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AI से खत्म होंगी नौकरियां या बढ़ेंगे मौके? Infosys के Co-founder ने बताया आगे क्या होगा

AI के बढ़ते इस्तेमाल के बीच नौकरियां खत्म होने का डर भी बढ़ रहा है। लेकिन Infosys के Co-founder Kris Gopalakrishnan का मानना है कि AI जितनी नौकरियां खत्म करेगा, उससे ज्यादा नए मौके पैदा कर सकता है। उन्होंने Geoffrey Hinton की radiologists को लेकर पुरानी भविष्यवाणी का उदाहरण भी दिया।

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In Short

  • Infosys के Co-founder Kris Gopalakrishnan का मानना है कि AI से नई नौकरियों के मौके भी बढ़ सकते हैं।
  • Geoffrey Hinton ने 2016 में AI के कारण radiologists की जरूरत घटने की भविष्यवाणी की थी।
  • AI की मदद से medical scans तेज और सस्ते हुए, जिससे radiology services की मांग बढ़ गई।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को लेकर नौकरी जाने का डर लगातार बढ़ रहा है। कई कंपनियों में restructuring और job cuts के बीच AI को भी इसकी एक बड़ी वजह माना जा रहा है। खासकर युवा कर्मचारियों के बीच यह सवाल आम है कि आने वाले समय में AI कहीं उनके करियर के मौके कम तो नहीं कर देगा। लेकिन Infosys के cofounder Kris Gopalakrishnan की सोच इससे अलग है। उनका मानना है कि AI जितनी नौकरियां खत्म करेगा, उससे ज्यादा नए अवसर भी पैदा कर सकता है।

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Kris Gopalakrishnan ने क्या कहा?

Kris Gopalakrishnan ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर AI pioneer Geoffrey Hinton के एक वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, “Seeing this in other areas too. AI is creating more jobs than we lose to AI.”

यानी उनका कहना है कि सिर्फ एक सेक्टर नहीं, बल्कि दूसरे क्षेत्रों में भी यही ट्रेंड देखने को मिल रहा है कि AI के आने से कुछ काम ऑटोमेट जरूर हो रहे हैं, लेकिन उसके साथ नए काम और नई जरूरतें भी पैदा हो रही हैं।

Geoffrey Hinton की पुरानी भविष्यवाणी क्यों चर्चा में है?

साल 2016 में Geoffrey Hinton ने कहा था कि लोगों को radiologist बनने की ट्रेनिंग शायद नहीं लेनी चाहिए, क्योंकि AI जल्द ही medical scans को इंसानों से बेहतर पढ़ने लगेगा। उनका अनुमान था कि करीब पांच साल में radiologists का scans पढ़ने का काम काफी हद तक खत्म हो सकता है।

लेकिन करीब एक दशक बाद ऐसा नहीं हुआ। Hinton अब मानते हैं कि उनकी भविष्यवाणी समय से काफी पहले थी।

AI ने काम कम नहीं किया, scans की संख्या बढ़ा दी

Hinton के मुताबिक, उन्होंने उस समय यह नहीं सोचा था कि AI की मदद से scans को पढ़ना तेज और सस्ता हो जाएगा। जब medical imaging सस्ती हुई, तो scans की संख्या भी बढ़ गई। इसका मतलब यह हुआ कि radiology services की मांग घटने के बजाय बढ़ गई।

AI radiologists को scans तेजी से समझने में मदद कर रहा है, लेकिन इससे यह जरूरी नहीं कि radiologists की जरूरत खत्म हो जाए।

Radiologist सिर्फ scan नहीं पढ़ते

Hinton ने यह भी माना कि उन्होंने radiologists के काम को पहले काफी सीमित तरीके से समझा था। Radiologists केवल scans की रिपोर्ट नहीं देखते, बल्कि मरीजों और दूसरे doctors से treatment को लेकर बातचीत भी करते हैं।

उनका मानना है कि भविष्य में scans पढ़ने का बड़ा हिस्सा AI संभाल सकता है। इसके बावजूद मुश्किल मामलों में radiologists की जरूरत बनी रह सकती है और उनके दूसरे काम भी खत्म नहीं होंगे।

यही उदाहरण Kris Gopalakrishnan के तर्क को मजबूत करता है। उनका मानना है कि AI किसी नौकरी के एक हिस्से को बदल सकता है, लेकिन इससे पूरी profession खत्म होना जरूरी नहीं है। इसके उलट technology के कारण उस service की demand बढ़े, तो नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।

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