जापान पहुंचे युवक का 25 दिन में ही बिगड़ा बजट, वीडियो में सुनाई अपनी आपबीती
जापान में रहने वाले भारतीय देव विजय वर्गीय ने अपने शुरुआती 25 दिनों का खर्च साझा किया है। उनके मुताबिक किराया, बिजली, गैस, पानी, वाई-फाई, सिम और ट्रांसपोर्ट जैसे बेसिक खर्चों पर करीब 90,271 रुपये खर्च हो गए, जबकि खाना और ग्रॉसरी इसमें शामिल नहीं थे।

In Short
- जापान में 25 दिनों के बेसिक खर्च करीब 90,271 रुपये पहुंचे
- इस रकम में खाना और रोजमर्रा की ग्रॉसरी शामिल नहीं थी
- देव विजय वर्गीय ने कहा खर्च ज्यादा है लेकिन सैलरी भी भारत से ज्यादा है
जापान में बेहतर सैलरी मिल सकती है, लेकिन वहां बसने का शुरुआती खर्च काफी तेजी से बढ़ सकता है। जापान में रहने वाले भारतीय देव विजय वर्गीय ने इंस्टाग्राम पर अपने पहले 25 दिनों का खर्च साझा किया। उनके मुताबिक सिर्फ बेसिक खर्चों पर करीब 1.5 लाख येन यानी लगभग 90,271 रुपये खर्च हो चुके थे, जबकि इसमें खाने और रोजमर्रा की ग्रॉसरी शामिल नहीं थी।
25 दिन में ही बजट पार
देव विजय वर्गीय ने बताया कि उनकी पहली महीने की सैलरी अभी आई भी नहीं थी, लेकिन जापान में उनका बजट पहले ही पार हो चुका था।
उन्होंने अपने खर्च में किराया, बिजली, गैस, पानी, वाई-फाई, सिम, ट्रांसपोर्ट और दूसरी जरूरी चीजें शामिल कीं। इन सबको जोड़ने पर खर्च करीब 1.5 लाख येन पहुंच गया।
एक महीने से पहले ही दसवां बिल
वर्गीय ने बताया कि वह अपना खर्च तब जोड़ने बैठे, जब उनके मेलबॉक्स में एक और बिल आया। उन्होंने कहा कि जापान में अभी एक महीना भी पूरा नहीं हुआ था और उन्हें दसवां बिल मिल चुका था।
उन्होंने यह भी साफ किया कि करीब 90 हजार रुपये के इस खर्च में खाना और रोजमर्रा का राशन शामिल नहीं है, जबकि उनके मुताबिक यही सबसे बड़ा खर्च है।
दूध से लेकर फल तक महंगे
वर्गीय ने जापान और भारत में रोजमर्रा की कुछ चीजों की कीमतों की तुलना भी की। उनके मुताबिक जापान में एक लीटर दूध करीब 168 रुपये का है, जबकि भारत में इसकी कीमत लगभग 50 रुपये है।
ब्रेड करीब 100 रुपये, चार अंडे 120 रुपये, दो प्याज 150 रुपये, एक टमाटर 53 रुपये, एक खरबूजा 350 रुपये और तीन केले करीब 120 रुपये के बताए गए।
खर्च ज्यादा लेकिन सैलरी भी ज्यादा
हालांकि वर्गीय ने कहा कि जापान के खर्च को अकेले नहीं देखना चाहिए। उनके मुताबिक वहां रहने की लागत ज्यादा है, लेकिन भारत की तुलना में सैलरी भी अधिक है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस खर्च के बदले साफ-सुथरा माहौल, शांति, हरियाली और बेहतर एयर क्वालिटी जैसी चीजें भी मिलती हैं। उनके लिए खर्च के साथ यह देखना भी जरूरी है कि बदले में जीवन की कैसी सुविधाएं मिल रही हैं।

