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कैबिनेट में आज बड़े फैसले संभव, वाराणसी को मिल सकती है 25000 करोड़ की सौगात

वाराणसी को आज बड़ी सौगात मिल सकती है। कैबिनेट बैठक में 25,000 करोड़ रुपये के रोड प्रोजेक्ट, 89 किलोमीटर एलिवेटेड नेटवर्क और गंगा-वरुणा कॉरिडोर पर फैसला संभव है। पढ़ें पूरी खबर ।

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AI Generated Image

In Short

  • केंद्रीय कैबिनेट वाराणसी के लिए करीब 25,000 करोड़ रुपये के मेगा रोड प्रोजेक्ट को मंजूरी दे सकती है।
  • 89 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड नेटवर्क और गंगा कॉरिडोर से एक घंटे का सफर 20 मिनट में पूरा होने का दावा है।
  • यूरिया सेक्टर की नई निवेश नीति से घरेलू उत्पादन बढ़ाने और किसानों को समय पर खाद देने की तैयारी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी को आज बड़ी सौगात मिल सकती है। केंद्रीय कैबिनेट की अहम बैठक में वाराणसी के लिए करीब 25000 करोड़ रुपये के बड़े रोड प्रोजेक्ट को मंजूरी दिए जाने की संभावना है। इस योजना में 89 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड रोड नेटवर्क और गंगा तथा वरुणा कॉरिडोर शामिल हो सकते हैं।

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इस प्रोजेक्ट का मकसद वाराणसी में ट्रैफिक की परेशानी को कम करना और शहर के अलग अलग हिस्सों के बीच आने जाने को आसान बनाना है। इससे स्थानीय लोगों के साथ वाराणसी आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।

वाराणसी में बनेगा 89 किलोमीटर का एलिवेटेड रोड नेटवर्क

करीब 25000 करोड़ रुपये के इस प्रस्ताव के तहत वाराणसी में 89 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड रोड नेटवर्क बनाने की तैयारी है। इसके बनने से शहर की सड़कों पर गाड़ियों का दबाव कम हो सकता है।

वाराणसी में कई जगह लोगों को लंबे ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ता है। नया एलिवेटेड रोड नेटवर्क शुरू होने के बाद लोगों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचने में कम समय लग सकता है। इससे शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।

गंगा और वरुणा कॉरिडोर को मिल सकती है मंजूरी

इस बड़े प्लान में गंगा कॉरिडोर और वरुणा कॉरिडोर भी शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार इन दोनों प्रोजेक्ट को मंजूरी दे सकती है।

इन कॉरिडोर के बनने से शहर के अंदर सफर आसान होगा और मुख्य इलाकों के बीच संपर्क बेहतर हो सकता है। इससे रोजाना सफर करने वाले लोगों को भी जाम और लंबी दूरी की परेशानी से राहत मिलने की संभावना है।

एक घंटे का सफर 20 मिनट में होगा पूरा

इस योजना की सबसे बड़ी खासियत गंगा कॉरिडोर को माना जा रहा है। दावा है कि इस कॉरिडोर के शुरू होने के बाद जिस सफर को पूरा करने में अभी करीब 60 मिनट लगते हैं वह सिर्फ 20 मिनट में पूरा हो सकेगा।

इससे स्थानीय लोगों के साथ साथ देश विदेश से वाराणसी आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों का समय भी बचेगा। शहर के प्रमुख हिस्सों तक पहुंचना पहले से ज्यादा तेज और आसान हो सकता है।

यूरिया सेक्टर में नई निवेश नीति की तैयारी

कैबिनेट की बैठक में यूरिया सेक्टर से जुड़े बड़े फैसले भी लिए जा सकते हैं। सरकार इस सेक्टर के लिए नई निवेश नीति को मंजूरी दे सकती है। इसका मकसद भारत में यूरिया का उत्पादन बढ़ाना है।

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इसके अलावा वित्त वर्ष 2026 27 के लिए यूरिया सब्सिडी जारी रखने की मंजूरी भी मिल सकती है। अभी भारत अपनी सालाना यूरिया जरूरत का करीब 26 फीसदी हिस्सा विदेशों से मंगाता है।

सरकार का मानना है कि नई नीति से घरेलू उत्पादन बढ़ेगा और यूरिया के लिए विदेशों पर निर्भरता कम होगी। अनुमान है कि अगले 6 से 8 साल में सालाना सब्सिडी पर करीब 9000 करोड़ रुपये की बचत हो सकती है। इससे किसानों को समय पर खाद मिलने में मदद मिलेगी और सरकार पर खर्च का बोझ भी कम होगा।