर फुल-बॉडी स्कैनर के एल्गोरिदम में बदलाव की तैयारी
- बेंगलुरु और कोचीन एयरपोर्ट पर फुल-बॉडी स्कैनर का ट्रायल कर रहा BCAS
- देश के आठ एयरपोर्ट पर फुल-बॉडी स्कैनर लगाने का सरकार का निर्देश
एयरपोर्ट पर सिक्योरिटी चेक के दौरान मंगलसूत्र या जनेऊ पहनने वाले यात्रियों के लिए राहत की खबर है। देश के एयरपोर्ट पर लगाए जाने वाले फुल-बॉडी स्कैनर के एल्गोरिदम में भारतीय यात्रियों की जरूरतों के हिसाब से बदलाव किया जा रहा है। इसका मकसद यह है कि मंगलसूत्र और जनेऊ जैसी पारंपरिक चीजों की वजह से स्कैनर का सिक्योरिटी अलार्म ट्रिगर न हो।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय देश के आठ एयरपोर्ट पर फुल-बॉडी स्कैनर लगाने की दिशा में काम कर रहा है। इसके साथ ही इन स्कैनर के एल्गोरिदम को भारतीय परिस्थितियों के हिसाब से बेहतर बनाने पर भी काम चल रहा है।
बेंगलुरु और कोचीन एयरपोर्ट पर ट्रायल
ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी यानी BCAS ने बेंगलुरु और कोचीन एयरपोर्ट पर फुल-बॉडी स्कैनर का ट्रायल शुरू कर दिया है। इस दौरान इस बात से जुड़ा डेटा जुटाया जा रहा है कि किन चीजों की वजह से स्कैनर का अलार्म ट्रिगर हो रहा है।
BCAS ओरिजिनल इक्विपमेंट मेकर्स और वेंडर्स के साथ मिलकर एल्गोरिदम को बेहतर बनाने पर काम कर रहा है। कोशिश है कि पारंपरिक ज्वेलरी पहनने वाले यात्रियों के लिए स्कैनर बेवजह अलार्म न बजाए।
भारतीय जरूरतों के हिसाब से होगा बदलाव
BCAS के डायरेक्टर जनरल राजेश निर्वाण के मुताबिक फुल-बॉडी स्कैनर को विदेशी देशों की जरूरतों के हिसाब से डिजाइन किया गया है। वहां दूसरी ज्वेलरी के लिए अलार्म ट्रिगर नहीं होता, लेकिन भारत में मंगलसूत्र और जनेऊ जैसी चीजों को ध्यान में रखते हुए एल्गोरिदम में सुधार की जरूरत है।
उन्होंने बताया कि इस दिशा में काम जारी है और फुल-बॉडी स्कैनर के चल रहे ट्रायल से डेटा जुटाया जा रहा है।
फुल-बॉडी स्कैनर यात्री के शरीर पर मौजूद मेटल की चीजों को लेकर अलार्म ट्रिगर करते हैं। विदेशी एयरपोर्ट पर इन स्कैनर को इस तरह बेहतर बनाया गया है कि ज्वेलरी और कुछ इम्प्लांट की वजह से अलार्म न बजे।

यात्रियों की प्राइवेसी का भी रखा जाएगा ध्यान
सरकार ने आठ एयरपोर्ट पर फुल-बॉडी स्कैनर लगाने का निर्देश दिया है। हालांकि भारत में इन स्कैनर को लगाने में यात्रियों की प्राइवेसी से जुड़ी चिंताओं के कारण भी देरी हुई है।
राजेश निर्वाण ने बताया कि भारत में लगाए जाने वाले फुल-बॉडी स्कैनर इमेज-अग्नॉस्टिक होंगे। स्क्रीन पर किसी यात्री की वास्तविक तस्वीर के बजाय केवल एक व्यक्ति का मॉडल दिखाई देगा। अगर स्कैनर को कोई संदिग्ध चीज मिलती है तो स्क्रीन पर सिर्फ उस हिस्से को दिखाया जाएगा, जहां वह चीज रखी गई है।
2047 तक 350 एयरपोर्ट का लक्ष्य
BCAS ने भारत के तेजी से बढ़ते एविएशन मार्केट और नए एयरपोर्ट को ध्यान में रखते हुए कई दूसरे सिक्योरिटी रिफॉर्म भी शुरू किए हैं। अभी देश में 164 ऑपरेशनल एयरपोर्ट हैं। सरकार का लक्ष्य साल 2047 तक इनकी संख्या बढ़ाकर 350 करने का है।

