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दिल्ली जिमखाना क्लब विवाद में केंद्र को नोटिस, 27.3 एकड़ जमीन खाली कराने के मामले पर हाई कोर्ट में सुनवाई

दिल्ली जिमखाना क्लब विवाद में केंद्र के उस पुराने आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें क्लब को परिसर खाली करने का निर्देश दिया गया था। इसी मामले से जुड़े पहले से लंबित मुकदमों में ये अर्जियां दाखिल की गई हैं।

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Delhi Gymkhana Club
AI Image: Delhi Gymkhana Club

In Short

  • दिल्ली जिमखाना क्लब विवाद में केंद्र को हाई कोर्ट का नोटिस
  • जिमखाना क्लब की 27.3 एकड़ जमीन पर नया मोड़, केंद्र से जवाब तलब
  • दिल्ली जिमखाना क्लब केस में हाई कोर्ट ने केंद्र को भेजा नोटिस
  • लुटियंस दिल्ली की जमीन पर विवाद, जिमखाना क्लब मामला कोर्ट पहुंचा

दिल्ली जिमखाना क्लब विवाद में दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस क्लब के सदस्य विजय खुराना और क्लब के स्टाफ वेलफेयर एसोसिएशन की अर्जियों पर जारी हुआ है। इन अर्जियों में एस्टेट ऑफिसर के उस ‘कारण बताओ नोटिस’ को चुनौती दी गई है, जो लुटियंस दिल्ली में क्लब की 27.3 एकड़ जमीन को खाली कराने की कार्यवाही से जुड़ा है।

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हाई कोर्ट ने 28 जुलाई को रखी अगली सुनवाई

‘मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ये अर्जियां उन पहले से लंबित मुकदमों में दाखिल की गई हैं, जिनमें केंद्र के उस आदेश को चुनौती दी गई है जिसमें दिल्ली जिमखाना क्लब को परिसर खाली करने का निर्देश दिया गया था। जस्टिस अवनीश झिंगन की बेंच ने मामले की अगली सुनवाई 28 जुलाई को तय की है। केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा था। उनके साथ वकील आशीष दीक्षित भी पेश हुए।

29 जून के नोटिस में क्या कहा गया?

‘हिंदुस्तान टाइम्स’ की रिपोर्ट के अनुसार, 29 जून को ‘पब्लिक प्रीमिसेस एक्ट, 1971’ के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इसमें क्लब के प्रतिनिधि को 7 जुलाई या उससे पहले पेश होकर यह बताने को कहा गया था कि पहले दिए गए बेदखली आदेश के आधार पर आगे की कार्रवाई क्यों न की जाए। नोटिस में कहा गया कि 22 मई को क्लब की लीज खत्म हो गई थी। इसके बाद लीज डीड के तहत सरकार ने दोबारा कब्जा लेने के अधिकार का इस्तेमाल किया। ऐसे में क्लब का कब्जा जारी रहना एक्ट के तहत “अनधिकृत कब्जा” माना जाएगा।

रक्षा और सार्वजनिक सुरक्षा का हवाला

नोटिस में कहा गया कि इस जमीन की जरूरत रक्षा बुनियादी ढांचे, सार्वजनिक सुरक्षा, शासन से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और जनहित से जुड़े दूसरे प्रोजेक्ट्स के लिए है। 22 मई को केंद्र ने क्लब को निर्देश दिया था कि वह 5 जून तक 2, सफदरजंग रोड स्थित परिसर लैंड एंड डेवलपमेंट ऑफिस को सौंप दे। केंद्र ने अपने आदेश में कहा था कि यह प्रॉपर्टी एक “बहुत संवेदनशील और रणनीतिक इलाके” में है।  अपनी अर्जी में विजय खुराना और स्टाफ वेलफेयर एसोसिएशन ने कहा कि 29 जून का नोटिस गलत और जल्दबाजी में निकाली गई धारणाओं पर आधारित है, क्योंकि 22 मई के नोटिस को चुनौती देने वाला मामला हाई कोर्ट में पहले से लंबित है।

इस जमीन को क्लब को 1928 में हमेशा के लिए लीज पर दिया गया था। लीज डीड की धारा 4 के तहत केंद्र सरकार सार्वजनिक उद्देश्य के लिए इस जगह पर दोबारा कब्जा कर सकती है। दिल्ली जिमखाना क्लब की स्थापना 1913 में इंपीरियल दिल्ली जिमखाना क्लब के तौर पर हुई थी।