scorecardresearch

Zee5 ने हटाई दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज'! पंजाब में छिड़ा सियासी घमासान, जानिए क्यों हटी फिल्म

दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज को रिलीज के दो दिन बाद ZEE5 से भारत में हटा दिया गया है। इसके बाद पंजाब में सियासी विवाद तेज हो गया है। SGPC, अकाली दल, आप और कांग्रेस नेताओं ने इस मुद्दे पर अलग-अलग बयान दिए हैं। फिल्म को लेकर आगे क्या फैसला होगा, इस पर सबकी नजर बनी हुई है।

Advertisement

In Short

  • दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज को रिलीज के दो दिन बाद ZEE5 से भारत में हटा दिया गया।
  • SGPC और शिरोमणि अकाली दल ने फिल्म के समर्थन में बयान दिया है।
  • Zee5 ने कहा है कि वह सही प्रक्रिया के जरिए फिल्म को वापस लाने के रास्ते तलाश रहा है।

Diljit Dosanjh Satluj: दिलजीत दोसांझ स्टारर फिल्म 'सतलुज' (Satluj) के ओटीटी रिलीज के महज 48 घंटों में हटा दी गई। Zee5 से इस फिल्म को हटाए जाने के बाद पंजाब में बड़ा राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) और शिरोमणि अकाली दल ने फिल्म के समर्थन में खुलकर आवाज उठाई है।

advertisement

फिल्म पंजाब के उस दौर से जुड़ी बताई जा रही है, जब राज्य उग्रवाद के मुश्किल समय से गुजर रहा था। कहानी एक एक्टिविस्ट के संघर्ष पर आधारित है, जो फर्जी पुलिस एनकाउंटर और गायब हुए लोगों के मामलों को सामने लाने की कोशिश करता है।

Zee5 से क्यों हटी फिल्म?

Zee5 ने इस फिल्म को हटाने की कोई ठोस वजह नहीं बताई। हालांकी Zee5 ने अपने इंस्टाग्राम पर यह जरूर कहा कि वो सतलुज फिल्म और उसकी सोच के साथ है। लेकिन अभी के हालात को देखते हुए फिल्म फिलहाल भारत में नहीं दिखाई जाएगी। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि वो कोशिश कर रहे हैं कि सही तरीके से फिल्म को फिर से दर्शकों तक पहुंचाया जा सके।

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

A post shared by Zee 5 (@zee5)

 

अकाली दल का कड़ा विरोध, फिल्म हटाने पर उठाए सवाल

शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने फिल्म को हटाए जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि *सतलुज* जैसी फिल्म पंजाब के दर्दनाक इतिहास और जसवंत सिंह खालड़ा के बलिदान को सामने लाती है। उनके मुताबिक, इसे इस तरह चुप कराना सिर्फ सेंसरशिप नहीं, बल्कि सच्चाई और अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला है।

SGPC का खुला समर्थन, युवाओं से फिल्म देखने की जोरदार अपील

SGPC के मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मन्नन ने भी फिल्म का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि फिल्म उस दौर की सच्ची घटनाओं को सामने लाने की कोशिश करती है, जब पंजाब कठिन समय से गुजर रहा था। उनके मुताबिक, जसवंत सिंह खालड़ा ने फर्जी एनकाउंटर और गायब होने के मामलों को सामने लाने के लिए लंबी लड़ाई लड़ी थी।

उन्होंने पंजाब के युवाओं से अपील की कि वे यह फिल्म देखें, ताकि उन्हें पंजाब के इतिहास और खालड़ा के योगदान को समझने का मौका मिल सके।

सतलुज विवाद पर नेताओं की तीखी बयानबाज़ी

कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कहा कि इस मुद्दे को राजनीतिक विवाद नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने माना कि उस समय पंजाब में कांग्रेस सरकार थी, लेकिन उनके मुताबिक अगर कोई फिल्म सच्ची घटनाओं पर आधारित है, तो उसे उसी रूप में देखा जाना चाहिए।

advertisement

ये खबर पढ़ना ना भूलेंजमकर फिल्में देख रहे लोग! 2026 की पहली छमाही में मल्टीप्लेक्स का चमका कारोबार, 21% बढ़ी कमाई

वहीं पंजाब के मंत्री और आप नेता अमन अरोड़ा ने कहा कि फिल्म काफी समय से चर्चा में है, लेकिन इसके कंटेंट को लेकर पूरी जानकारी सबके पास नहीं है। उन्होंने कहा कि इतिहास में अच्छी और बुरी दोनों घटनाएं होती हैं, लेकिन बातों को ऐसे सामने लाना चाहिए, जिससे भाईचारे और एकता को नुकसान न हो।

दिलजीत दोसांझ ने क्या कहा?

दिलजीत दोसांझ ने इंस्टाग्राम पर फिल्म से जुड़ी एक तस्वीर शेयर की और लिखा, “I challenge the darkness”। उन्होंने पंजाबी में यह भी लिखा कि जो सतलुज के साथ हुआ, वही शहीद जसवंत सिंह खालड़ा के साथ भी हुआ था।

आखिर कौन थे जसवंत सिंह खालड़ा, जिनकी कहानी ने मचा दिया बवाल?

फिल्म जसवंत सिंह खालड़ा की जिंदगी पर बनी है। वो पंजाब के लोगों के हक के लिए लड़ने वाले इंसान थे। उन्होंने उन मामलों को सामने लाने की कोशिश की, जिनमें लोगों के फर्जी एनकाउंटर और चुपचाप अंतिम संस्कार कर दिए गए। उनका जन्म 1952 में अमृतसर के खालड़ा गांव में हुआ था। शुरुआत में वो बैंक में नौकरी करते थे, लेकिन बाद में पूरी तरह लोगों के हक के लिए काम करने लगे।

advertisement

इस फिल्म का पहले नाम Punjab 95 था। इसे 2022 में CBFC के पास भेजा गया था, लेकिन ये करीब तीन साल तक अटकी रही। मेकर्स का कहना था कि CBFC ने इसमें 127 कट लगाने को कहा था। बाद में फिल्म *सतलुज* नाम से 3 जुलाई को Zee5 पर रिलीज हुई।